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भारतीय राजनीति में एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि BJP को 362 सांसदों की जरूरत क्यों बताई जा रही है? हाल ही में TMC और Shiv Sena UBT से जुड़ी राजनीतिक हलचलों के बाद विपक्षी खेमे में अस्थिरता की चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच “Operation Lotus” और सत्ता विस्तार की रणनीति को लेकर नए दावे सामने आ रहे हैं। क्या यह सिर्फ राजनीतिक अनुमान है या आने वाले चुनावों की बड़ी तैयारी का संकेत? इस वीडियो में जानिए BJP की रणनीति, विपक्ष की स्थिति और भारतीय राजनीति का पूरा विश्लेषण।

A new political debate has emerged in Indian politics around claims of BJP’s “Mission 362 MPs” strategy. Following recent political developments involving TMC and Shiv Sena UBT, discussions about opposition instability and possible realignments have intensified. Speculation around “Operation Lotus” and BJP’s expansion plans has further fueled the political narrative. Is this part of a larger electoral strategy or just political interpretation? In this video, we break down the claims, current political scenario, opposition dynamics, and what this could mean for the future of Indian politics.

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Transcript
00:00महराश्ट में चार साल के बाद एक बार फिर से उद्धो ठाकरे की पार्टी तूट गई है
00:05उद्धो बाला साथ ठाकरे वाली शियुसेना के नौ में से छे लोग सबा के सांसद बागी हो गए हैं
00:12बकायदा स्पीकर से मुलाकात कर शिंदे गुट वाली शियुसेना में विले की बात भी कह दी है
00:17उद्धर शियुसेना के जो बचे हुए लोग सबा के सांसद हैं उन्होंने आज दिल्ली में प्रिसवारता की
00:23इस दोरान उद्धर ठाकरे के काफी करीबी माने जाने वाले राजसभा के सांसर
00:27संजे राउत ने इन बागी सांसदों पर कई गंभी आरोप लगाए
00:30पचास-पचास करून रुपे में बिकने का दावा किया इसके साथ ही गाली भी दी है
00:36गाली देती वक्त उन्होंने कहा है किसे कट मत कीजिएगा सीधे चलाना है आपको उन्हें सुनाना है आपको जिनोंने दोखा
00:44दिया है
00:44ऐसा संजे राउत को कहना है शुर्षेना में हुई इस तूट के बाद कई सारे सवाल उठ रहे हैं
00:49जैसे अभी हाल ही में टीमसी में भी तूट हुई है 20 लोगसभा के सांसद दूसरी पार्टी में जाकर शामिल
00:53हुए है
00:54बीजेपी ऐसा कुछ करके क्या करना चाह रही है इसको लेकर भी लोगों के मन में सवाल आ रहे है
00:59NDA इसके पीछे उसकी क्या रहनिती हो सकती है क्या दोती हाई बहुमत जुटाया जा रहा है लोगसभा में
01:04और अभी दोती हाई बहुमत जुटाने के लिए जो बचे लोगसभा के सांसद हैं उनकी भरपाई के लिए क्या किसी
01:11और दल में भी तूट हो सकती है
01:13ऐसी भी चर्चायं सियासी गल्यारों में हो रही है
01:16तो ये शिव सेना में दूसरी बार तूट कैसे हुई
01:19क्यों हुई इसके पीछे क्या रनीति है
01:21क्या offer दिये गए
01:22किस का हात है किस का दिमाग है
01:24और भविश्श में और किंदलों में तूट हो सकती है
01:33इसके साथ ही शिवेन गौर जी भी हमारे साथ जुडने वाले हैं
01:43हमारे साथ इस बातचीत में शामिल होंगे जो रादनीतिक विशलेशक हैं
01:47सबसे पहले मैं शुरुआत करूँगा केशो जी हमारे साथ है
01:50केशो जी इस तूट की पटकथा कब लिखी गई इसके पीछे कौन है
01:55इस तूट की पटकथा कब लिखी गई ये एकजेक्टली बताना तो मुश्किल है
02:00लेकिन अभी जो सरकार चल रही है केंदर में खास कर
02:04वो ऐसी पटकथाएं लिखती रहती है
02:07कौन जानता था कि पस्चिम मंगाल का चुनाव परिणाम आएगा और महज एक महीने के अंदर पार्टी तीन टुकड़े हो
02:14जाएगी
02:14मैं तीन टुकड़े इसलिए कह रहा हूँ कि एक टुकड़े तो NCPI में चले गए
02:18एक टुकड़े जो छोटा सा है ममताव एनरजी और अवशिक वेनरजी के साथ वो रह गया
02:24और एक बड़ा टुकड़ा दूसरा त्रिनमूल हो गया जिसका मामला अभी कोट में लंबित है
02:31तो यह पटकथाएं लिखी जाती रहती है हमेशा मेरे ख्याल से और इस पटकथा के सुत्रधार
02:39सिवसेना गुट में कौन है सिवसेना यूबीटी में कौन है यह जग जाहिर है उनका नाम आ गया है देशमुक
02:45का नाम लिया जा रहा है
02:46लेकिन सवाल है क्या संजे देशमुक इतने बड़े नेता है कि वो इतनी बड़ी फिल्म की पटकथा लिख सकते है
