00:00अपनी जान अर्पड कर दे ही इतनी मेहनत करी ही कि और बिदायकन के कभी हमने सुपने नहीं देखे शकल
00:09नहीं देखे जीतने के बाद में और मेरो भीया हर वकत छेतल में ही रहो किसानन की सुनी और काम
00:15करी
00:17बैट जाईए बहुत बहुत धर्शनन के लिए बहुत इस शुक और मेरो दिल घबड़ाव है अब भी भाईया ने बहुत
00:26कोशिश करिया जब तो मैं ये एरपोर्ट बैठो रात नहीं देने लगी वो है
00:31मेले जहाज में तू जिन्दों नहीं पहुँशेगो पर सटे लिए योगी जी किरिया काज कर दगिये
00:39बहुत बहुत धन्यवाद आपका भाई साब
00:42आज का दिन केवल तारीक नहीं है
00:47वह उन किसानों के जीवन का वह दिन है
00:52जो दिन विकास के इतिहास में भी
00:56किसानों के इतिहास में भी
00:58जेवर के इतिहास में भी
00:59और प्रदेश के इतिहास में भी सौन लाक्चरों में अंकित होगा
01:04चूंकि जो महाँ एरपोर्ट बनाए
01:06वो कंक्रीट और सीमेंट की इमारत नहीं है
01:10वो उडान है इस उत्तर प्रदेश की
01:12वो उड़ान है आपके उन सपनों की आपको याद होगा 2017 से पहले
01:19वही जेवर जहां लूट की घटनाएं हुआ करती थी
01:23वह जेवर जहां आवा गमन के साधन नहीं थे
01:26मेरी बेहन बेटियों के लिए कोई सिक्षन संस्थान नहीं थे
01:30और हमारे बच्चे नौकरी करने जाया करते थे
01:34हर्याना पंजाब दिल्ली और रात को वापस आते थे
01:38ट्रेन से उनकी क्या जिन्दगी रही होगी पारिवारिक
01:41तो मैंने उस जेवर को देखा है और आप लोग उसके साक्षी रहे
01:47उसी जेवर में लड़कियां नहीं पड़ पाती थी चूकि कानून
01:51विवस्ता नहीं थी बार्मी के बाद माता पिता घरों में बिठा लेते
01:55थे मौफ़ा मिला सन दो हजार अठारे में और लड़कों ने सिक्षा
02:01को चुना बच्चियों ने सिक्षा को चुना और वो आगे बढ़ीं जो पैसा
02:07किसानों को मिला उन्होंने उसे पढ़ाई में लगाया या अपनी
02:10जमीन को खरीदने में लगाया तो मैं ऐसी एक लड़की जिसकी तकरीबन
02:16पौने छेवी का जमीन गई थी इस लड़की का नाम है अब ये
02:20MBBS कर चुकी है उस मौबजे के पैसे से अलीगर्ड मुस्लिम उनिवस्टी से
02:25डॉक्टर हिरारासिद अब इसकी इच्छा समाज की सेवा करने की है और इसने
02:30मैं भूरे भूरे सब्दों मैं कहा कि अगर योगी जी का राज इस प्रदेश पर नहीं होता तो मेरा
02:37सपना MBBS बनने का कभी पूरा नहीं हो पाता हिरारासिद माइक दिया जा
02:49मानने मुख्यमंत्री जी नमश्कार मेरा नाम डॉक्टर हिरा राशिद है और मुझे ये कहते हुए बड़ा गर्व महसूस हो रहा
02:58है कि
02:58जिस भूमी पर मेरे पिता जी अन्नुगाते थे आज उसी भूमी से उडान भरके मैं आपसे मिलने आई हूँ
03:08एक ऐसा टाइम था जब नेट तक नहीं था पढ़ने की कोई सुविदा इतनी अच्छी नहीं थी
03:14स्कूल जाने के लिए बसे ठीक से नहीं होती थी पर जैसे जैसे विकास हुआ हमारे छेतर में तरक्य बड़ी
03:21सुविदाएं आएं
03:22उससे ही मैंने नीट दो हजार इकीस में निकाला बिना किसी कोचिंग के और जो भी सुविदाएं थी उसी से
03:30लेकर तो ये सब आपकी वज़े से ही हो पाया है बहुत बहुत शुक्री आपका इसलिए मैं आपकी बहुत शुक्र
