00:00हमारे गीता फत्रों में भी हजारों लोग है आईटी इंडस्ट्री से और इतने ही नहीं है अपनी संस्था में आपकी
00:08आईटी टीम में मेरे ख्याल से बहुत से लोग हैं जो अपनी बैंगलोर की जॉब ठोड़ करके हमारे पास आए
00:18हुए अब यह देखिए यह शोर सुनिये
00:20सुनाओ वहीं प्रसाद सब को ही है जैसे उसे नम्रों यहां पर अभी आवाज आती आएगी नहीं साफ में प्रसाद
00:36जाना है पब में हां तुभी तो बैंगलोर बॉय है
00:48यह घेर के रखेगा आपको तीस की उमर कर अज वीकेंड भी नहीं है आज वीकेंड भी नहीं है वीकेंड
00:55पर तो यहां पर आओ तो चलने की जगह नहीं मिलेगी
01:00और तीस का होते होते आप अपनी कुरानी जिन्दगी में इतनी ज्यादा जंजीरे खड़ी कर चुके होगे कि आपके लिए
01:13संभब नहीं होगा
01:14कुछ आजाएंगे अभी हम कही रहे थे आपके आईटीटी में भी बहुत सारे आये हुए हैं वह आजारी यहां की
01:21इतनी इमानदारी थी कि स्विकार कर पाएंगी जिन्दगी लात मार रही है ज्यादा तर लोगों में वह होती नहीं है
01:34जिम्मेदारी तो जब तक एकदम
01:37एकदम केटकलिस्मिक क्राइसिस ना आ जाए वो मानेंगे ही नहीं क्यों गलत जी रहे हैं और उस तरह की एक
01:46बिलकुल जबरदस्त क्राइसिस से बचाने के लिए जो मॉडरन लाइफ है जो मॉडरन इंडस्ट्रियल सोसाइटीज हैं उन्होंने बहुत सारे सेक्यूरिटी
02:01�
02:01नेक्स बना लिए हैं उन सेक्यूरिटी नेट से कारण आपको कभी पता नहीं खिलता कि आप कितनी हद तक डूबे
02:08हुए हो क्राइसिस में आप आपको कभी सिंक नहीं करने दिया जाता आप एक बहुत सप्रेस्ट जिन्दगी जी होगे
02:23जो सिंक कर रहा होता है उसको फिर समझ में आता है कि पूरी सिंदगी का ये नतीजा निकला है
02:29तो वो नहीं होने दिया जाता है
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