00:00अब हम अपने इस बाचीत के दूसरे हिस्से में चलते हैं, हम अपने देश के बारे में जम्मू कश्मेर को
00:05लेकर थोड़े बात करना चाहते हैं, कोचर सर के पास चलते हैं, कोचर सर दक्षड कश्मेर के कुलगाम में एक
00:09आतंकी हमला होता है, शुकरवार की रात, इट भठे �
00:12पर मजदूर काम कर रहे थे, 36 गड़ के रहने वाले थे, उन मजदूरों के पास TRF के आतंकी पहुचते
00:18हैं, उनका नाम पूचते हैं, हिंदू नाम जब उनको मिलता है तो उन्हें गोली मार देते हैं, दोनों की मौत
00:23हो जाती है, अस्पताल पहुचने के बाद इलाज के द
00:42नाम पूच कर हट्याएं की गई थी, पहले गाम वाला मामरा हुआ था, सबको पता है, आपकी साथ से सब
00:48लख्यों का कश्मीर में इन घटनाओं की तेजी से बढ़ती हुई, क्या इसके पीछे पाकिस्तान की कोई नई सोच काम
00:54कर रही है?
01:00इसका पूरा नाम है, और ये लशकर तौइबा का नया नाम है, कुछ साल पहले ये इसका गटन हुआ था,
01:11लशकर तौइबा को डेजिगनेट कर दिया था कि इंटरनाशनल टेरोरिस और्गनाजेशन है, यूएन ने भी किया था, और और इसलिए
01:22वो जो उनकी जो फंडिं�
01:23होनी थी, वो उसको होनी पानी थी, और इसलिए पाकिस्तान ने ये सोचा के, इसमें भी लशकर तौइबा का नाम
01:34आया था, तो एक बचाव के लिए ये दर रिजिस्टन फ्रंट इसक्रेट किया गया, आपकी ऑगनेशन वही है, जो नाम
01:45उसका बदली हुआ है, दूसरा अ�
01:53ये जितने भी इंसिडेंट्स है, ये डिरेक्ली रिलेटेड हैं, जो पाकिस्तान के अंदर, पी ओके में जो स्तित्थी है, आज
02:00की देख, अभी मैं आपके प्रोग्राम से पहले प्रोग्राम अभी कर रहा था, इसी के उपर था, उसमें एक पाकिस्तानी
02:06पैनलिस्ट भी थ
02:23जाते हैं भारत के अंदर भी, और अगर आपने पहलगाम इंसिडेंट पे देखा तो आप जानते हैं कि सेम चीज़
02:28हुई थी, जो उसको मारा गया था वहां पे, और यहां पर भी ये चीज़ हमको दिखाई दे रही है,
02:36और बीच में अगर आप देखें, कुछ दिनों पहल
02:40एक कश्मीर पुलिस के एक हेड कॉंस्टिबल को मारा था, और अगर हम दस बारा दिन पुराने अपनी अपनी न्यूस
02:53को ले जाएं तो आपने इसको देखा था, पाकिस्तान ने लूसी को वाइलेट किया था, और उसको शेलिंग हुई थी
03:00पाकिस्तान की तरफ से, और शेल
03:10शेलिग होती है, उसके आर्ड में इंफिल्टेशन होती ही, यह हमने देखा है पहले, और अभी मौसम भी आपके इस
03:18प्रकार का है कि इंफिल्टेशन आप इसको कर पाते हैं, अभी कोई इसको विंटर का मौसम नहीं, दूसरा अभी कल
03:26की भी निउस है कि पाकिस्तान की तर�
03:38वेपन्स की ड्रॉपिंग होती है डेजिनेटिटेड एरियाज में इनके लोग छुपे हुए जंगलों में जैसे पीर पर अंजाल आपके रेजिस
03:47होगे किस्तवार का एरिया है जैसे के अभी कुछ देर पहले हमने साथ टैर्रोस मारे ते किस्तवार में वो दो
03:54तीन महीने का �
03:55अब उसमें सक्सेस मिली थी हमारे स्पेशल फोर्सेस को तो और उसमें हमको एक बहुत इंट्रेस्टिक जानकारी मिली और जानकारी
04:08यह थी कि यह लोग जंगल में एक साल से टिक हो है इसका मतलब कि इनको अंदर से सपोर्ट
04:15मिल रहा है और अभी जो आपने कुलगाओं का �
04:19जो इंसिडेंट है इसमें भी हमारे लोकल्स जो हमारे लड़के हैं जो हमारे जो इसको देश के लोग हैं वो
04:28इन्वार्ट थे इनको इंटेलिजन्स देने के लिए और यह सारा जो अपना करने के लिए बिकॉज रैडिकलाइजेशन भी हो रखी
04:35है इसको काफी ऐसे यूथ
