00:00दुनिया के नक्षे पर एक ऐसी खबर आई है जिसने रातो रात ग्लोबल पॉलिटिक्स का रुख बदल दिया है
00:05अमेरिका और एरान दो कटर दुश्मन जो पिछले कुछ महीनों से एक भयानक जंग में आमने सामने थे
00:11उन्होंने अचानक एक Peace Memorandum of Understanding sign कर लिया है
00:16इस समझोते के तहट जंग तुरंत रुख गई है
00:20एरान की नाकबंदी यानि नेवल ब्लॉकेड हटा दी गई है
00:23और दुनिया की सबसे समवेधनशी लाइफ लाइन श्रेट ओफ होर्मूस को दुबारा खोल दिया गया है
00:30लेकिन आज का सबसे बड़ा सवाल ये नहीं है कि शान्ती कैसे हुई
00:34आज का सबसे बड़ा सवाल ये है कि एरान अमेरिका की इस डील से दुनिया का कौन सा वो शातर
00:41देश है जो दुखी हो रहा है
00:44कौन सा देश इस जंग से अर्बो रुपे कमा रहा था और अब उसकी रातों की नी दुड़ चुकी है
00:50और ग्लोबल लीडर्स के इस भारी भरकम क्लोरिस अफ प्रेस के पीछे का असली खेल क्या है
00:56इस वीडियो में हम इस पूरे जियो पॉलिटिकल इंसाइड स्टोरी की एक एक परत खुलेंगे
01:01कहानी की शुरुआत होती है रविवार की देर रात जब वॉशिंटन से लेकर तहरान तक एक साजहा एलान होता है
01:08रविवार को फाइनल हुआ ये M.O.U आने वाले शुक्रवार को स्विजलेंड में आधिकारिक तोर पे साइन होने जा
01:15रहा है
01:15इस डील की शर्ते कहती हैं कि अमेरिक और इस जंग में उसके पार्टनर इसरेल की तरफ से एरान पर
01:21होने वाले सभी मिलिटरी अटाक्स तुरंत रुख जाएंगे
01:24और बदले में इरान उस्टेट ओफ होर्मूस को फ्री कर देगा जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है
01:30अमेरिकन प्रेजिडेंट डॉनल ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साफ लिग दिया
01:37लेकिन अब आते हैं हमारे कोर अनलसिस पर
01:40जैसे ही ये खबर आई दुनिया भर के लीडर्स की तरफ से बयानों की बाड़ा गई
01:44युनाइटेड नेशन्स के सेक्रेटरी जेनरल अंतोनियो गुतरेस ने इसे क्रिटिकल स्टेप बताया
01:50ब्रिटेन के पी-म स्टारमर ने भी फ्रांस के राश्रोपती एमान्यूल माकरॉन और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मिर्स इन सब
01:58ने एक सुर में इस दील का स्वागत किया है
02:02और बताया है कि ये दुनिया के लिए कितनी जरूरी थी शांती से ही दुनिया की जादातर समस्याएं हल की
02:10जा सकती है और वो इस दील से बेहत खुश है
02:13येरोपियन यूनियन की फॉरन पॉलिसी चीफ काजा कलास और उर्सुला वांदर लेन ने भी माना की ग्लोबल एकॉनमी को बचाने
02:20के लिए ये जरूरी था
02:22यहां तक की ऑस्ट्रेलिया, न्यूजिलेंड और जपान की पीम सनय टकाइची ने भी इस पर राहत की सांस ली है
02:28लेकिन एक पत्रकार की नजर से अगर आप देखें तो इस पूरी पिच्चर में सबसे दिल्चस नाम उन देशों का
02:35है जिन्होंने इस नामुंकिन सी दिखने वाली डील को मुंकिन बनाया
02:39तरकी के राश्योपती रेसेप तयब एर्दोगेन और कतर के प्रधान मंत्री शेक मुहमद बिन अब्दुलरह्मान अलतनी ने खुलकर पाकिस्तान, कतर
02:49और साउधी अरेबिया को धन्यवाद कहा है
02:51यानि इस पूरी डील के पीछे, परदे के पीछे जो मिडियेशन चल रही थी, मध्यस्ता थी, वो इन देशों ने
02:58संभाली
02:59अब चलिए उस महरे पर बात करते हैं जो इस पूरी जंग की याड में अपनी जेबे भर रहा था
03:04और इस शांती समझोते से सबसे जादा परशान है, वो शातिर देश कौन है
03:10तो जवाब है दर्शको, वो ताकते और वो देश जो ग्लोबल एनरजी क्राइसिस और डिफेंस सप्लाइस से मुनाफ़ा कमाते हैं
03:18जब तक इरान की जंग चल रही थी, शेट ओफ होर्मूस बन था, तब तक दुनिया में कच्चे तेल की
03:23कीमते आसमान चू रही थी
03:25ऐसे में जो देश इंटरनाशनल मार्किट में महेंगे दामों पर तेल बेच रहे थे
03:30या जो देश इस रीजनल इंस्टेबिलिटी का फाइदा उठाकर अपने हतियारों का बाजार चमका रहे थे, उन्हें सबसे बड़ा जटका
03:39लगा है
03:39इस दील से तेल की कीमते अचानक क्रैश हो गई है जिससे ब्लैक मार्किटर्स और जंग से मुनाफ़ा कमाने वाली
03:46एकॉनमीज को अर्बो डॉलर का नुकसान होने वाला है
03:49लेकिन कहानी में एक ट्विस्ट और भी है जिससे आपको समझना होगा क्या ये वाके में एक पर्मनेंट शांती है
03:55तो जवाब है नहीं
03:56ये सिरफ एक इंटेरिम समझोता है ब्रिटेन, फ्रांच और जर्मनी ने अपने बयान में एक बहुत ही चलाकी भरी लाइन
04:02जोडी है
04:03उन्होंने कहा है कि वे इरान पर से प्रतिबंध तभी हटाएंगे जब इरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर क्लियर और वेरिफाइबल
04:11कदम उठाएगा
04:12यानि अमेरिका और योरप ने इरान को जंग से पीछे हटने पर तो मजबूर कर दिया है
04:17लेकिन उसके न्यूक्लियर और बारिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम की नकेल अभी भी अपने हाथ में रखी है
04:22अगले साथ दिनों के भीतर इस पर टेकनिकल बात चीत होनी है
04:26इरान का दावा है कि उसने अमेरिका को जुका कर अपनी शर्ते मनवाई है
04:30जबकि Western countries का मानना है कि उन्होंने एरान की economy को चोक कर दिया और उसे मजबूर किया
04:36लेकिन अब असली picture बाकी हो सकती है
04:39तो लबुलाब यह है कि इस जंग के रुकने से दुनिया भर के आम consumers को बड़ी रात मिलेगी
04:45चाहे वो इंडिया हो या कोई और देश तेल की कीमते काबू में आएंगी
04:49लेकिन Middle East की विसाथ पर शाओ और मात काई खेल इतनी जल्दी खतम होने वाला नहीं है
04:54कतर, पाकिस्तान और साओधी अरेबिया ने मिलकर जिशान्ती की बुनियाद रखी है
04:58वो स्विजलेंड के शुक्रवार वाले सिगनेचर के बाद कितनी टिक पाती है
05:02इस पर पूरी दुनिया की नज़र रहेगी
05:04जो भी आपकी राय है हमें कॉमेंन सेक्शन में ज़रूर बताइएगा
05:07अब देख रहे हैं One India मैं हुआ कुर्ष कॉशे
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