00:10मैं ठाकु सिवरा सिंग जादव कठी वाड़ा से दिस्टिकली राजपूर मेरा आयाम का बगीचा कठी वाड़ा में सुप्रसीद नूर जाहाम
00:18का बगीचा जो मेरा सोला एक कड़के अंदर फेला हुआ है और पेतिस किस्म की वराइटी उसमें खास तोर पर
00:24यह नूर जाहाम
00:25जो इस तोर पर जाना जाता है और इस नूर जाहाम की एक खास्यत है कि यह 3-4 किलो
00:31के बीच में रहता है इसका पूरा रेकार 4.5 algumas है
00:35और करिब-करिब इस वर्सिये 3.5-3 किलो के बीच में रहने वाला है और मेरे बगीची किसान और
00:40हमारे जीले किसान नूर जाह है
00:42अश्रीदा जिए बात करें तो यह नूर्जाक जिस तरह की विराइटी है कैसे इसका विकास हुआ है और कब इस
00:50पेर को आपने लगाया था यह करीब परीब उनिस सो पेसक के करीब मेरे पिता स्री ठाकुपोने इस इंजादा उने
00:57इसाम को ग्राप करके तयार किया था जब इ
01:10जादा ने सुविसेश तोर पर देखा कि ए कुछ खास किस मकाम है तो उन्होंने फिल्म अभीनेत्री और जो गायक
01:16काथा नूर जहां उसके नाम से का नाम नूर जहां रखा और जीरे जीरे आम केमस होता गया राज्य के
01:21अंदर और जेस के अंदर कई पुरुसकार भी इस आ
01:36किलो आर्ट सुग्राम था मुझज की नौब दमेंगो शो के आवाज से सिर्म में आवा जा गया था और 2010
01:41में भी इसको विसेश पुरुसकार विसेश आम का पुरुसकार मों से समभनित किया था देखने में आ रहा है कि
01:47कई सेलब्रिटी हैं या कई पॉलिटिकल परसनालिट
01:49हैं वो भी आपके इस आम की दिवानी है तो अब तक कितने आप बड़े नेताओं को ये गिफ्ट कर
01:54चुके ये सभी बड़े नेताओं को गिफ्ट कर चुका हूं मानिये भुद्पूर मुख्यमंति शिवरास सिंग जी चोहन साब को भी
02:00ये भेट दिया गया उसके बाद दि
02:18इस नूर जाहा है कितनी पीडिया को यहां तक आप पहुंचे हैं इस तक आप पहुंचने हैं यह करिब करिब
02:25तीसरी पीडी है
02:26मेरे पैता स्री घ्रेंट लें प्सुरू टेहरें दिश्ण तो तीज्वदी को लेकर आता है तो उसको लेकर कершक्ट कर कर
02:44सब्सक्राइब गुजरास से महाराट से और राजस्तान से दूर दूसे लोग इसको देखने के लिए आते हैं और जब देखते
03:02हैं तो बड़ा आश्चेरे करते हैं इतना बड़ा इस आम की दुनिया के अंदर होता है वो मेरा पास
03:10कोई मदद को ऐसी कोई उजना जिससे इसका विकास हो सके और इसको बढ़ाएं जा सके इसको योजना परूँ अधिकारी
03:17आते हैं लेकिन जब इस साम के बारे में यिटर्स के बारे म सोचते हैं तो समय से में फ्रयास
03:22करहा हूं कि वहां कर रिचस करें पुरिस्राम की किस्म को �
03:25ज्यादा बड़ा है लेकिन अभी तक उज्जानी वक्त दोरा नीने तो लिया गया था गये साल भी सित्तर जेसी कलम
03:30किती लेकिन सक्सेस नो पाई लेकिन आगे भाईश्य में कलेक्टर मोदेश से मेरा निवद्दन है कि इसका मार ग्रशन देंगे
03:36और आगे जाके आम की प्र�
03:52बातावन कठी वड़ा का और इंडेरिंग ज्यादा वर्सा होने के कारएं जो पानी का इस तरह जमिन से भोती मुचा
03:57है इसकार परियाप्त मातरा में व्रक्षक पानी मिलता है इससे हैं कि जो हवा वायू है वो बड़ी सुगदा ही
04:03होता है फल्फूट के लिए उसमें खास
04:22इस किसम की विराइटि उसमें अनिक परकार के आम होते हैं हापुस है लंग रहा है केसर है बड़ाम जिसे
04:27बहुत बड़े-बड़े बहते नाम भी है मेरे बगीचे में आय का स्थरोथ अच्छा होता है किसानों से भी में
04:32कहना चाहता हूं कि आम और अच्छी आय का स्थरो�
04:49रुपे से लगा के तीन हजार रुपे तक चलती है और विकरी के लिए लोग इसका पहले से ही बुकिंग
04:54करते हैं समय आने पर उनको आम पहुचाए जाते हैं और इंतजार भी करना पड़ता है लोगों को इसका बज़न
04:59जादा बड़ता है तब ही हम इसको सुरक्षी तुर
05:02उनको पहुचाते हैं और देते हैं दूर दूर से लोग आते हैं इसको देखने भी खरीदने भी तो इतना इंतजार
05:08लोगों को करना पड़ रहा है क्या कुछ वैस्ता आपने की है लोगों को इंतजार करना पड़ता है क्योंकि यह
05:14आम धिरे-दिरे बड़ा होता है करी-करी
05:15जून महिना पुरा लेता है, गए वर्स ये जूलाए में जाकर तैयार हुआता है, जहां तक लोग को इंतजार करते
05:20हैं, बड़ा होता है, तभी लोग आके इसको ले जाते हैं, और में जो सुचना जेता हूँ, आते हैं और
05:25इसको आमको लेकर जाते हैं.
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