00:00कि हमेशा उद्धो गुट के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है टीमसी के साथ चलो हमने माल लिया कि
00:05उनके हाँ सत्ता गई और बंगाल के राद निती ही वैसी है कि सब लोग सत्ता से चिपके रहना चाहते
00:09हैं तो वहां पर उनको डर सताया उनके बहुत सारे टीमसी की नेताओं पर �
00:14जनता बहुत आकुरुशित थी अंडे फेके जाने लगे तो उन्हें अपनी जनता से डर था इसलिए उपाला बजलने हैं तमाम
00:19और वजाए गिनाई जा रही हैं लेकिन उद्धो ठाकरे तो सत्ता में रहते हुए पार्टी तूट गई थी उनकी वो
00:23जब मुख्यमंत्री थ
00:24और चार साल के बाद फिर से तूट गई इसके पीछे क्या वजा हो सकती अभी मैं संजनी रूपम का
00:29बयान सुन रहा था वो पहले बाला साथ ठाकरे की जमान में शियुसेना में थे वो कह रहे थे कि
00:33अभी जिनके हाथों में शियुसेना उबाटा की कमान है उद्धो ठाकरे
00:53लेकिन क्या इसी फॉर्मूले से पार्टी यां टूट रही है इसी फॉर्मूले से क्या आमाधी पार्टी टूटी है इसी फॉर्मूले
00:58से क्या त्रेंड मूल कॉंगर्स टूटा है इन फाक्ट शिवेंद्र जी जो विचार भारा वाली बात कह रहा है आज
01:03अगर आज की रा
01:22वाली पार्टी थी जब तक बाला सहाब ठाकरे थे तब तक वो हिंदुत की रेखा पर चलती रही उद्धव ठाकरे
01:28ने अपनी अलग रहा बनाने की कोशिस की तो लोगों में असंतो सुभरा और उससे लोग अलग हो गे लिकिना
01:33आमादी पार्टी के साथ क्या हुआ उनकी तो
01:47वो उगरतर तरीके से आगे बर रहे थे और तो और देखिए टीमसी की अगर कोई विचारधारा होगी चाहे आप
01:53उसे अलपसंख्यक तुष्टी करन कहें तो उसका सबसे बड़ा ब्रांड एमबेस्डर इस चुनाव में कौन बन करके उपरा था आफकोर्स
02:00वो ब्रांड ए
02:17उसी तरह उनके साथ टीमसी का निशान और उनका नाम रहे लेकिन सायोनी घोष्ट चाहती थी कि टीमसी की कोई
02:23छाया भी ने गुट पर ना रहे बिल्कुने एंसी पी जैसी पार्टी का सुझाब दिया और यह सब कुछ हो
02:29गया तो मुझे लगता है कि आज की राजनीत में �
02:31विचारधारा जैसी कोई चीज बची भी नहीं रहेगी अब सब सबाल यह है कि अब कल को अगर संजय राउत
02:37भी आ जाये भारतिय जनता पार्टी में ता असर ने क्यों होगा जब सायोनी घोष्ट आ सकती हैं संजय राउत
02:42का तो ऐसा हाड लाइन भी नहीं रहा है जिस तरह
03:01उनका काबा और मदीना हट गया और हिंदुतों का तिवर प्रवाह शुरू हो गया आप जाईए 2022 के पस्चिम मेंगाल
03:10सिक्षक भरती घोटाला की फाइल देखिए उसमें सायोनी घोष्ट भी पूछताच की गई थी क्या ये डर है हो सकता
03:19है आखिर अजित पवार 24 घंटे क
03:24अंदर पाला बदल के वापस नसीपी में चले जाते हैं आते हैं भारतिय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाते हैं
03:30उक मुखमंतरी बनते हैं और इन पर केस क्लोज हो जाता है और अगले दिन वे वापस चले जाते हैं
03:37नसीपी में बिलकुल अखिर क्या वजह होती है विचार
03:46अधारा वाली इस्थिती नहीं है दूसरी बात भारती जनता पार्टी एक वो पार्टी थी संसद में इसके प्रधान मंत्री कहा
03:54करते थे कि ऐसे इस तरीके से अगर सत्ता मिलती है तो उस सत्ता को मैं चिम्टे से भी छूना
04:02पसंद नहीं करूंगा अब तो यह है कि सत्ता किसी
