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Transcript
00:00मुझे तो लगता है मैं हूँ, मैं माने हंकार, मुझे लगता तो है कि मैं हूँ
00:04जब तक अपने आपको मान रहे हो तुम जो कुछ भी कि मैं ये हूँ, मैं ऐसा हूँ, मैं वैसा
00:10हूँ, मैं ये हूँ
00:10तो जो कुछ भी अपने आपको मान रहे हो
00:12पुछो अपने आपसे इस दावे की जाँच पड़ताल कैसे की जाए
00:17मानूगा तो नहीं
00:18मैंने अग जैसी अपने आपको परसीव कर लिया
00:21कि मैं तो कुछ हो चुका हूँ यार
00:22यह इसलिए कहता है साथ एलीज क्लास की सवालों में आता है
00:25कि भाया मेरा परपस ओफ लाइफ
00:27इतनी हुमिलिटी लगती है
00:29कि महराज गुरुजी
00:30मैं अपने जीवन का उदेश नहीं जानता
00:33किरपया मुझे प्रकाशित करें
00:35तू हमबल आदमी नहीं है
00:37तू नलायक आदमी है
00:38तू बहुत नलायक है
00:39तू दिखाई ये रहा है कि जैसे तू नहीं जानता
00:42लेकिन सही बात ये है
00:44कि तू किसी बात को
00:47लेकर एकदम अड़ा हुआ है
00:49और वहाँ तू कोई हुमिलिटी दिखाने नहीं वाला
00:51वहाँ अगर गुरु जी ने बोल दिया
00:54किसके जीवन का उदेश है
00:55जीव तो मिथ्या है
00:58तो तू गुरु जी से काओगी
00:59ये ना ये फालतू की बात बहुत करते है
01:01कुछ परपस और बताते है
01:03उचे काम करो, अच्छे काम करो
01:04समाज में नाम कमाओ, नोबल प्राइस पाओ
01:06दुनिया में प्यार बाटो
01:09क्योंकि मैं कुछ हूँ
01:10दुनिया में प्यार बाटने से भी यही सिद्ध होता है
01:13कि मैं तो कुछ हूँ, अंकार मुस्कुरा गया
01:18तो जीवन का उदेश्य पूछोगे
01:35यह सवाल जो है साजिश है, ताकि असली सवाल छुपा रह जाए है
01:40वाह, जैसा आपने इस पे बहुत, माशाललह बहुत खुबसूरत धंक से समझाया
01:44कि में सवाल जो है, वो परपस ओफ लाइफ कर निये, वो
01:47वो एम आई का आजाएगा, और जैसी अपने आपको समझना चालू करेंगे, तो हम जो अब तक सोचेते हम कुछ
01:55हैं, वो कुछ ना रहके, शायद एकाकार यह सूपर इंपोस में पहुंच जाएंगे दुनिया के साथ, आईगेस
01:59The seer does not survive the seeing
02:04वह, ऐसा नहीं है, खुद को खोजने निकलोगे तो बदल जाओगे, बचोगे ही नहीं
02:09हाँ
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