02:54यह नाट की यह जो घटना करम हो रहा है
02:57इसकी पटकथा लिखने वाला कोई सिद्धहस्त कलाकार ही होगा मेरे ख्याल से मैं और आप जिसका नाम अभी नहीं लेना
03:03चाह रहे हैं हमारे दर्शक उनके चेहरे को अच्छी तरह समझ रहे होंगे
03:10किसकी ये कवायद हो सकती है और सबसे बड़ा सवाल है कि किसी की भी हो
03:15अगर देखे TMC के मामले में भी कई सारे सुत्रभार बताये जा रहे हैं
03:19भुपेंदरियादव बताये जा रहे हैं निशिकांत दूवे बताये जा रहे हैं
03:22और भी कई लोग हैं लेकिन ये सारी रन्नीतियां बंती कहां है
03:27तो सब जानते हैं कहां बंती है
03:29obviously ये सारी रणनीतियां जहां बनती है वो भारत की केंद्रिय डाजनीती में अभी किसी पहचान के महताज नहीं है
03:40वो बहुत बरी शक्सियत है और उनको इस चीज का मास्टर भी समझा जाता है
03:45लेकिन सबसे एहम सवाल है कि ये हो क्यों रहा है आखिर निशाने पर क्या है प्रश्चि मेंगाल में इनके
03:51प्रशेंटर बहुमत से पहली वार सत्ता मिली थी आराम से राज करते वहाँ पर सास्तन चलाते लेकिन सरकार भी भारतिय
04:00जनता पार्टी की होनी चाहिए और विपक्
04:14किया जा रहा है और महरास्ट में इसलिए भी आसान था क्योंकि महरास्ट में पहले से ही सिवसेना के दो
04:20धर्य हो चुके थे एक एकनाथ शिंदे के नेत्रित में सिवसेना का बड़ा हिस्सा आ गया था हलांकि लोग सभा
04:28में जादा सांसद यूवीटी के पास थे लेकिर अ�
04:36कहना यह चाहता हूं कि शिवसेना के लिए तो एक ब्रिज पहले से ही था वहाँ पर एकनाथ शिंदे थे
04:42कई सारे लोग थे संजय निरूपम है अनेक लोग थे जो सिवसेना मतलब जो एक संजुक्त सिवसेना थी उसमें थे
04:49अब अलग ग्रूप आ गया तो समवाध हिंता त
05:06निशाने पर जिसमें लोग सभा में सांसुदों के संख्यां बढ़ाय जाने का प्रस्ताव है क्या निशाने पर अगले साल होने
05:13वाला रास्टपती चुनाव भी है क्योंकि अभी अगर देखें तो क्यंद्र में भारतिय जन्ता पार्टी को समर्थन की जरूरत पढ़ेगी
05:22अपने मन मुताबिक रास्टपती उमिद्वार को जितवाने के लिए तो क्या ये सारी कावाय दूस के लिए चल रही है
05:29हम सब को सोचना होगा यहां पर और इसका विशलेशन करना होगा समझना होगा चीजों को क्यों हो रहे है
05:35परत दर परत हलागी चीज़े खुल रही है �
05:37लेकिन एक चीज़ तो जाहिर है कि भारतिय जनता पार्टी के रुकने वाली लगने ही रही है आप जैसा की
05:43कह रहे हैं टू थार्ड मैजरिटी के लिए इन्हें कुछ और सांसुदों की जरूरत है करीब 36 और सांसुदीने चाहिए
05:49वो 36 में से 6 का जुगार यहां पर अभी ह
05:52हो रहा है आगे देखने वाली बात होगी कि और कहां से आते हैं मिलकूर क्या उत्तर प्रदेश आते हैं
05:58कहा तो यह भी जा रहा है कि दक्षिन में डोडे डाले जा रहे हैं अब सवाल यहां पर सिर्फ
06:03लोग सभा सांसुदों का नहीं है वैभव इन्हें राज सभा में भी �
06:07संख्या मरानी है तो यह राज्यों के अस्तर प्रविजेसा की वपस्टि मेंगौल में हुआ हो सकता है कि आने वाले
06:13समय में हम इसे उत्तर प्रदेश में देखें हो सकता है इसे हम तेलंगाना और करनाटक में भी देख सकते
06:19हैं चाले चली जा रही है मोहरे विछाय जा रहे
06:23हैं और कभी भी किसी की गोटी काटी जा सकती है बिलकुल अपने दर्शकों को हम बता दें कि
06:29जैसा कि केशो जी अभी बता रहे थे कि BJP के पास लोगसभा में खुद का बहुमत नहीं है
06:34240 लोगसभा सांसद ही है लेकिन NDA के पास बहुमत है और जब TMC के 20 सांसद आ गये हैं
06:40तो BJP और जादा ही भरोसे में आ गई होगी उसकी निर्भरता TDP और GDU पर थोड़ा कम होई होगी
06:46लेकिन फिर भी है टूट जारी है इसलिए लोग सवाल उठा रहे हैं और वो पिछले 75 दिनों का हवाला
06:51दे रहे हैं
06:52क्योंकि बीते 75 दिनों में 27 सांसदों ने पाला बदला है लोगसभा और राजसभा के मिला कर
06:58सबसे पहले 24 अपरेल को 10 में से 7 राजसभा के सांसद आम आदनी पारटी के छोड़ते हैं
07:04BJP में चले जाते हैं उसके बाद फिर 8 जून के बाद हलचल मस्ती है TMC में
07:10उनके 28 लोगसभा सांसदों में से कई लोगसभा के सांसद भोपें जादों से मिलते हैं
07:15फिर बाद में पता चलता है कि बीच सांसदों ने अपना एक गुट बनाकर वो किसी और दल में शामिल
07:20होने जा रहे हैं और उसके बाद अब ये शिवसेना UBT को लेकर खबर आई है
07:2475 दिनों में 27 सांसद पाला बदल चुके हैं इसलिए लोग ये जो घटना करम हो रहा है इसकी गंभीरता
