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  • 11 hours ago
तेलंगाना में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाताओं की जानकारी में गड़बड़ियां सामने आने से चिंता बढ़ गई है. प्रारंभिक जांच में पाया गया कि वर्ष 2025 की मतदाता सूची में दर्ज 3.38 करोड़ से अधिक वोटर्स में से केवल 2.36 करोड़ की ही पुरानी सूची से मैपिंग हो सकी. इनमें भी करीब 89.44 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की त्रुटियां पाई गई हैं. चुनाव अधिकारियों के अनुसार ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान और पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. दस्तावेज न देने पर नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है. वहीं 1 करोड़ से अधिक ऐसे वोटर्स हैं जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी. इस कारण कुल 1.91 करोड़ मतदाता SIR प्रक्रिया से प्रभावित हो सकते हैं.

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00:27
00:34अगर दस्तवे जमा नहीं किये जाते हैं
00:38तो उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की संभावना है
00:41वहीं एक करोड एक लाग से ज़्यादा वोटर ऐसे हैं
00:44जिनकी मैपिंग ही नहीं हो सकी है
00:45इन वोटर्स को भी एनुमरेशन फॉर्म भरने और आवश्यक प्रमान पत्र जमा करने पड़ सकते हैं
00:51इस तरहे राजे में कुल एक करोड एक्यानमे लाग वोटर्स ऐसे हैं
00:55जिन पर SIR प्रक्रिया का सीधा असर पड़ सकता है
00:58कई जिलों में इस्तिती और ज़्यादा गंभीर बताई जा रही है
01:01मिर्चल मलकाजगरी जिले में सबसे ज़्यादा गरबड़ियां सामने आई हैं
01:05यहां करीब 8,38,000 वोटर्स के डिटेल में तरूटिया पाई गई है
01:09राजनेतिक दलों ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दी है
01:13कुछ दलों का कहना है कि मैपिंग प्रक्रिया में कुछ गलतियों का सर बड़ी संख्या में मद्दाताओं पर पड़ सकता
01:18है
01:18खासतोर पर प्रवासी मजदूरों, गरीब परिवारों और बार-बार निवास बदलने वाले लोगों को लेकर चिंता जताई जा रही है
01:25फिलाल 25 जून से शुरू होने वाली SIR प्रक्रिया पर सभी की नज़रेटी की है
01:29ब्यूरो रिपोर्ट, ETV भारत
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