04:38है जो कश्मीर में जो इसको मिले वोई इनके इसको पाकिस्तान के साथ ISI के साथ पैसा वगएरा इनको काफी
04:48दिया जाता है और इसलिए आपने इसको देखा भी गौर्मेंट FCR मिल लेके आ रही है
04:55बिकाज ये इसको बाहर से जो फंडिंग आती है इंडिया में वो ये लोग इस्तवाल करते हैं और इसको यूएस
05:04जैसी भी कंट्रीज अपने एंजियोज जो जो यहां पे जो एंजियोज हैं और जो इंटरनल डिस्टर्बंसेज फैलाने होते हैं वो
05:13इसको फैला लेती है तो
05:15इसको बात यहां पे यह आगी कि P.O.K के जो हालात है आज की डेख पे
05:21वो पाकिस्तान की जो आपकी I.S.I. है और D.G. I.S.P.R. है
05:27अभी उसको यह लगता है कि यह भारत करा रहा है
05:31और इसको भारत जो जो कश्मीरी है जो पाकिस्तान की तरफ रहते हैं
05:38यह जो भारत उनको फंडिंग दे रहा है पाकिस्तान को एक तकलीफ देने के लिए बिकॉज आपको अगर याद होगा
05:46बलूचिस्तान में और खाइबर पक्तूर्वा में भी जब ऐसे इंसिडेंस हो रहे थे उस टैम भी पाकिस्तान का यही रुख
05:55था कि यह एक्स्टरनल ए�
06:08होने के बाद तकरीबन एक साल तक शालती थी और अब मैं देख रहा हूं कि दुमारा से अभी यह
06:17इनकी कोशिश है कि जम्मु एन कश्मीर को फिर से एक्ट करें फिर से ऐसे इंसिडेंट करें और आप अभी
06:25देखेंगे शुरुवात है यह और हम यह डिसकस करेंगे आपके
06:41और दूसरा है कि जो यह इंफिल्ट्रेशन करते हैं अंदर आते हैं यह महिनों तक सालों तक चुप जाते हैं
06:52जंगलों और वो जो जैसे पीपगा के आपके जंगल है उसकी जो लंबे लंबे पेड़ है उच्छे-उचे हाइट्स वाले
07:01पेड़ है तो उसको वहां पे आप
07:07देखा जब पहलगाम में टैक हुआ था जब हमने इनको चेज किया और हमने इनको पिंट पॉइंट करने की कोशिश
07:13की तो यह पकड़ में नहीं आए बिकाज वो फोलेच से हम उनको ड्रोन से डिटेक्ट नहीं कर पाए तो
07:20यह एक कैट और माउस गेम अभी चल रही है और �
07:24इसको मेरा तो यह है कि गौर्णमेंट को दो चीज़े करनी चाहिए इस मेरी रेकमेंडेशन है आपके प्रोग्राम में पहले
07:31तो यह जो भी ओजी डब्लू से हैं इनको आपको आइडेंटिफाय करने की जड़ोते हैं थोड़ी आपको अपनी यूमन इंटेलिजेंस
07:40को ते
07:54इसको नहीं पकड़ पाते हैं इनको चाहिना ने दे रखके हैं लेटेस्ट टेक्नोलजी यह वगरा पर यह ऑपरेट करते हैं
08:01तो उससे तो हम नहीं पकड़ पाएगे तो हमको अपनी यूमन इंटेलिजेंस को तेज करना पड़ेगा और यह जितने भी
08:08ओजी डब्लू से ज
08:21इनका कर्विक्शन डेट बहुत लो है और अगर आप यह डाटा इसको गूगल भी करेंगे आपको जानकारी मिलेगी कि यह
08:29जितने भी पगड़े जाते हैं इनका कर्विक्शन डेट इस लिए इनको एक वह मिलता है छूट बिलती है एक इनको
08:38डेटरेंस नहीं है और हमारे �
08:40देश में स्टिक्ट कानून होने के बावजूत हम इनको सजा नहीं दे पा रहें तो यह सारी चीजे है और
08:47ये इसको रिलेटर है और मुझे लगता है कि इनडिया पाकिस्टान के रेलेशन बे आने वाले वक्त में कोई सुधार
08:55नहीं दे
08:56लेकिन सर बार बार बार बात तो उड़ती रहती है सुधार की
08:59अभी कुछ जिनों पहले हमारे देश के कुछ बुद्ध जीवियों ने प्रतिष्ठित लोगों ने चिठ्थी लिखी थी
09:04वहां के भी लोगों ने लिखी थी
09:06वहां कि बहुत साइर लोगों को मैं सुनता हूँ
09:08वो कहते हैं कि वीजा प्रकरिया बहाल होनी चाहिए
09:10रिष्टे रिष्टों में सुधार होना चाहिए
09:13लेकिन बात आकर फस्ती कहां है