07:32को लेकर इशारा कर रहे हैं कि कुछ बड़ा होने वाला है हो सकता है संसद के अगले सत्र से
07:37पहले NDA दो तिहाई बहुमत जुटा रही है
07:40अगले महमान की और चलते हैं मस्ता शिवन जी जुड़े हुए है शिवन जी ये जो कुछ हो रहा है
07:46आप इसे कैसे देख रहे हैं शिवसेना की और से कहा जा रहा है कि करोनों रुपे के ओफर दिये
07:53गए सीधे बीजेपी का केंद्रियाला कमान इसमें शामिल है और संजे र
08:08जाउत का अपना कहना अपनी जगह ठीक है उन्हें जिस तरह की जंजराट बिल्बिलाट बगएरा है वो जायड़ है क्यों
08:13कि उनके बिदल में लगातार तूटोना और लगातार पिछड़ना लाए बैबब इस समय सिवसेना के लिए ये लगातार बड़ा जाए
08:21दोजर बा
08:35अपनी जो मूल विचारधारा है उससे हट करके जगह ठीक है जिवसेना ने जब से बीजेपी के साथ से गड़
08:43बंदन तोड़ा तब से लगातार आरोप लगते भी रहे और यह साब देखता भी रहा कि जो राज़ीती बाला साब
08:50शाक्रे की उस राज़ीती करने लगे उद
09:04हम उसको लेकर चल रहे कि उनके लिए तोड़ना आसान है तो सबसे बड़ी में मान के चलता हूं सिवसेना
09:18को उसी दिन पहले आपने केसब जी से पूचा था उन्हें जवाब बिल्कुलिया समय तो बताना मुस्किले की सांसर्थ वाली
09:24पटकता कब लिगी गई
09:26लेकिन सचा ही यह है कि जवसेना अपने वाला साथ ठाकरे के जो आजरस बाद जो भी उनकी आईगिलोजी थी
09:34उसने हटते जब उसने रास्टे बदलना सुरू करे तभी से इसमें तूटका अंदेशा हो गया था हालागि समय लगा उसका
09:41परणाम आपको देखने में दूसर
09:55साथ अब दिक्का के आने वाले समय में लगातार चुनाओ है आस्तों से पंजाग का चुनाओ और चुनाओ ही चुनाओ
10:03है आगया महत्कूर है वीजेपी दुवारा 240 के आंकड़ों की तरफ नहीं रुपना चाहिए पर चुनाओ के और बड़ी दूसरी
10:12बात देश में अर्�
10:25हो गया तो इसका समाधान निकालने के लिए सबसे होते हैं कुछ रिमोशनल मुद्धे जो भाद्षी अजिता पार्ड़ी का एजेंडे
10:32में उसमें हाला कि देखिया इस समय वह राज सवा में की बहुमत पे पहुंच गए वहां पर पोई दिक्कत
10:38नहीं अंकड़ा हो गया ज
10:52जैसे महला बिल को दुबारा ला करके उस पर आगे बढ़ने की बात हो रही है कई और है जन
10:59संक्या नेंतर कानूं की तरफ बात हो रही है तो यह सारी सीजिए अब जो है वो एजेंड़ा है जो
11:06पिछती सारे मुद्धित की राम मंदिर निबढ गया तींचों सब्तर निब�
11:22गया है और यह राजनीती में होता है अब यह कैसे हो तस बे या ज्जे अव्ड कि नहीं मतलब
11:29गपी नहीं है अब राजनीती में आप इडे जंटा को जोड़ ऊस्पर कर सकते हो लेकिन अगर उस एडिजी के
11:37लिए बिल्कुर
12:02बिलकुल जी अभी हम बात करें थे किसके पीछे किसका दिमाग हो सकता है
12:07पटकता कौन लिख रहा होगा अगले सवाल की और बढ़ते हैं केशो जी मेरा आप से सवाल होगा कि हमेशा
12:14उद्धो गुट के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है टीमसी के साथ चलो हमने माल लिया कि उनके हाँ
12:18से सत्ता गई और बंगाल के जाद निती ही वैसी है कि सब लोग सत्ता
12:35गे थी उनकी वो जब मुख्यमंत्री थे और चार साल के बाद फिर से तूट गई इसके पीछे क्या वज़ा
12:40हो सकती अभी मैं संजनी रूपम का बयान सुन रहा था था वो पहले बाला सार ठाकरे की जमान में
12:44शिवसेना में थे वो कह रहे थे कि अब ही जिनके हाथों में श
13:05कुछ हद तक सही भी है लेकिन क्या इसी फॉर्मूले से पार्टी यां टूट रही है इसी फॉर्मूले से क्या
13:10आमादी पार्टी टूटी है इसी फॉर्मूले से क्या त्रेंड मूल कॉंगर्स टूटा है इन फाक्ट शिवेंद्र जी जो विचार भारा
13:15वाली बात कह रहा ह
13:29और अगर विचारधारा टूट का कारण मनें, जैसे कि सिवसेणा के केस में कहा जा रहा है, कि वो हिंदुतवा
13:34की विचारधारा वाली पार्टी थी, जब तक बाला थाकरे थे तब तक वो हिंदुत की रेखा पर चलती रही, और
13:40अपनी अलग रहा बनाने की कोशिस की, तो लो
13:59ले करके थे उस पर वो उग्रतर तरीके से आगे बढ़ रहे थे और तो और देखिए
14:04TMC की अगर कोई विचारधारा होगी चाहे आप उसे अलपसंख्यक तुष्टी करन कहें
14:08तो उसका सबसे बड़ा ब्रांड एम्वेस्डर इस चुनाव में कौन बन करके उपरा था
14:17और देखिए इस बदलाव की पूरी पटकथा को उन्होंने किस तरह से बदला है
14:22पहले कहा जा रहा था कि TMC के जो लोकसभा सांसत थे वो चाह रहे थे
14:28कि जैसे शिवसेना का अलग गुट बन गया उसी तरह उनके साथ TMC का निशान और उनका नाम रहे
14:33लेकिन सायोनी घोष चाहती थी कि TMC की कोई छाया भी नए गुट पर ना रहे