04:16करें थे कि चिम्टे से चुना पसंद नहीं करूंगा तब बीजेपी कभी दोसों के पार पहुझ भी नहीं पाई थी
04:20लोगसभा में बिल्सों बैयासी उनका सबसे हाइस नंबर था लोगसभा में लेकिन जब मोद्य की वीजेपी आई तो पहली बार
04:27में है इनको लोगसभा
04:43कर चुके हैं कई नई चीजे उसमें और होंगी हमारे सहयोगी है शिवेंद्र जी वो कह रहे है थे कि
04:48उतरप्रदेश का चुनाव भी निशाने पर होगा हो सकता है और क्यों नहीं हो सबसे बड़ा प्रदेश है देश का
04:55और यहां तक कि आप यह समझे कि उतरप्रदेश अ�
05:11को हमेशा प्रवावित करता है ना केवल उससे राजसभा के संख्या पर असर परता है बलकि एक देश के एक
05:20बड़े जनसंख्या वर्ग का वो प्रतिनिश्यत करती है ज्यादा तक परदान मंत्री भी वही सहीं आये हैं तो हैं गुजरात
05:29से लेकिन चुनाव लगे आते हैं क
05:41विचारधारा की वज़ा से अभी आये हैं अगर विचारधारा की वज़ा होती तो यह 2021 में ही आ गए होते
05:482020 में ही आ गये होते 2020 में जब उधर ठाकरे सब्टा चला रहे थे और एकनात्चिंदे को लगाए कि
05:55यह बाला शाहाब के सिधान्त पर नहीं चल रहे हैं तो जितने �
05:59लोग इनके साथ है थे वो भी आ गए होते दोहजार चौविस में तो कम से कम आहीं गए होते
06:03लोग सभा चुनाओ हो रहा है वह चलो यह गैर रास्टवादियों को छोड़ो भारतिय जनता पार्टी के साथ मिल जाते
06:08एक नाच सिंदे जी के साथ आ जाते हैं लेकिन आज यह क्
06:15कखेल है यह बिछाया जाता है भारतिय जनता पार्टी के द्वारा इसे संचालित भी किया जाता है भारतिय जनता पार्टी
06:20के द्वारा और अलग-अलग जग होपर अलग-अलग मोहरे होते हैं जैसे पश्चि महंगावल के लिए भूपेंदर यादव मोहरे
06:27थे सायोनी घो
06:42मास्टर एक ही है और वह बहुत ही सफलता पर उनकी का दुनिया लोहा मांती है इस मावले में पॉलिटिकल
06:50जोड तोर की जो विशेशगिता है वह भारतिय जनता पार्टी के इसका दावर नेता में भर भर के दी है
06:58उपर वाले ने और उसका वह बखुवी इस्तमाल भी करते है
07:02अपनी पार्टी के हित के लिए अपने सरकार को बचाने और उसे और मजबूत करने के लिए हलाकि सरकार पर
07:07पिछले बारह सालों में कोई संकट नहीं रहा है पिछले दस साल जो थे वो तो उनके बहुमत की सरकार
07:13थी भारते जनता पार्टी अपने दम पर इतनी सारी सीटे �
07:16जीत कराये थे उनको कोई हिला नहीं सकता था पिछले दो-धाइ साल से
07:19जो सरकार है केंद्र में हलाकि वो गठबंधन की सरकार है लेकिन
07:24सरकार की सेहत पर कभी कोई कमजोरी दिखी नहीं कभी कोई प्रश्म उठा
07:45बहुत सारी चीजे हैं जो इस सरकार के टुडू लिस्ट में थी बकेट लिस्ट में थी जो कर पाई जैसे
07:53धारा 370 का है मामला जैसे राम मंदिर का मामला ऐसी यह हो गया लेकिन अनेक ऐसी चीजे भी है
08:00जो इनको करनी थी और इसी लिए इन्होंने 2024 में अब की बार 400 पार का न
08:12भूला हुआ 2026 में घर आ जाता है तो उसे भूला हुआ नहीं कहेंगे शायद इनके टार्गेट पर वही 400
08:20पार है अभी भी
08:21बिल्कुल मेरा एक सवाल अभी शिवसेना यूविट्टी को लेकर ही है केशो जी शिवेंजी आप दों से उसके बाद फिर
08:27हम इन सवालों पर भी आगे चलेंगे कि किंदलों में तूट हो सकती है और इन सारी तूट की पीछे
08:31की कहानी इसली क्या है ठाकरे परिवार के बार