09:15क्या पहले की तरह पाकिस्तान में
09:17वहां कि सरकार और सेना के बीच के जो आपस के मद्भेत है
09:20सेना नहीं चाहते कि रिष्टे सुधर है
09:24बिल्कुल आपने
09:26अपने क्वेश्चन का आपका जवाब आपका बिल्कुल सही है
09:29इसको लोगों के चाहने से क्या होता है
09:32मुझे बताए पाकिस्तान
09:34इसको लोग अगर चाहेंगे आमन हो शांती हो
09:38देश के बीच में ट्रैवल हो
09:41और आने जाने पीपल टू पीपल कॉन्टेक्ट हो
09:44कौन नहीं चाहता मुझे बताए
09:45हम भी एक दुश्वानी रखना चाहते हम भी नहीं रखना चाहते
09:50बड़ जब वो लोग बाज नहीं आते हरकतों से और जब बार बार इस टाइप के जैसे कि अभी जो
09:56कुलगाम के चलो क्या हम यूँ खूलेगा आपको कर और इसको मेरा और हमारे वियोस का
10:03जब ऐसी होते तो हम उनके साथ दोस्ती का हाथ कैसे बढ़ा सकते और यह जो बुद्ध जीवी है I
10:10don't know इनकी बुद्धी कहां चलीगे यह
10:13बिकॉज मैं तो बुद्ध जीवी बोलता नहीं हूँ बिकॉज यह किस बेसिस के उपर हाथ में लाना चाह रहे मुझे
10:18बताए
10:19ऑप जब पाकिस्तान के जो इसको जनल मुनीर है वो तो हमेशक आग अग उबलते हैं आपने उनको इसको पाकिस्तान
10:32तोसना ता हमारे हैं एक दूसरे से
10:38अलग हैं और हमारा जिहादी सोच है और हम ये इस टाइप की जंगलर वेन है कश्मीर हो गयरा इस
10:45टाइप के जब वो अपने शम्द इस्तमाल करते हैं तो नफरत उनके रग रग में बसी हुई है और अगर
10:51आप जियावलग के बाद अगर पाकिस्तान को अगर आप डीपली स्
11:08सिखलाई जाती है उनकी टेक्सबुक्स या अगर आप उनकी टेक्सबुक्स में भी उसको पढ़े तो उसमें भी जहर है भारत
11:17के अगेज्ट तो जब उनके बच्चे ही एक ऐसे महौल में पढ़ रहे हैं जहां पे उनको नफरत ही एक
11:26नफरत की दुकान है वहां पे और उस
11:38को फिलाल तो मैं इतना इतना इसको आगे नहीं जाओंगा मैं भी फाइव यह टू टैनियर्स मैं नहीं देखता है
11:48यहां पर कई पी सुदार आ सकता
11:50बिल्कुल देउना सर के पास रते हैं देउना सर कश्मीर के मुझूदा हालात और पाकिस्तान की आतंकवाली नीत पर आपका
11:56क्या कहना है
11:59वेवबब जी अभी जो यह आतंकवादी घटना हुई बहुती दुखत घटना है डेफिनिटली उनके परिवार जनों को हम इस दुख
12:10की घड़ी में हम उनके साथ हैं
12:12देखे जैसे हम सब सोच सकते हैं कि एक्शन और रियक्शन टी आर एफ ने जिम्मेवारी ली है
12:24दो तिन चीजें बहुत जरूरी है कि उसका जो रिस्पॉंस है वो इतना नरम भी नहीं होना चाहिए
12:32कि जो लोग वहाँ पर विक्टन कारी हैं उनके होसले बढ़ जाएं
12:38दूसरा है कि उसका जो सरकारी रेस्पॉंस है वो इतना कड़ा भी नहीं होना चीए
12:44कि वहां पर जो आम आदमी है वो परिशान हो जाए और उसकी सुहनबुती
12:52अभी हम ओर्गरॉंड वरकरस की बात कर रहे थे
12:54कि वहाँ आम आदमी हमारे पुलिस की कारवाईयों से परिशान होकर
12:59उसकी सुहनभूती इन आतिंकवादियों की तरफ हो जाए
13:04ये बहुत ही डेलिकेट बैलेंस रखना पड़ता है
13:08दूसरी चीज इसमें कोई शक नहीं है कि इनको पाकिस्तान स्पॉंसर कर रहा है
13:15जरूरत ये है कि हम क्लियर एविडेंस पुक्ता सबूत जमा करें
13:22और उसको दुनिया के पटल में रखें
13:27शायद OIC शायद गल्फ कांट्रीज को बता सकते हैं
13:31कि पाकिस्तान ऐसे कर रहा है ये ये रोक के देशों में
13:35अमरीका में करनडा में भी जो हमारी एमबेसी है वो
13:37पुक्ता सबूत दे सकते हैं क्योंकि पाकिस्तान हमेशा