14:39बिल्कुर ने NCPI जैसी पार्टी का सुझाब दिया और ये सब कुछ हो गया
14:42तो मुझे लगता है कि आज की राजनीत में विचारधारा जैसी कोई चीज बची भी नहीं रहेगी
14:46अब सब सबाल यह है कि अब कल को अगर संजय राउत भी आ जाए भारतिय जनता पार्टी में तासर
14:52ने क्यूं होगा जब सायोनी घोष आ सकती है
14:54संजय राउत का तो ऐसा हाड लाइन भी नहीं रहा है जिस तरह से यह आखों में मदीना और हिर्दय
15:00में कावा क्या कह रही थी
15:02और देखिए अब आसानी से भरतिय जनता पार्टी में नहीं है बट ultimate उनका target तो हो भी है
15:09और और सवाल है कि सायोनी एखोष क्यों आई है
15:11किया उनका ह हीरदे प्रिवर्टन हो गया
15:13हीरदे में उनका कावा और मदिना हट गया
15:16और हिंदुतों का तिवर प्रवाह शुरू हो गया आप जाए दो हजार बाइस के पस्चिम मेंगाल सिक्षक भरती घोटाला की
15:25फाइल देखिए उसमें सायोनी घोष्चर भी पूछताच की गई थी क्या ये डर है हो सकता है
15:34आखिर अजित पवार 24 घंटे के अंदर पाला बदल के वापस नसीपी में चले जाते हैं आते हैं भारते जनता
15:41पाटी के साथ सरकार बनाते हैं उक मुखमंतरी बनते हैं और इन पर केस क्लोज हो जाता है और अगले
15:48दिन वे वापस चले जाते हैं नसीपी में बिलकुल आखिर
15:52क्या वजह होती है विचारधारा से लोग क्यों समझता कर रहे हैं उसकी वजह भी होनी चाहिए सिर्फ विचारधारा वाली
15:59इस्थिती नहीं है दूसरी बात भारती जनता पार्टी एक वो पार्टी थी संसद में इसके प्रधान मंत्री कहा करते थे
16:07कि ऐसे इस तरीके से अगर
16:09सत्ता मिलती है अनयतिक तरीके से अगर सत्ता मिलती है तो उस सत्ता को मैं चिम्टे से भी चूना पसंद
16:16नहीं करूंगा अब तो यह है कि सत्ता किसी तरह मिलती है केवल सत्ता नहीं निश्कंटक सत्ता लेकिन केशो जी
16:23जब बीजेपी के नेता इस तरह के बयान देते थे अ
16:39देगे वीजे पी आई तो पहली बार में है इनको लोगसावा में बहुमत मिल गया वो ठीक है लेकिन देखिए
16:45किस तरह से विचारधारा में उहां भी गिरावट आई है अभी इनके लिए लक्ष ही इनका महतवपुर्ण है राश्ता कोई
16:51भी हो अब इनके लक्ष के सामने जो
17:09आप यह समझें कि उत्तर प्रदेश अपने आप में कई सारे देशों से बड़ा है जो दुनिया भर के हैं
17:14उनमें कई सारे मुलकों से बड़ा प्रदेश है उहां के चुनाव की अपनी महतवा है महतवा है उसकी और हो
17:21सकता है क्योंकि उत्तर प्रदेश का चुनाव राश्त
17:40नहीं तो एक इस्तिती है लेकिन आप फिर से हम अगर शिवशेना की तरफ चलें तो मुझे नहीं लगता है
17:53कि यह सर्फ विचारधारा की वज़ासे अभी आए हैं अगर विचारधारा की वज़ा होती तो यह
18:002020 में ही आ गए होते 2020 में ही आ गए होते 2020 में जब उधर ठाकरे सत्ता चला रहे
18:06थे और एक नाथ शिंद्य को लगाए कि यह बाला शाहब के सिधान्त पर नहीं चल रहे हैं तो जितने
18:12लोग इनके साथ है थे वो भी आ गए होते
18:132024 में तो कमसी कम आही गए होते लोग सभा चुनाओ हो रहा है वह चलो यह गैर रास्टवादियों को
18:19छोड़ो भारतिय जनता पार्टी के साथ मिल जाते एक नाथ शिंद्य जी के साथ आ जाते हैं लेकिन आज यह
18:23क्यों बात हो रही है एक तो यह सारी यह जो चौसर का खेल ह
18:28यह बिछाया जाता है भारतिय जनता पार्टी के द्वारा इसे संचालित भी किया जाता है भारतिय जनता पार्टी के द्वारा
18:34और अलग-अलग जगों पर अलग-अलग मोहरे होते हैं जैसे पस्टी महंगावल के लिए भूपेंदर यादव मोहरे थे सायोनी
18:42घोष मोहरा �
18:42थी निशीकांत दुवे मोहरा थे और काकोली जो है वो मोहरा थी रचना बनर जी मोहरा थी सुधीब बंदोपादाय मोहरा
18:50थे यहां पर भी अलग-अलग मोहरे बिछे होंगे लेकिन इस सब का रिंग मास्टर एक ही है और वो
18:58बहुत ही सफलता पर उनकी एक्वमेन का दुनिया
19:11उपर वाले ने और उसका वो बखुवी इस्तमाल भी करते हैं अपनी पार्टी के हिंट के लिए अपने सरकार को
19:17बचाने और उसे और मजबूत करने के लिए हलांकि सरकार पर पिछले 12 सालों में कोई संक्त नहीं रहा है
19:22पिछले 10 साल जो थे वो तो उनके बहुमत की सरकार �
19:27अपने दम पर इतनी सारी सीटे जीत कराये थे, उनको कोई हिला नहीं सकता था, पिछले दो-धाई साल से
19:32जो सरकार है केंद्र में,
19:35हलाकि वो गटबंधन की सरकार है, लेकिन सरकार की सेहत पर कभी कोई कमजोरी दिखी नहीं, कभी कोई प्रस्न उठा
19:41नहीं,
19:41लेकिन फिर भी अगर इस आक्रामक्ता के साथ अपने खेमे को मजबूत करने के लिए भगबाग ब्रिगेड अगर काम कर