08:51बेटे दूसरे भाई की लड़के जो है राज ठाकरे तमाम ऐसे लोग कहा जाता था कि मातोश्री से ही सब
08:58कंट्रोल होता था अगर मातोश्री में बैठक बुलाई जा रही है तो हर विधायक सांसत का पहुचना जरूरी होता था
09:04कोई ना पहुचे ऐसा सवाल भी अकल्पनी
09:06था उस वक्त लेकिन वही ठाकरे परिवार का दबदबा पिछले 5 से सालों में इतना कम हो गया है कि
09:12अभी 14 जून को बैठक बुलाई गई थी मातोश्री में ही चार सांसत आई लोगसवा के 5 सांसत वो ऑनलाइन
09:18जुड़े थे वो उन्होंने तमाम हवाला दे दिया किसी ने क
09:39परिवार का इतना ज्यादा प्रभाव कम होना इसके पीछे कि आपको क्या वजह लगती है केश्व जी आपसे फिर श्युमें
09:45जी के पास लेंगे देखिए जब तक ये परिवार अपने आपको सत्ता से ऊपर रख रहा था तब तक इसका
09:51दवदवा था केवल महरास्त की बा
10:04परिवानी तो ये भी बाला सहाब ठाकरे से मिलने के लिए मुंबई जाया करते थे आपने कभी इसा सुना नहीं
10:10होगा कभी समाचार पत्रों में पढ़ा नहीं हुगा कि बाला सहाब ठाकरे इन से मिलने के लिए दिल लिया रहे
10:15हैं ये उनका रुत्वा था और ये इसलिए �
10:18था कि उन्होंने अपने आपको सत्ता से उपर रखा था सत्ता की रैट रेस में सत्ता की भागदोर में वो
10:24शामिल नहीं थे लेकिन जैसे ही आपकी महत्वाकांग्छा आपको सत्ता की रेस में ले आती है वैसे ही आप प्रतिदुन्दी
10:31हो जाते हैं उससे पहले वो सनरक्षक �
10:33इसलिए वो उस तरह का रिस्पेक्ट उन्होंने हासिल किया था और उनका उनकी अपनी एक साफगोई वाले राजनीती थी अगर
10:44बात करें उनिस्व ब्रान्बे की वावरी विध्वन्स की बात करें तो उसमें तमाम इकाई सामिल थी लेकिन आगे बरकर कौन
10:52कह रहा है कि मेरे
10:53शिवस्यानिकों का हाथ नहीं पाऊ है उसमें बिल्कुल बाला साहब ठाकरे कह रहे हैं तो लोग उनकी इस राजनीती को
11:01कोई इसका श्रे लेना भी नहीं चाहता था कि मैंसा नहीं चाहता था कि तूट जाए
11:29इसको स्विकार कर रहे हैं कि हमने ऐसा किया है अगर उनको दक्षिन भारतियों से
11:34प्रॉब्लेम थी मुंबई में महारास्टा में तो उन्होंने खुल कर कहा लुंगी हटाओ पुंगी बजाओ उत्तर भारतियों से प्रॉब्लेम थी
11:43तो उन्होंने खुल कर कहा तो उनका एक बेलोस अंदाज था लेकिन इस सब से इन सब के ऊपर था
11:49सक्ता से अपने आपको
11:51उपर रखना सक्ता में भागिदारी सक्ता की लिपसा उन्होंने कभी नहीं दिखाए यह हर व्यक्ति के साथ हर परिवार में
11:58भी होता है जब आप अत्यधिक महत्वा कांग्शी हो जाते हैं जब चाहते हैं कि आपको सारा स्रे मिले सारे
12:04पावर आप तक सिमट में क्या है तब �
12:06फिर से डिस्ट्रैक्शन होता है फिर वो पावर भागने लगता है उद्धव ठाकरे की राजनीती वहीं पर आकर के फिशली
12:13अगर ये भी अगर वो सूपर पावर बनना चाहते तो लोग इनको स्विकार कर रहे थे लेकिन जैसे ही ये
12:20खुद फुत्र मुह में फसे सत्ता के
12:22लालच में आए फिर ये एक आम शिवसेनिक या फिर एक आम नेटा की तरह ही हो गए शिवसेनिक भी
12:28नहीं एक देश में जो आम नेता होता है जो सारी राजनेतिक लड़ाईयां ही इसलिए लड़ता है कि उसे सत्ता
12:33का स्वाद मिल सके
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