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अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए युद्धविराम समझौते के बाद इज़राइल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है और हिज़्बुल्लाह को लेकर नई चिंताएं सामने आ रही हैं। क्या अमेरिका ने इज़राइल को किनारे कर दिया है? क्या नेतन्याहू की सुरक्षा रणनीति कमजोर पड़ रही है? जानिए इस रिपोर्ट में मध्य पूर्व के बदलते समीकरणों का पूरा विश्लेषण।

Israel is facing a new political and security challenge after the US-backed ceasefire agreement involving Iran. Prime Minister Benjamin Netanyahu is under pressure as critics question Israel's strategy against Iran, Hezbollah, and Hamas. Has the US sidelined Israel? Is Hezbollah gaining leverage in Lebanon? Watch this detailed analysis of the growing crisis, Trump's role, and the impact on Netanyahu ahead of crucial elections.

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~HT.410~ED.276~GR.538~VG.HM~

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00:00मध्यपूर्व की राजनिती में एक ऐसा मोड आया है जिसने इसराइल के प्रधान मंत्री बेंजमिन नेतन याहू को शायद उनके
00:07राजश्रितिक करियर की सबसे कटिन सिती में लाखड़ा किया है
00:10जिसनेता ने दशकों तक खुद को इसराइल की सुरक्षा का सबसे बड़ा गैरेंटर बताया जिसने इरान को दुनिया के सामने
00:18सबसे बड़ा खत्रा साबिद करने की कोशिश की और जिसने हमेशा दावा किया कि वाशिंग्टन में उसकी सीधी बकड़ है
00:25आज वही नेता अपने सबसे करीबी सयोगी अमेरिका और अपने सबसे बड़े दुश्मन इरान के बीच फस्ता दिखाई दे रहा
00:32है
00:32नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
00:36क्या नेतन याहू की रणनिती विफल हो गई है
00:38क्या डॉनल्ड ट्रम्प ने अपने पुराने मित्र को किनारे कर दिया है
00:41और क्या ये युद्विराम समझोता इसराइल की राजनिती में सत्ता संतूलन बदल सकता है
00:47क्या ये समझते हैं इस पूरी कहानी को
00:49दरसल अमेरिका और अरान के बीच हुए ने युद्विराम समझोते ने पूरे शेत्र की राजनिती को ही बदल दिया है
00:55सबसे बड़ी बात ये है कि समझोते के बात इसराइल की सेन्य कारवाई पर भी दबाव बढ़ गया है
01:01खास कर लेबनान और हिजबुल्ला के मोर्चे पर
01:03यहीं से नेतन याहू के परेशानी शुरू होती है क्योंकि पिछले कई वर्षों से उनकी पूरी राजनितिक पहचान तीन चीजों
01:10पर टिकी हुई है
01:11पहली अमेरिका के साथ उनके विशेश संबद, दूसरी इरान के खिलाफ का टोर रुक और तीसरी खुद को मिस्टर सिक्योरिटी
01:18के रूप में पेश करना
01:19लेकिन आज तीनों दावों पर सवाल उट रहे हैं
01:22जब अमेरिकी राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से नेतन याहू के कुछ फैसलों पर नराजगी दिखाई
01:28तब विपक्ष को हमला बोलने का बड़ा मौका मिल गया
01:32इसराइल के विपक्षी नेता या एरलापिड ने साफ कहा कि नेतन याहू अब दो विकल्पों के पीछ फस कए हैं
01:38क्या तो अमेरिका से टकराव या फिर इसराइल हितों के सामने जुकाओ
01:43लेकिन सिर्फ विपक्षी नहीं नेतन याहू के अपने सयोगी भी सवाल उठा रही है
01:47उनकी सरकार में शामल दक्षन पंती और आश्टवादी नेताई समझोते से खुश नहीं है
01:53उनका मानना है कि यदि इसराइल हिजबुल्ला के खिलाफ कारवाई रोकता है तो इससे रान को फायदा मिलेगा
01:59राश्ट्य सुरक्षा मंतरी इतमार बेन गवीर जैसे नेताओं ने साफ संकेत दिया
02:04कि इसराइल किसी भी समझोते से उपर अपनी सुरक्षा को रखेगा
02:08यानि नेतन्याहू को अब बहार और अंदर दोनों तरफ से दबाव जेलना पड़ रहा है
02:13अब जरायूत के नतीजों को भी समझते हैं
02:167 अक्टूबर 2023 को हमले के बाद नेतन्याहू ने एक नई सुरक्षा निती अपनाई थी
02:21उनका कहना था कि ये सिरफ हमलों का जवाब देना काफी नहीं है
02:24बलकि खत्रों को पहले ही खतम करना होगा
02:27इसके बाद गाजा में बड़े पेमाने पर सैन्य अभियान शुरू हुआ
02:31लेबनान में हिस्बुल्ला के खिलाफ कारवाई हुई
02:33सीरिया में भी इस्राइली गतिवीदियां बड़ी
02:36लेकिन इतने लंबे संगर्ष के बावजूद तस्वीर पूरी तरह नेतन्याहु के पक्ष में नहीं दिखती
02:41हमास पूरी तरह समाप नहीं हुआ है
02:43हिस्बुल्ला भी भी एक प्रभावशाली शक्ती बना हुआ है
02:46और एरान भी शेत्रे राजनिती में अपनी भूमिका बनाये हुए है
02:50यानि भारी सेन्य कारवाई के बावजूद इस्राइल अपने सभी रणने तिक लक्ष हासल नहीं कर पाया
02:55सबसे मैत्रपूर बात ये है कि कुछी महीनों में इस्राइल में आम चुनाओं होने है
03:00और चुनाओं में सुरक्षा हमेशा सबसे बड़ा मुद्दा रही है
03:03नेतन याहू वर्षों से जनता से कहते आए हैं कि केवल वही इस्राइल को सुरक्षत रख सकते हैं
03:09लेकिन अब विपक्ष पूछ रहा है अगर सुरक्षा नेती इतनी सफल थी तो हमास अभी भी मौजूद क्यूं है
03:15हिस्बुल्ला कमजोर क्यूं नहीं हुआ और अमेरिका इस्राइल के वजाए समझोते को प्रात्मिक्ता क्यूं दे रहा है
03:22ये सवाल चुनौई राजनीती में नेतन याहू के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं
03:27एक समय था जब बेंजमिन नेतन याहू को मध्यपूर्व का सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता था
03:33लेकिन आज हालत ऐसी है कि उन्हें अपने दुश्मनों से जादा अपने सयोग्यों की नीतियों का सामना करना पड़ रहा
03:39है
03:39इरान के साथ युद्विराम ने सिर्फ शेत्र संगर्ष को नहीं रोका है
03:43इसने इसराइल की राजनिती में भी एक नय संगर्ष शुरू कर दिया है
03:46अब दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि नेतन याहू आगे क्या कदम उठाते हैं
03:50क्या वे अमेरिका के साथ तालमेल बनाए रखेंगे
03:53क्या वे अपने दक्षन पंती समर्थ को को संतुष्ट कर पाएंगे
03:57या फिर ये संकट उनके राजनितिक भविश्य को हमेशा के लिए बदल देगा
04:00इन सवालों के जवाब आने वाले हफ्तों और महिनों में सामने आएंगे
04:04के फिलाल इस बड़ी खबर पर आपकी क्या राय है
04:07कमेंट सेक्शन में हमें अपनी प्रतिक्या ज़रूर लिखी
04:10आप देख रहे हैं One India Hindi
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