19:50रहा है,
19:51तो मुझे लगता है कि आगे कोई बहुत बड़ी चुनोती है, हो सकता है वो UCC भी हो, बहुत सारी
19:59चीजे हैं, जो इस सरकार के टुडू लिस्ट में थी, बकेट लिस्ट में थी, जो कर पाई, जैसे धारा 370
20:07का है मामला, जैसे राम मंदिर का मामला है,
20:11लेकिन अनेक ऐसी चीजे भी है, जो इनको करनी थी, और इसलिए इन्होंने 2024 में अब की बार 400 पार
20:20का नारा दिया था, तब तो 400 पार नहीं हुआ, लेकिन अगर 2024 का भूला हुआ, 2026 में घर आ
20:28जाता है, तो उसे भूला हुआ नहीं कहेंगे, शायद इनके टार्गेट पर व
20:34भी भी, बिल्कुल, मेरा एक सवाल अभी शिवसेना यूबिटी को लेकर ही है, केशो जी, शिवेंजी आप दों से, उसके
20:39बाद फिर हम इन सवालों पर भी आगे चलेंगे, कि किंदलों में तूट हो सकती है, और इन सारी तूट
20:44की पीछे की कहानी इसलिए क्या है, ठाकरे �
20:47के बारे में कहा ऐसा जाता था, कि भारती रादनीती में थोड़ा अलग तरह का रादनीतिक परिवार है, दोजार उननीस
20:53में आदित ठाकरे वरली से विधासवा चुनाव लड़ते हैं, उससे पहले ठाकरे परिवार के किसी सदस ने, कभी कोई चुनाव
20:58नहीं लड़ा, उन
21:17पहुचे ऐसा सवाल भी अकल्पनी है था उस वक्त, लेकिन वही ठाकरे परिवार का दबदबा पिछले पांच से सालों में
21:23इतना कम हो गया है, कि अभी 14 जून को बैठक बुलाई गई थी, मातोश्री में ही, 4 सांसद आई
21:29लोकसभा के 5 सांसद वो ऑनलाइन जुड़े थे,
21:31वो उन्हें तमाम हवाला दे दिया, किसी ने कहा परिवार में कुछ दिक्कत चले, किसी ने कहा मेरी खुद की
21:36तबियत खराब है, वो जुड़े भी नहीं, और जो जुड़े भी उनसे कसम खिलवाई गई, अपने बच्चों की, किसी देवी
21:43मा की, भगवान की, और उन्हें
21:45किसी ने कसम भी खाली, 14 जुन की ये बात है, आज हम बात करें 17 जुन को, और ये
21:49लोग सबाई स्पीकर से मिलके, शुजे ना सिंदेग उट में जा रहे हैं, तो एक परिवार का इतना ज्यादा प्रवाव
21:54कम होना, इसके पीछे कि आपको क्या वजह लगती हैं, केशो जी आ
22:15दिगजनेता हुआ करते थे लाद करिशनारवानी, तो ये भी बाला सहाब ठाकरे से मिलने के लिए मुंबई जाया करते थे,
22:21आपने कभी ऐसा सुना नहीं होगा, कभी समाचार पत्रों में पढ़ा नहीं होगा, कि बाला सहाब ठाकरे इन से मिलने
22:27के लिए दिल ली आ रहे है
22:28यह उनका रुत्बा था और यह इसलिए था कि उन्होंने अपने आपको सत्ता से उपर रखा था सत्ता की रैट
22:35रेस में सत्ता की भागदोर में वो शामिल नहीं थे लेकिन जैसे ही आपकी महत्वा खांग्छा आपको सत्ता की रेस
22:42में ले आती है वैसे ही आप प्रतिदुन्�
23:01तो उसमें तमाम इकाई सामिल थी लेकिन आगे बरकर कौन कह रहा है कि मेरे सिवसेनिकों का हाथ नहीं पाऊ
23:08है उसमें बिल्कुल बाला साहब ठाकरे कह रहे हैं तो लोग उनकी इस राजनित को इसका शरे लेना भी नहीं
23:15चाहता था
23:15अधवानी जी ने खुद कहा था कि मैंसा नहीं चाहता था कि तूट जाए इन फाक्ट आडवानी जी ने कहा
23:21और अतल विहारी वाजपई जी का भी काल जाई भाशन है कि कल क्या होगा मुझे नहीं मालूम जी तो
23:28कोई श्रेन नहीं लेना चाहता था लेकिन इतनी सापगोई इ
23:44हमने ऐसा किया है अगर उनको दक्षिन भारतियों से प्रॉब्लेम थी मुंबई में महारास्टा में तो उन्होंने खुल कर कहा
23:52उत्तर भारतियों से प्रॉब्लेम थी तो उन्होंने खुल कर कहा तो उनका एक बेलोस अंदाज था लेकिन इस सब से
24:00इन सब के ऊपर था सत्ता
24:03से अपने आपको उपर रखना सत्ता में भागेदारी सत्ता की लिपसा उन्होंने कभी नहीं दिखाए यह हर व्यक्ति के साथ
24:10हर परिवार में भी होता है जब आप अत्यधिक महत्वा कांग्शी हो जाते हैं जब चाहते हैं कि आपको सारा
24:16स्रे मिले सारे पावर आप तक सिमट
24:18क्या है तब वो फिर से डिस्ट्रैक्शन होता है फिर वो पावर भागने लगता है उदब ठाकरे की राजनीती वहीं
24:24पर आकर के फिशली अगर ये भी अगर वो सूपर पावर बनना चाहते तो लोग इनको स्विकार कर रहे थे
24:32लेकिन जैसे ही ये खुद फुत्र मुह में �
24:34सत्ता के लालच में आए फिर ये एक आम शिवशैनिक या फिर एक आम नेता की तरह ही हो गए
24:40शिवशैनिक भी नहीं एक देश में जो आम नेता होता है जो सारी राजनितिक लड़ाईयां ही इसलिए लड़ता है कि
24:46उसे सत्ता का स्वाद मिल सके बिलकुल शिवेन जी के पा�
25:02भी होने कोशिश करेगी, वो कहेगे कि हम बड़े दल हैं, आपके तो सांसत बचे नहीं बहुत जादा, ठाकरे परिवार
