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Rahul Gandhi's 'Chhatron Ki Goonj' campaign began from Kota, India's coaching capital, raising questions over NEET paper leak, recruitment irregularities, and youth unemployment. But is this merely a protest or the beginning of a nationwide political movement? With upcoming events planned in Allahabad, Patna, and Delhi, this video explores the motive behind the campaign and the growing comparison with student-centric narratives previously seen in Indian politics.

कोटा में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। NEET पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियां और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह अभियान क्या सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन है या फिर देशव्यापी छात्र आंदोलन की शुरुआत? कोटा के बाद इलाहाबाद, पटना और दिल्ली में भी कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इस वीडियो में समझिए 'छात्रों की गूंज' के पीछे का असली मकसद और क्यों हो रही है इसकी तुलना छात्र-केंद्रित राजनीति से।

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Transcript
00:08कोटा में छात्रों की गूंच के नाम पर राहूल गांदी ने हजारों छात्रों को जुटाया लेकिन सवाल ये है कि
00:14आखिर अचानक छात्रों की याद क्यों आई
00:16क्या ये सिरफ मीट पेपर लीक का विरोत था या फिर युवाओ के गुसे को राश्नितिक ताकत में बदलने की
00:23तयारी और अगर मकसद सिरफ कोटा था तो फिर इलाबाद पटना और दिल्ली की तयारी क्यों चल रही है
00:30आईए समझते हैं कि चात्रों की गूंच के पीछे का फूरा खेल क्या है
00:34नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक
00:36आज कोटा में राहूल गांदी के निर्तित्व में चात्रों की गूंच नाम का बड़ा प्रदर्शन आयोजद किया गया
00:42हजारों चात्र जुटे युवाओ के मुद्दों पर चर्चा हुई और पूरे कारिक्रम को राश्यस्तर पर चर्चा मिली
00:49आज हम समझेंगे कि आखिर इस प्रदर्शन की ज़रत क्यों पड़ी
00:53कॉंग्रेस ने इसका नाम चात्रों की गूंच क्यों रखा
00:56और सबसे बड़ा सवाल अगर मकसद सिरफ कोटा था तो फिर इलाबाद
01:01पटन और दिल्ली में भी इस तरह के कारिक्रमों की तयारी क्यों की जा रही है
01:05क्योंकि किसी बियान दोलन को समझने के लिए इसके पीछे की वज़ा को समझना जरूरी होता है
01:10दरसल इस पूरे अभियान को समझने के लिए हमें इसके नाम पर ध्यान देना होगा
01:14छात्रों की गूच यानि ऐसी अवाज जो सिरफ खोटा तक सीमित ना रहे बलकी पूरी देश को सुनाई दे
01:21कॉंग्रेस का दावा है कि देश का यूवा आज कई सबस्याओं से जूच रहा है
01:25नीट पेपर लीक विवाद, भटी परिक्षाओं में गड़बढ़िया, नौकरी की कमी और बढ़ती प्रतिसपरदा जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में है
01:33पार्टी का मानना है कि इन अलग-अलग मुद्दों को एक राष्ट्रे मंच पर लानी की जरूरत है
01:38यही वज़ा है कि इस अभ्यान का नाम किसी एक परिक्षा या किसी एक विवाद के नाम पर नहीं रखा
01:43गया
01:43बलकी इसे चात्रों की गुंच कहा गया
01:46यानि कॉंग्रेस सिरफ नीट की बात नहीं करना चाती बलकी देश भर के चात्रों और युवाव से जुड़े मुद्दे को
01:52एक बड़े आंदोलन का रूप देना चाती है
01:54अब सवाल आता है कि इसकी शुरुआत कोटा से ही क्यू हुई
01:57कोटा देश की कोचिंग कैपिटल माना चाता है हर साल लाखो चात्र यहां हर साल नीट और जैप चैसी परिक्षाओं
02:04की त्यारी करने आते हैं
02:06जब भी शिक्षा, प्रतियोगी परिक्षाओ या छात्रों के भविश्य की बात होती है तो खोटा अपने आप चर्चा का केंद्र
02:12बन जाता है।
02:13यानि अगर छात्रों की अवास को राश्य मुद्दा बनाना हो तो खोटा से बहतर प्रतीक शायद ही कोई हो सकता
02:19है।
02:19लेकिन इस पूरे अभियान के बीच एक और चर्चा भी तेज हो गई है।
02:59जात्रों की राश्य मुद्दे का सबसे बड़ा हतियार बनते जा रही है।
03:19और शायद इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए कॉंग्रेस ने चात्रों की गून जैसे राश्य व्याप्ती अभियान शुरू किये
03:26हैं।
03:27लेकिन कहानी सिरफ कोटा तक सीमित नहीं है। अगर ये सिरफ एक प्रदर्शन होता तो कारिक्रम यहीं खतम हो जाता।
03:33लेकिन कॉंग्रेस पहले ही साफ कर चुकी है कि चात्रों की गून जब एक राश्य अभियान का रूप लेने वाला
03:38है।
03:39पार्टी के अनुसार 10 जुलाए को इलाबार, 11 जुलाए को पटना और 14 जुलाए को दिल्ली में भी सी तरह
03:45के कारिक्रम आयोज़त किये जाएंगे।
03:47यानि कोटा, पहला अध्यायता, पूरी किताब अभी बाकी है। यही बात इस प्रदर्शन को राश्य नितिक रूप से महतोरपूर बनाती
03:54है।
03:54राशनितिक जानकार मानते हैं कि कॉंग्रेस आने वाले समय में यूवा और छात्रों के मुद्दों को अपनी राशनिती का एक
04:01बड़ा केंद्र बनानी की कोशिश कर रही है।
04:03जिस तरह किसाना अंदोलन और महंगाई जैसे मुद्दे राश्य बहस का हिस्सा बनते थे, उस तरह अपशिक्षा, परिक्षाएं और रोजकार
04:11भी बड़े राशनितिक मुद्दे बन सकते हैं।
04:13हालाकि BJP इस पूरे अभियान को राशनिती से प्रेरिद बता रही है। BJP ने ताओ का रोप है कि छात्रों
04:20की भावनाओं का इस्तमाल राशनितिक लाप के लिए किया जा रहा है।
04:23वही कॉंग्रेस का कहना है कि जब लाखो छात्रों का भविश्य दाओ पर हो तो उनकी अवास को राश्ट्रे मंच
04:29मिलना चाहिए।
04:30लेकिन राशनिती से अलग घटकर अगर इस पूरे घटना क्रम को देखा जाए तो एक बात तो बिल्कुल साफ दिखाई
04:36देती है।
04:36चात्रों की गून सिर्फ कोटा में हुआ एक प्रदर्शन नहीं। ये एक ऐसे अभियान की शुरुआत है जिसे देश के
04:42अलग-अलग शेरों तक ले जाने की त्यारी की जा रही है।
04:45अब देखना दिल्चस्प होगा कि गून सिर्फ सभाओ और मंचो तक्सीमित रहती है या फिर आने वाले दिनों में देश
04:52की राजनिती और नीतियों पर भी असर डालती है।
04:55अगर आपको हमारा ये वीडियो पसंद आया तो वीडियो को लाइक जरूर करें। वीडियो को शेर करें। और चानल को
05:00सब्सक्राइब करें। आप देख रहे हैं One India Hindi।
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