00:11शांती की बात या सियासी चाल
00:14मध्यस्त बनने निकला था पाकिस्तान
00:18वारता होई फेल नाकाम हुआ पाकिस्तान
00:21जिहां पाकिस्तान जो खुद को इस वक्स शांती का दूद बताने की कोशिश कर रहा था
00:27अब उसी की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं
00:30इरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तराओं के बीच पाकिस्तान ने
00:33खुद को मध्यस्त के तौर पर पेश करने की कोशिश की थी
00:37इसलामबाद में बाचीत की कोशिशें, डेलिगेशन का आना
00:40और बड़े अस्तर पर कूटनीती गद्मिधियां
00:42लेकिन कहानी यहीं तक सीमित नहीं रही
00:45जैसे ही पाकिस्तान ने खुद को पी स्टॉक का चेहरा बनाने की कोशिश की
00:49वैसे ही उस पर पुराने सवाल फिर से खड़े हो गए
00:52दुनिया को याद दिलाया गया कि वही पाकिस्तान है
00:55जिस पर सालों से आतंगबात को पनाह देने का आरोप लगा है
00:59अब वही देश शांती की बात कर रहा है
01:02खैर बेटा कितना भी नालाय क्यों न हो
01:04उसे सुधरने का मौका तो मिलता ही है
01:07लहाजा पिछली गलतियों को नदर रंदाज करते हुए
01:10पाकिस्तान को भी ये मौका दिया गया
01:12लेकिन इसमें भी वह फेल निकला
01:14एक बार फिर पाकिस्तान को अपनी 26 उधारने की कोश्चों पर बट्टा लग गया
01:19इसलाबाद में कीज घंटे की एतिहासिक वारता के बाद दोनों देशों में कोई डील नहीं हो पाई
01:25इसके बाद अमेरिकी उपर राश्टपती ने ऐलान कर दिया कि ये वारता फेल हो चुकी है
01:30और वो वापस अमेरिका के लिए निकल गये
01:32बाद में इरान ने भी कहा कि अमेरिका बेवज़ा की मांगे रख रहा था
01:36और इसलिए बादचीत का कोई निसकर्ष नहीं निकल पाया
01:40वह इस मामले में मध्यस्ता करने वाले पाकिस्तान को भी बड़ा जटका लगा है
01:45उसे उमीद थी कि अगर अमेरिका और इरान में डील हो जाती है तो इसका पूरा क्रेडिट उसे मिलेगा
01:51लेकिन यहां मुनीर और शहबाज की पूरी सोच धरी की धरी रह गई
01:56वही वारता फेर होने के बाद रविवार को पाकिस्तान ने कहा कि वह दोनों देशों के 20 सार्थक बाचीत के
02:01लिए प्रयास करता रहेगा
02:03वह दोनों पक्षों से सीज फायर का अनरोत करता है
02:06पाकिस्तान के उपप्रधान मंत्री और विदेश मंत्रे इशाक डार ने कहा कि 24 घंटे के दोरान कई चर्णों में सार्थक
02:14चर्चा हुई
02:15उन्हें कहा कि फिल्ड मार्शल असीम मुनीर और उन्होंने दोनों पक्षों को जोडने का पूरा प्रयास किया
02:21वैसे पाकिस्तान की मध्यस्ता से होई इस वारता पर दुनिया भर की निगाहे थी अमेरिका और इरान के बीच या
02:271989 की इसलामिक करांती के बाद पहली प्रत्यक्ष उचस्तर ये बात चीत थी
02:32वैंस ने कहा हमने कई मुद्दों पर चाचा की लेकिन हम ऐसे स्थिती तक नहीं पहुंच सके जहां इरान हमारी
02:38सर्तों को सुईकार करने के लिए तैयार हो
02:40फिलाल गर बस अतना ही बाकि अपडेटली बने रहे है वन इंडिया हिंदी के साथ
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