25:09के राजनीतिक पतन के पीछे आप क्या वजह मानते हैं, केशो जी ने बहुत सारी वजह बता ही दियें, बिकुल
25:14देखे, मैं ये मानता हूँ, कुछ ची
25:31उन्होंने हटाया, सिंदे में इसको सामिल करा, उसे आसान हो गया, केबल बो कारण नहीं होता, दूसरे कारण भी होते
25:37हैं, दूसरी बात, उस तमय देश में जिस तरह की आवश्यक्ता थी, उस तमय की बतारों जो ठाकरे साब का,
25:45चाहा वो मुद्दे के मंदिर का मुद्द
26:00की करते थे, इस पष्ट राजी करते थे, जैसा के सब भी नहीं पताया, उनके पास तो इसली जाते थे,
26:06वो अपने आइडलोगी से डिगने का कोई अंदेशा ही नहीं था हूं, मत्तब खुले, आप कह दिया हाथ नहीं पाओ
26:12है, यानि कि इतना श्रक्त नेता, इरादों का �
26:16दूसरों को भी मालूम था, इस मुद्धे पर ये हमारे साथ ही, और उनकी आवाज नेता तो छोड़िये, जन्ता सुन,
26:24अब नेता किसके पास जाते हैं, जिसकी जन्ता सुनती है, उसका मत्ता देखते हैं, नेता तमाम बावाओं के पास चले
26:32जाते हैं, उन्हें पता लगत
26:46मत्तब तो वो लोग करने लगते थे, अगर वहाँ पर उस समय उनकी श्रीयती कि उन्होंने कह दिया, बरंबात के
26:53समानता कि ये बेती माहराश के लिए हितकर नहीं है, तो नहीं है, मान लेंगे लोग, आज की तारीख में
26:59उद्दभ ठागरे बिलकुल उसकी मिलकुल धूल �
27:03भी नहीं है, बाला साब ठागरी ऐसे मानते हैं, तो जन्ता में पिरवहाओ नहीं है, अब आती ये बात की,
27:09अभी जो तोड़ फोड़ हो रही है, उसमें तोड़ पोड़ के तीछे भारती जन्ता पाइटी या कि मैंने पहले भी
27:15का, उनके अपने तमाव उद्देश हैं, व
27:31पर इस तिती थोरी अलग है समाजबादी पार्टी, वो उनके वो जिस जगह से आते हैं, कुछ जगह ऐसे ही
27:39ना समाजबादी पार्टी को ही बोट भी, बहुत अभी विरोध जो है, और संगटन समाजबादी पार्टी का बहुत मजबूत है,
27:47तो वहाँ पर जाने से पहले,
27:48अपने आपको बहुत ज़्यादा पर्खेगा भी नेता, लेकिन अभी महराज में ऐसा कुछ नहीं था, ना तो आइडिलोजी का बंदन
27:54था, नेता अपने फैसले ले सकता है अपने हिसाब से, अगर उसको कोई समस्या है, भार्टी इंदा पार्टी की चाहें,
28:00हापेमारी से
28:01एडी सीवी आई से है, तो बचत कर लेका, नेता कौन है ऐसा, देखिए नेता सबके कही ना कहीं कोई
28:08ना कोई लीड पॉल होते हैं, ठीक है ना, उसी को लेकर के जो सकता में पार्टी होती है, आसके
28:13नहीं बहुत पहले से, वो उसमें अपका लाव उठाती है, केंग सरकार म
28:21महुता बंजर जी पस्य मंगाल में थी, तो बहां की पुलिस, बहां की लोकल बहुत कुछ करते हैं, तो कोई
28:27व्यक्ति किसी पार्टी को ये कहे कि वो अपने सकता का लाव नहीं उठाती, यह सरबारत ताकत है बोलाव उठा
28:33रही है, जिनके पास प्रदेश में बोलाव उठ
28:49है, भारती जंदा पार्टी जाने गई है, आप जो बात करते हैं कि पुराने जमाने की कुछ दौर में, जब
28:56अटल बिहारी बात पे चिंटे से नाच मूने की बात करते थे, तब की राजनीती के अपनी राजनीती आप कोई
29:02कुवेल नहीं है, अब है, हम सबता में रहेंगे
29:05तो उस देश हासिल कर पाएंगे, जंता को बिए समझाने में काम्याब हो जाते हैं, इसलिए देखिए आप कितनी आसानी
29:13से, योगी का सबसे बढ़ातियार क्या है, अगर घटना हो, और खोड़ा में हुआ, एंकाउंटर हुआ, सब कुछ जिसकी जान
29:23गई, उससे मतलब नह
29:35हो गई, मुटवेल में, क्रॉस फाइरिंगे, उसमें मौट हो गई, लेकिन अब जंता क्या मान कर रही है, सोच ये,
29:41एंकाउंटर कर दीजिए, एंकाउंटर करने की चीज़ नहीं होता है, तो इस तरह की चीज़ें, जो अनैतिक हैं, कानून के
29:49लिहाज से, यानि हम कानून क
29:54कानून के जरियर से सचंदेने में सचनल में हों पारे साथ हमारी उतनीं बहतर तरीपे से, कानून के लाउ करने
30:00की टीम नहीं है, जो पुबलिक को पसंद है, और नेता
30:18उसके पास जाएंगे वर जीत की संवामना हमें अगले चुनों में जाना होगी तो उसके बाद जो मैंने पहली बात
30:26पे बहुत बड़े मुद्धे भारती जन्ता पार्टी एचीव कर चुकी है अभी अगर आज आदमी आर्टिक मसलों पे जन्ता का
30:34दिमाग बहुत ज्यादा �
30:46जैसे मैंने बताया जन्संग्या निंत्रा की बहुत ज्यादा अंदर खाले चर्टा है वीजेपी के लिए बहुत बड़ा प्यार हो सकता
31:08है उसकी वजह है जो पर यह अपना संग्ये ढचा है
31:13इससे अलग अलब चुनाव होने से कभी भी एक ब्यक्ति के हाथ में सुपर पावर नहीं आती है लेकिन वर
31:21इनेक्शन अगर होता है तो क्या होगा बुरे चुनाव पिरभावित होंगे आप एक सा मेसिज जाएगा अभी जोगा विधान सवावी
