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क्या वाकई ईरान ने अमेरिका को झुकने पर मजबूर कर दिया? क्या लगातार सैन्य दबाव, बढ़ते नुकसान और मध्य पूर्व में बदलते समीकरणों ने डोनाल्ड ट्रंप को शांति समझौते की राह चुनने के लिए मजबूर किया? इस खास चर्चा में मेजर जनरल जीडी बक्शी अमेरिका-ईरान समझौते के पीछे की पूरी कहानी बताते हैं। ईरान की रणनीति, अमेरिकी सैन्य दबाव, होर्मुज संकट, तेल राजनीति, इजराइल की भूमिका और ट्रंप के फैसले का गहराई से विश्लेषण किया गया है। क्या यह अमेरिका की कूटनीतिक जीत है या ईरान की रणनीतिक सफलता? जानिए इस विस्तृत चर्चा में।

Did Iran force the United States to change its strategy? In this explosive discussion, Major General GD Bakshi breaks down the real story behind the US-Iran peace deal and explains why President Donald Trump chose negotiations after months of rising tensions. From the Strait of Hormuz crisis and military pressure to Israel’s concerns and the shifting balance of power in the Middle East, this analysis covers every major development. Was it a diplomatic victory for Washington or a strategic success for Tehran? Watch the full discussion to understand the geopolitical implications of the latest US-Iran agreement.

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~HT.410~PR.540~ED.104~GR.122~VG.HM~

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00:00कई महिनों तक चली तनातनी धमकियों सेन दबाओ और टकराओ के बाद आखिरकार अमेरिका और इरान बादचीत की मेज तक
00:08पहुच गए हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि डोनार्ड ट्रम जो लगातार इरान
00:15पर दबाओ बढ़ाने की बात क
00:28कहना है कि किसी भी युद्ध में केवल ताकत ही नहीं बलकि उसकी कीमत भी मायने रखती है जब नुकसान
00:34बढ़ने लगता है तब बड़े से बड़ा देश भी अपनी रणीती बदलने पर मजबूर हो जाता है बक्षी के अंसार
00:41अमेरिका को उमीद थी कि दबाओ की रणीत
00:54पर क्या कुछ कहा है अमेरिका में एक आदत है सिल्वर बुलिट जी अब हमको हाइमार भेज दो यूक्रेन में
01:02लड़ाई जी जाएंगे बेज दिये कख नहीं हुआ अब इनकी कोई नहीं लगता है कोई टेक्नोलोजिकल इनोवेशन कोई गेम चली
01:21है वो पकड़ने में उस
01:22चीनियों को इरानियों को जादा देर नहीं लगे और अगर इस बहाने वो सुझे कि हाँ हाँ बड़ा बड़ीया टाइम
01:29है अब मैं इरान को रगड़ दूंगा बसल दूंगा तो साब हम आपको मसलते मसलते देखते हुए अब दुनिया भी
01:37ये तमाशा देखे तंग आ दे
01:38आपकी जो इनकी जो होंस हैं इसराहिल बोलता है देखो साब मैंने तबाख कर दिया अब तुम में चार जाओ
01:46ये मौका है खतब कर दो ये लड़ाई हमेशा हमेशा के लिए जब खतब होगी तब देखी जाएगी तो हमको
01:54बैठके सुनना है कि डॉनेट रम साब का लेटेस
02:13कि डॉनेट रम साब चिलाते हैं चीखते हैं इसराहिल जो वर्जी आती है वही करता है और दो दिन के
02:20बाद अमेरिका से करवाता है जी तक तो डॉनेट ट्रम साब कह रहे ते किताब लड़ाई खतम पीस्टॉक हो गई
02:27हो भी डे और गुड नेगोशियेटर्स ये वह वह व
02:37इनों ये उस दील से वाक आउट कर दिया मतलब साइन डील से ये लोग साफ मुकर गए और आप
02:45जो है इनको लग रहा है कि साब अगर मैंने वही डील अब साइन करी तो लोग बोलें के भाई
02:52तुमारा दिमाग खराब था जो ये दील तो 2015 में इससे अच्छी हो चुकी थी �
02:57अब तुम कहा से वही डील कर रहे हो सौ दिन लडने के बाद 13 हमारे बंदे तेरा नाम के
03:03हैं तेरा पर सुई अटक गई है अमेरिकन पंदरा कर दिया हैं वह कर दिया है वो की बात हो
03:12लेकिन वह सच की तरफ तो जा रहे हैं अशोस यह होता है कि वह जूड हूं देखे हैं व
03:27कि यह कुछ दिन पहले की जो होता है ऑपरेशनल रिसर्च स्टेटिस्टिकल अनालिसिस के मुताबिश
03:39के वूंडिड कि इस वन इस्टूपी अगर आप कहरें कि आपके 415 गायल हुए हैं तो तकरीबंग 100 के करीब
03:48तो शहीद हो के आप लिट के लिए
03:50कि यह अमेरिकन पॉब्लिक से चुपा रहे हैं जूट बोल रहे हैं मिटम इलेक्शन आ रही है जूट बोलना यह
03:58मतलब एक आंख नहीं जबकते जूट पे जूट पे जूट पे जूट बोलने के पहले
04:03जी एग
04:06कर दो कर दो है
04:07प्रॉट प्रॉट प्रॉट भॉट थाज़ से अप्रॉट रहे हैं
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