13:45डिनाइबिलिटी की पीछे छुपा रहता है वो हमेशा कहता है
13:49कि हमने ने तो नहीं करवाया शुरुआती दोर में मुझे याद है
13:55कि 1990 के दशक में हम पाकिस्तान को एविडेस दे थे थे मैं अभी फुक्ता सबूत की बात कर रहा
14:02था
14:04तो यह 1992 1993 की बात है कि हमने उनके आतंगवादियों को पकड़ा दो मारे गए
14:13उनके जो शर्ट का कॉलर था उसमें लाहोर के टेलर का स्टिकर लगा हुआ था
14:20तो हमने उसकी फोटो ली पाकिस्तान को जो फोल्डर हमने दिया कि देखो तुमारे यहां से आतंगवी आ रहे हैं
14:27प्रूफ यह है कि इसको जिसको हमने मारा उसकी शर्ट की कॉलर में जो यह कॉलर टैग लगा हुआ है
14:34यह लाहोर के टेलर का है
14:37तो इससे सीखते हुए क्या किया आएसाई ने अब जब वो अपने गुरुगों को भारत के अंदर दाखिल करते हैं
14:47तो वो इस तरह की सारी प्रकॉशन लेते हैं जो बिसकीट हैं उनको जो देते हैं आजकल जब पाकिस्तान नहीं
14:57आतंगवादियों को भारत में गुजाते
14:58हैं तो उनको भारत में खरीदे हुए बिसकीट का पैकेट देते हैं ताकि ऐसा नहों कि वो कल पर सो
15:08मारा जाए और उसके रक्सेग से उसका जो शोल्डर बैग है कैरी बैग है उससे पाकिस्तानी बिसकीट निकले तो वो
15:17ट्रेसेबिलिटी को डिनाए करते हैं लेकिन कैट �
15:23अगे में हमें प्रूफ देना पड़ेगा तभी इंटरनेशनल कम्यूनिटी उनको धिकार करेगी देखिए एक और चीज़ है कि क्या भवीशे
15:35में भी पाकिस्तान के साथ हमारे रिष्टे सुदर सकते हैं जनल कोचर ने एकदम सही कहा और इसका तो राजनिती
15:43रूप हमने क
15:45कि आतंकवाद के साथ एक साथ हम नहीं रह सकते हैं लेकिन कुछ कारवाईयां तीन ले रहे हैं लेकिए वहां
15:55की आम जनता जैसे अभी इंटरलोकेटर्स बुद्धी जीओं की बात हो रहे थी दूसरा नेक्स लेवल है वहां की सिविलियन
16:02जो सरकार है भारत में भी हम लोग
16:06भुब भागेशाली है कि हमारे यह डेमोकृटीक सरकार है और हमारे हूँ एडमस्ट्रटीव सर्विसेस बहुत था एफिशिन्ट है हमारी जो
16:14सरकार है समझे पकिस्तान के मामले में सरकार का मतलब है सिर्फ आई-ई-एस की बात
16:21नहीं कर रहा, आई एफस की भी बात कर रहा हूं, फॉरेंज सर्विस के आफिसर्स, सरकारी तोर पर भी पाकिस्तान
16:30का जो सिविलियन वाला हिस्सा है, उसके साथ डायलोग की कुछ जरूत है, क्या हम पाकिस्तान की फॉज को कन्विंस
16:39करा पाएंगे, जनरल कोचर ने कह दिया
16:41और मेरा भी ये मानना है कि पाकिस्तान की फॉज और पाकिस्तान की ISI और DGISPR उसके एक नमूना है,
16:49उनको हम कभी नहीं समझा पाएंगे, सिर्फ एक ही उम्मीद है भविश्य में, सिल्वर लाइनिंग, कि हम उम्मीद करते हैं
16:56कि एक समय ऐसे आएगा, दस साल में या बीस स
17:02सरकार बोला तो पॉलिटिकल पावर्स शाय पीपीपी की हो, PMLN की हो, PTA कोई भी हो, प्लस उनकी जो पाकिस्तान
17:10एड्मिस्ट्रिटिव सर्विस है, पाकिस्तान फॉरें सर्विस है, वो लोग इतने मजबूत हो जाएंगे, कि वो पाकिस्तान की सौज को वापस
17:19बैरक्स मे
17:21भेज देंगे, च्छावनी में भेज देंगे
17:22कि आप देश की रक्षा के लिए
17:25च्छावनी में रहिए, तैयारियां कीजिए
17:28पॉलिटिकली
17:28पाकिस्तान को ना चलाईगे
17:30ये मैं उमीद करता हूँ
17:32कि एक मीडियम टर्म होराइजन में
17:34आसे 10 साल या 20 साल में पाकिस्तान में होगा
17:38जी
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