31:40नहीं जीते है कहीं पे तो
31:41तो रास्तरा की चुनाव अलग अलग समय के होते हैं एक सा नहीं होते कभी आज तीन साधसों के चुनाव
31:47होने अलगी बार चेक का होना अलगी आगली की तूनाव जीत जाओ
32:02बिल्कुल अगले सवाल के और आगे बढ़ते हैं श्रिविन जी आपके पास आएंगे केशो जी अगला सवाल ये है कि
32:09अब अगली बारी किसकी है आपने खुछ बताया तीस ज्यादा अभी लोकसभा के सांसद इनको चाहिए
32:15362 एक आकड़ा होता है अगर दो तीहाई चाहिए अगर हम 540 के लिहाद से देखें तो अगली बारी किसकी
32:21हो सकती है क्या महराष्ट में ही शरत पवार वाली जो NCP है जिसके पास साथ लोकसभा के सांसद है
32:27उन्हें तोड़ना आसान हो सकता है क्योंकि वहाँ पर दो तीहाई क
32:30क्या पूरे साथी आ सकते है शुप्रिया सुल्य को छोड़ दे तो छे तो आहीं चले जाएंगे हैं लेकिन इन्हें
32:57लोगसभा के सांसद है दो तीहाई के लिए आपको बहुत सांसदों की जरूत पड़ेगी और उससे कम होगा तो बाई
33:03एलेक्षन होगा उसमें आपको जाना पड़ेगा तो आपके इसाब से अगली बारी किसकी ये तीस यादा सांसदों की भरपाई कहां
33:09से करेगी विजेपी
33:11वेभव सपा को तोड़ना जितना मुश्किल लग रहा होगा आप एक महीने पहले इस बात का अनुमान नहीं लगा सकते
33:19थे कि तरिनमूल कांग्रेस को तोड़ना कितना मुश्किल होगा चुनाव के दरमियान भी अनुमान नहीं लगा रहे थे और जैसे
33:25ही परिणाम आया त
33:39अपने अलग सुर बनाये थे यहां तक कि अखिलेश और उनके चाचा शिवपाल यह भी अपना अलग धरा बना चुके
33:47हैं बिलकुल आखिर राम गुपाल जी की क्यों हर दिन मुलाकात होती है मिच्छा से कुछ तो बात होगी अक्षय
33:55को किस बात की परिशानी थी कुछ भी
33:58हो सकता है आज की राजनीती में मैंने तो यहां तक घाना कि कल को अगर संजय राउत भी आए
34:02भारतिय जंता पार्टी के खेमे में एक नाच शिंदे गुट में सामिल हो जाए तो बहुत अश्यरी की बात नहीं
34:08होगी कुछ भी हो सकता है अखिर यहां पर तो एक नेता के पा
34:25तंत्र का मखौल है कि जो पार्टी चुनाओं में गई तक नहीं चुनाओं लड़ी ही नहीं और रातो रात उसके
34:3320 सांसद हो गए चुनाओं लड़ी भी है तो त्रिपुरा में कई उमिद्वार काये थे 14 सो वो टोटल में
34:38थे दो सीटे लड़ी थी उन्होंने माफ करें लो
34:55सकता है कि और कुछ सांसद मिल जाएं तूटना किसी का दखी कि क्यों कह रहा हैं कि पचास करोड़
35:00बोली लगाई गई तरिमूल बाले वी जो बचे रह गये वह भी कह रहे है कि उनको भी आफर किया
35:07गया था अच्छे ये सारे विकाउ सांसद विपक्ष में ही क्यों है उहा
35:36दोसरी बात राष्ट्य जन्तादल क्यूं नहीं टूसकता है वहां पर भी तो असंटो선 रहता है मिसाभार्ती को आगे बढ़ाया जा
35:43रहा है तेजस्वियादव को आगे बढ़ाया जा रहा है रोहिनी
35:50पार्टी का सिंबॉल लेके चलते हैं जो लालटेन लेके आगे आगे चलते हैं उनका क्या क्यों नहीं तोड़ा है देखी
35:56अब क्या आरजएडी में टूट नहीं हुई उनके तो दोनों बेटे अलग होगे बेजपरताब की रहा अलग है और तेजस्वी
36:02की रहा अलग महां भी
36:18जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में अगली साल के शुरुवात में ही विधान सभा के चुनाव भी होने हैं
36:23और आखिर कोई तो शक्ति होगी कुछ तो वजह होगा कि शिवपाल और अलग हो गए थे और फिर उन्हें
36:30कई बार उन्होंने सारवजनिक मंचों से ऐसी मतल�
36:34अब ऐसा बॉड़ी लेंग्वेज दिखाया ऐसी बाते कही कि लग रहा है कि चाचा भतीजा में बर्फ पिघलने लगी है
36:40लेकिन फिर भी वह एक नहीं हो पाते थे खिर कौन से शक्ति थी जो उन्हें विकेंद रित कर रही
36:44थी क्या त्यलंगाना कि जो मुख मंत्री है उनक
37:04सांसद तो केंद्र के गिने जाएंगे उन्होंने इस्तिफा दे दिया तो वैसे ही संख्या कम हो जाएगी उप्चिनाव में भी
37:15जिता के लिए आएंगे बिलकुल तूट कहीं भी हो सकता है यहां तक बात तो यह भी की जा रही
37:21है कि करनाटक में भी कुछ लिंगायत सांसद
37:24हैं जो अभी दूसरे खेमे में हैं कांग्रेस खेमे में हैं शायद वहां भी इस्तिफे हो वहां भी तूट फूट
37:32हो जाए तो यह कहीं भी हो सकता है भारते जंता पार्टी के निशाने पे जो नंबर है मुझे लगता
37:38है कि मचली की आँख की तरह इनकी नजर जैसे अरज�
37:46इन्होंने पहले ठिक्स कर रखा है and slowly they are moving towards that वो उसको achieve करेंगे जो बात उन्होंने
37:52कहा था 400 पार तो वहां पब्लिक ने 400 पार नहीं कराया अब ये अपनी कतर व्योंत से 400 पार