03:36गुजार हूँ और मैं चाहती हूँ कि आप �
03:49कड़ी को छोड़ दिया था वो छूट गई उसे बाद में करेंगे अब तो बोलने की कड़ी चल लए है
03:54मुक्खे मंत्री जी आपने हमारी पीला को समझा हमारे विस्वास को सम्मान दिया और हमारे त्याक को इतिहास का हिस्सा
04:04बना दिया ऐसा इस प्रदेश के इतिहास में �
04:06तो कभी संबब हुआ नहीं मैंने उन किसान माताओं की आँखों में आसू देखे हैं जो कहती हैं कि हमने
04:14अपनी जमीन तो दे दी थी लेकिन हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे बच्चे उसी जमीन से बने एरपोर्ट
04:22से एक दिन हवाई जहाज में बैट कर मुक्खे मंत्री
04:25जी का धन्वात करने जाएंगे ऐसी अनेकों मेरी माता बहने हैं बैटी हुई हैं तो हम मैं निवेदन करूंगा रीता
04:34जी से जिनकी पहले फेस में जमीन गई थी वो आज की हवाई यात्रा से कैसा महसूस कर रही हैं
04:42और उन्हें अपने छेतर का विकास देखकर पुराने ज
05:17जेवर में क्या बदला महसूस हो रहा है?
05:18कोई मतलब निकल पाते थे वरना गाओं के लोगों के लिए कोई वो नहीं था लेकिन अब 2018 के बाद
05:23जो यहां पे एकदम से connectivity जो बड़ी है उस वज़े से लोगों को बच्चों को इतनी सुविधाय हुई हैं
05:29कि वो आगे तक की ऊची पढ़ाईों तक जा सकते हैं और दूस
05:47जहां तक हमको आज माननी विधायक जी ने पहुचाया है मतलब हमारा जो आप तक पहुचने का जो सफर है
05:54उसको इतना आसान बनाना माननी विधायक जी की तरफ से है मतलब उन्होंने हमारे सफर को बहुत आसान बना दिया
06:00है और मैं सभी का धन्यवाद करना चाहूंगी इत
06:43धन्यवाद आपका।
06:45बहुत बहुत धन्यवाद ऐसी सौगात देने के लिए और इस एधियासिक शड़का जो हमें गौरव मिला है उसके लिए बहुत
06:53बहुत धन्यवाद आपकी भावनाओं का और माने निये मुख्यमंत्री जी सेमी कंडेक्टर यूनिट नौल्थ इंडिया की पहली जिसके लिए
07:05के बाद हुआ आसपास हजारों और इंडिस्टी लगेंगी जहां कहीं भी चिप बनाने की फैक्टी लगती है उसके इल्द गिल्द
07:12के सौ किलो मीटर के रेडियस में हजारों चोटी-चोटी कंपनियां लगती हैं आप कल्पना की जिए कि जिस जेवर
07:21छेत्र के बच्चे ब
07:35ये संभब हुआ उस नेत्रुत की वज़े से जो आपके सामने विराजमाने और ये संभब हुआ मेरे उन किसान भाईयों
07:43के त्याग की वज़े से जिसकी वज़े से आज जेवर से हवाई जाजने उडान भरी और वह उडान जेवर से
07:51तो थी लेकिन वह उडान थी विस पट
08:05भारत कोई लक्षे को पूरा करने की उड़ान, इसी के साथ में हंसराज जी की तीन फेस में जमीन गई
08:12है, और ये पहले भी आ चुके हैं, सहमती के संबन में आप से निवेदन करना चाहूंगा, कि अपने उदगार
08:18से आप, माइक दे दिये जाए, संचिप्त कहिएगा, पंद
08:35कुछी बाद ना काओना को मैं नेता, मैं जिए असाहद बीतीह हैं, चत TIR साल बैतर साल के मातर इसी
08:41कुछंगा कोी सामने, हमारे परम पूजिय। भुक कुमंधरी जी और मंतरी जी और आ अप बहुत
09:05कुमार जी जो कि हमाई साथ दोसाथ इसे दोसाथ एटाएट से जब तक चाव फेज means
