00:00पश्चिबंगाल की राजनीती में ध्रिनमूल कॉंग्रेस के लिए मुश्किले कम होने का नाम नहीं ले रही है
00:04एक तरफ पार्टी को हालिया विधान सभचनाव में बड़ा जटका लगा है
00:08तो दूसरी तरफ टीमसी के राश्चिब महासचेव और ममता बैनर जी के भतीजे अभिशेग बैनर जी की कानूनी परिशानिया बड़
00:15सी नजर आ रही है
00:17मद्धप्रदेश हाई कोर्ट ने अभिशेग बैनर जी के खिलाफ जारी गिरफतारी वारेंट पर लगी अंतरिम रोक को हटा दिया है
00:24यानि जिस कानूनी राहत के सहारे वो अब तक गिरफतारी से बचे हुए थे वो खत्म हो गई है
00:30मामला करीब 6 साल पुराने एक बयान से जुड़ा है लेकिन अब इसके राशनितिक और कानूनी दोनों माईने निकाले जा
00:37रहे हैं
00:37आगर पूरा मामला क्या है और कोर्ट ने ऐसा फैसला क्यों सुनाया आईए विस्तार से समझते हैं
00:43ये मामला नवंबर 2020 का है आरोप है कि कॉलकता में एक राशनितिक रैली के दरान अबिशेक बैनर जी ने
00:50भाजपा नेता और इंदोर के ततकालीन विधायक आकाश विजेवरगिये को कथित तोर पर गुंड़ा कहा था
00:57इस बैयान को लेकर अकाश विजेवरगिये ने भुपाल की विशेश MPMLA कोर्ट में मानहानी का मुकदमा दायर किया था
01:04मामली के सुनवाई के बाद अदालत ने अबिशेक बैनर जी के खिलाफ गिरफतारी वारंट जारी होने के बाद अबिशेक बैनर
01:13जी ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट का रोख लिया
01:15नमंबर 2025 में हाई कोट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए गिरफतारी वारंट का निश्पादन पर रोक लगाई
01:24उस समय अभिशेक बानर जी की ओर से अदालत में कहा गया था कि वो एक मौजूदा सांसन है और
01:30उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है
01:32इसी अधार पर उन्हें अस्थाई राहत मिल गए थी लेकिन ये राहत स्थाई नहीं थी और मामले की सुनवाई लगा
01:39तार जारी थी
01:40इस बीच सुनवाई के दौरान अदालत कई बार याची करता की ओर से गैर हाजरी को लेकर नराज की जता
01:46चुकी थी
01:46बताया जा रहा है कि 8 मैं 2026 की सुनवाई में भी अभिशेक बानर जी की ओर से कोई प्रभावी
01:52पैरवी नहीं हुई थी
01:54तब अदालत ने साफ चिताबनी दे थी कि अगली तारीख पर यदि बहस नहीं हुई तो अंतरिम राहत जारी नहीं
02:00रखी जाएगी
02:01यानि हाई कोट पहले ही संकेत दे चुका था कि यदि याचिकरता की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई गई तो
02:08राहत खतम की जा सकती है
02:0918 जून को जब ये मामला फिर सुनवाई के लिए आया तो अभी शेक बैनर जी की ओर से कोई
02:15अधिवक्ता अदालत में मौजूद नहीं था
02:17कोट ने कुछ समय का अतिरिक अफसर यानि पास ओवर भी दिया लेकिन उसके बाद भी कोई वकील पेश नहीं
02:24हुआ
02:24इस पर जस्टिस प्रमोत कुमार अगरवाल की एकल पीठ ने कड़ी टिपपनी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है
02:32कि याची करता को इस याची का की कार्यवाई में कोई रूची नहीं है
02:35इसके बाद अधालत ने याची का खारिच कर दी और गिरफतारी वारंट कर लगी अंतरिम रोग भी समाप्त कर दी
02:42साथ ही हाई कोट ने आदेश के प्रती ततकाल ट्रायल कोट को भेजने के निर्देश दिये हैं
02:49हाई कोट के इस फैसले के बाद अभिशेग बैनर जी की मुश्किले बढ़ सकती हैं
02:53कानूनी विशेशग्यों का मानना है कि अब मध्यप्रदेश पुलिस वारंट के संबंध में आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकती है
03:00हाला कि अभिशेग बैनर जी के पास अभी भी सुप्रीम कोट जाने का विकल्प खुला हुआ है
03:06ऐसे में माना जा रहा है कि वो शीर्श अदालत से राहत मांग सकते हैं
03:11उधर इस फैसले को लेकर राजनितिक प्रतिक्रिया भी तेज होने की संभावना है
03:15क्योंकि अभिशेग बैनर जी टीमसी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं
03:20और पार्टी में नमबर दो की भूमे का निभाते हैं
03:23फिल्हाल इतना तै है कि एक राजनितिक बयान से शिरु हुआ ये मामला
03:27अभिशेग बैनर जी के लिए बड़ी कानूनी चुनौती बन सकता है
03:31हाई कोट द्वारा अंतरिम राहत हटाए जाने के बाद
03:34उनकी निगाहें अब संभावित रूप से सुप्रीम कोट पर होंगी
03:38अब देखना हो गवा कि क्या उन्हें वहां से राहत मिलती है
03:41या फिर मध्यप्रदेश पुलिस इस मामले में अगला करतम उठाती है
03:45आप इस पूरे विशे में क्या सोचते हैं
03:48हमें अपनी राह कमेंट सेक्शन में जरूर बताईए
03:50और देखते रहिए One India Hindi
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