37:59करने की और अग्रसर है और वैभब आज की सचाई यही है किसी ने नहीं सोचा था कि राघव च
38:16गोश बाला बदल लेंगी और उसी तरह अब उद्धव ठाकरे की पार्टी में ये विखंडन हो रहा है और आप
38:24महरास्ट की बात कह रहा है कि महरास्ट में सुप्रिया सूले को छोर कर बाकि सारे लोग आ सकते हैं
38:29इनके खेमेर में मेरा सबाल तो यह है कि क्या सुप्रिया स
38:43मिर्ट् toutes हो गई है कि यह चर्चा चली थी कि के अंधर में सुप्रिया सूले, ए़न सीपिगे पूरे ढटड़े
38:48को कुनवे को समभा लेंगी राज में अजित्पवार समहालेंगी तो
38:53और संभाव क्यों नहीं है सुप्रिया सुले से
38:55तो नजदिकी भी रही है आई मिन सुपरिया सूले की नजदिकी रही है जो भारती जंता पार्टी की सरकार है
39:00बिलकुल कुछ भी हो सकता है अब देखना ये है कि एंडिये के खेमे में कब चार सौ पार का
39:09आकरा आता है कब तीन सौ बासट के आसपास ये पहुंचते हैं क्या �
39:23भारती जंता पार्टी पहले भी साहे होगी रहा है कोई ऐसी डील हो जाए उनको खरीदने के लिए धन है
39:41तो वह तो बाजार में निकले ही हुए है और उनको मौलूम भी है उनको ये सब्सेपहले
39:48उनको मालूम है कि उनको यह क्यूं चाईएए तो उनमें कहीं डेमियेशन नहीं है कहीं भटकाओ नहीं है वो केंद्रित
39:55हैं अपने लक्ष के प्रति और इस वक्त उनके पास संसाधन भी है
40:00तो उसका इस्तमाल कर रहे हैं, इसमें नैतिक्ता और अनैतिक्ता की बात अब रह ही नहीं गई है, यह सब
40:08कुछ एक जंग है, और जंग और प्यार में सब जायज होता है, तो यह प्यार से इस जंग को
40:14जीतने के लिए निकल पड़े हैं, बिल्कुल, शिवेन जी, यही आखरी
40:17सवाल आपसे भी, अगली टूट आप किस पार्टी में देख पा रहे हैं, कौन सदल जिसमें दरार दिख रही है
40:23आपको?
40:25लेकिन प्रयास तो भारगें तब पार्टी सभी करेगी, लेकिन आपकोड़ों के साथ से देखेंगे से वास समाजबादी लेकिन उसका जो
40:33आंकड़ा है, बहुत बड़ा है, और यूपी के अंदर जो चीजे हैं, कहीं कहीं से जो लोग जीत के आते
40:39हैं, आप चुनाओ दो�
40:43दोजार सप्ताइस का दिये, अभी बहुत से गड़ित नेता लगाएंगे, एतनी आसानी से नहीं होगा, लेकिन यह वास सही है,
40:50कि टार्गेट तो समाजबादी पार्टी का बनाया जा रहा है, लेकिन इतनी बड़ी संचा कैसे है, क्या वो चुनाओ में
40:56उतर में उतर नहीं
40:58होते हैं अभी, तो इसलिए मुझे लगता है कि इसमें थोड़ा मुस्खिल हो लेकिन तरीका क्या निकाल ले, देखिए, आपने
41:08अभी हम लोग बात कर रहे हैं कि सत्ताधारी दल में क्या विखाव सांसर भी होगाएंगे, तो सत्ताधारी लिया वहाँ
41:17आवश्यक्ता नहीं
41:19जब हार होती है, जी से अरुक के साथ, सब जनाओ चाहता है, फैंना सब्दादा होते हैं लोग सबस्खिलाओं होते
41:35हैं, तो उसलिए कि चिनाओ का माम मिलता है, पता नहीं होता है,
41:41के लिए रस्ता देखने के उस सब्सक्राइब होती है लेकिन ऐसे वक्त में जब तुनाओ अभी दूर है उस नजरीय
41:47से तो अभी आदमी अपने छेट में खाली पैसा ही की बात नहीं है क्योंकि ऐसे सांसद विकास के भी
41:55दिखी जल्जुद के सरकार सक्ता में होती है वो वि�
42:10कितनी होती है पांच करोड में क्या हो जाएगो इस बड़े चेतरे पांच कर मरें क्या कर लेता है औस
42:17सबस्से अधा करते
42:29तो कई जगे से उन्हें अपने चेट के विकास को लेके भी समस्या होती है, वहां भी वो कंप्रोमाइज करते
42:35हैं, पैसे की बात, पचास पॉन की बात, पता नहीं मुझे तो इस पॉसरा हो नहीं, क्योंकि पचास पॉन एक
42:40सांसत के आश्केदारियों कुछ है, बहुत बढ़
43:00बहुत बात, बहुत बता दें कि समद्रदी पार्टे के 37 लोकसभा के सांसथ है, जो सभी उत्तर प्रदेश चुनकर आए
43:20हैं,
43:202024 के लोगसभा चुनाओं में और अगर इन्हें तोड़ा जाता है तो दो तीहाई की जरूरत होगी अगर दल बदल
43:26के कानून को लागून ना करवाया जसके उपचिनाओं से बचना है तो और दो तीहाई का मतलब कम से कम
43:3125 या 26 लोगसभा के सांसत तूटने जरूरी है अगर उ
43:49कि पूर्टी के लिए कौन-कौन से पार्टियों में तूट होती है और उप्ण कौन अपनी आहुती डालती है तो
44:06फिलहाल तक कि जानकारी थी जो अपडेट थी CCP में तूट को लेकर उ क्वे आपको बता पीछे की कहानी
44:11बता की कानी कारण हो सकते हैं इसके पीछे कीसका हा�
44:18रहे हैं वो आपको लगातार हो इंडिया पर मिलती रहेंगी फिलहाल तक के लिए इतना ही
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