09:11ex mission से एजब तक мाई साथ रएंग आद रहे और hatred हमाई साथ बहुत में
09:14किया होड़ साथ और इनका भी बहुत बहुत इस वेजोग रहा है मान्यवर मैं आज आप से एक बात कहना
09:20चाहता हूं आज जिस टाइम हम सुबह छह साथ वजे हमें एर्पोर्ट पहुंचे परसों ने मालूम पड़ गी कि हम
09:27नहां जाएं हमें बहुत ही हुई हमारे जो किसान यहां आए दुन्डियां में परसन किसान ऐसे हैं जिन्होंने हवाई जाल
09:34उरता हुआ देखा हैं नकि ज
09:49सबसे ज्यादा हिए जोगदन हम लोगों ने किया है हमने अपनी जमीन को बिलकुछ नागे लगावर देजिया हमने
09:57महत आपके आपने मकुंद्री जी आपने गुरकफुर वारी घर्णा को सुनाई थी ती उस घर्णा से हम परवावित होकर उस
10:08बात को समझ के हमने तुरंथ
10:11पूरे किसानों के हाज जोड़े पहर पूंजा बिधायक जी ने हमारे एजिम साब ने जितनी वादकारियों ने हाज रात दिन
10:18महत करके निया आज ये सेर्पोर्ट में बनाने को काम किया है सबसे पहले और देखो आप हमारे मोधी जी
10:26ने तो भारत बदल दिया आप ने उत्त
10:40बताता हूं आपको एक मिट जो मिट पूना मेरी मेरा गाहूं जानदपुर है एक पचास साल की बढ़िया और अद
10:45बिद्वा जेवर बेंक भुगा करती थी विचारी साथ हजार पर निकाल के लाई पैंसन गए और उस दुफेरी का गर्मी
10:54पढ़ रही थे सार वो गाह में �
10:55गुष्टे गुष्टे दो बतमास आए और मोड साइकल से सुथ पैसे को चिंगी साजेगे मैं घूट बला हूं साथ हजार
11:02रपा स्ट चंगी से लेगे अब मैं बताता हूं दो जाए उननीस की बात जिस टाइम मापदा बट रहा हमारे
11:07गाहों में तो हमारे गाहों में एक �
11:11आए मुम्मध है मुसल्मा नगला शीतर के पिछ साल की उमार उनकी तो वह बैंक तो बैंक तो नहने रुपे
11:16निका ले करी बीस पच्छी लाग रपिया वह जो उनको क्या हुआ पचास हजार की एक लाग की दस अ
11:22इंग गड़ी मिली तो एक बतला यह जो होती है सुआ सुम क
11:38अपनी पर दिनके बारा बजे दोजार निश्वाद बता रहा हुँ दो जिनके बारा बजे और ने गट्रिया पिसे बढ़ ली
11:45अरे मैं बोलो तुम्हें को छिन ले जागो बढ़ी आदमियों अरे कैसे छिन ले जागो बाबा को राज है एक
11:53मुसल्मान भाई इस बातों कहत
12:07करते हम भगवान से दूआ करते हैं कि आप तेवारा मुक्हमंत्री बने हम यह इस आते हैं और हमारे पिदायक
12:13जी पिछली बार साथ है लाग बोटों से हमें जजा के बेजे हमारा बादा अब तो मुसल्मानों का भी आप
12:29नहीं पक्ष रख दिया फिर जफरू कहा करेंगे �
12:32इनकी इतनी बड़ी है डारी है जफरू जी आपका निकाह भी करवाएंगे हम लखना उसे बोली है आप क्या बोलना
12:39चाहते हैं जफरू नेता जी
12:44माइक दे दिये जाए
12:47सभी भाहिर को मेरा नमस्कार यह हंसराज जी ठीक कह रहे थे कि मुसल्मान भी कह रहे हैं बाबा कर
12:53आज है बढ़िया बढ़िया बहुत बढ़िया
12:59अगर देखो हमने मेरी 35 वी अखेत हो जो गाम च्छेगा बिस्तापन हुए मैं अंगला छीतर से हूं तो हम
13:10जो आज
13:11आरपोर्ट में गए हैं खुशी में तो जहाज में बैठे हैं हवाई चपल तो हवाई जहाज में बैठे हैं
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