00:05इरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची की हालिया कूट नितिक सक्रियता ने मध्यपूर्फ की राजनीती में हल्चल मचा दी है।
00:30इस पूरे घटना करम के केंदर में हुर्मुद स्ट्रेट पर नियंत्रन और अपनी आर्थिक स्थिती को बचाय रखना है।
01:02इस पूरे संकट में एक शान्ती दूद की भूमिका निभा रहा है।
01:06मसकट हमेशा से इरान और अमेरिका के बीच एक पुल रहा है।
01:10अरागची की सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात का मुख्य उद्देश यही है कि ओमान के जरिये अमेरिका तक ये
01:17संदेश पहुचाया जाए कि इरान तनाव कम करने के लिए तयार है।
01:21पाकिस्तान और इरान के बीच सीमा विवाद के बावजूद वर्तमान स्थिती में दोनों सामरिक रूप से करीब आ रहे हैं।
01:51कतर का कहना है कि हुर्मुद स्ट्रेट को किसी भी पक्षद्वारा अपनी जिद मनवाने के लिए औजार की तरहे इस्तिमाल
01:57नहीं किया जाना चाहिए।
01:58कतर आर्थिक स्थिरता चाहता है क्योंकि गैस और तेल के निर्यात में बाधा उसके लिए भारी नुकसान दे होगी।
02:04UAE का रुख इरान के प्रती सबसे सख्त है। उसने इरान की कारवाईयों को गैर कानूनी आकरामकता कहा है।
02:12UAE चाहता है कि इरान के परमानु कारिक्रम और ड्रोन तकनीक पर पूरी तरह रोक लगे।
02:17उसने यहां तक चेतावनी दी है कि वो समुद्री रास्तों की रक्षा के लिए अमेरिकी सैन्ने अभ्यानों में शामिल होने
02:23से भी पीछे नहीं हटेगा।
02:24बहरीन ने इरान से उन नुकसानों के लिए हरजाना मांगा है जो उसके बुन्यादी घाचे को इरान समर्थित समुहों के
02:30कारण पहुचे हैं।
02:31बहरीन का मानना है कि जब तक एरान अपने प्रॉक्सी संगठनों यानि हथियार बंद संगठनों को मदद देना बंद नहीं
02:38करता तब तक क्षेत्र में किसी भी तरह की शांती संभव नहीं है।
02:42साओधी अरब
02:43साओधी अरब की स्थिती बहुत जटिल है।
02:46क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सल्मान अपने विजन 2030 के लिए शांती चाहते हैं लेकिन उन्हें यमन के हूथी विद्रोहियों से
02:52सबसे अधिक खत्रा महसूस होता है।
02:54साओधी अरब एक तरफ इरान से रिष्टे सुधारने की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ अमेरिका के जरिये इरान
03:00की सैन्य ताकत को कम रखने की कोशिश में भी है।
03:03कुवेत ने अंतरराश्ट्रिय कानूनों और समुध्री आवाजाही की स्वतंतृता पर जोर दिया है।
03:08वो इरान के उस रवये का विरोध कर रहा है जिसे अंतरराश्ट्रिय समुधाय मैरी टाइम ब्लैक मेल के रूप में
03:14देखता है।
03:15कुवेट का मानना है कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही को किसी भी राजनैतिक विवाद से उपर रखा जाना चाहिए.
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