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Somvati Amavasya Puja Vidhi 2026: हिंदू मान्यता के अनुसार इस अमावस्या का महत्व तब और भी अधिक बढ़ जाता है, जब यह सोमवार के दिन पड़ती है और सोमवती अमावस्या कहलाती है. इस बार 15 जून को सोमवती अमावस्या है,सोमवती अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके व्रत का संकल्प लें। पीपल के पेड़ की जड़ में जल, दूध, और काले तिल अर्पित करे, कच्चे सूत को पेड़ के चारों ओर लपेटकर 108 बार परिक्रमा करें। इसके बाद भगवान शिव-पार्वती की पूजा कर सोमवती अमावस्या की कथा सुनें.

Somvati Amavasya Puja Rituals 2026: According to Hindu belief, the significance of this Amavasya is greatly enhanced when it falls on a Monday, a day known as Somvati Amavasya. This year, Somvati Amavasya falls on June 15. On this day, take a bath during Brahma Muhurta and take a vow to observe the fast. Offer water, milk, and black sesame seeds at the roots of a Peepal tree; then, wrap unspun cotton thread around the tree and perform Parikrama 108 times. Afterward, worship Lord Shiva and Goddess Parvati and listen to the story of Somvati Amavasya.

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Transcript
00:03सनातन परंपरा में हर दिन और हर तिथी का अपना एक महत्व होता है पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष में
00:10जिस दिन चंद्रमा का दर्शन होता है वो तिथी अमवस्य कहलाती है
00:14हिंदु मानिता के अनुसार ये तिथी पित्रों की पूजा के साथ इसनान दानादी का बहुत जादा महत्व माना जाता है
00:22हिंदु मानिता के अनुसार इस अमवस्य का महत्व तब और भी जादा बढ़ जाता है जब ये सोमवार के दिन
00:28पढ़ती है और सोमवती अमवस्य कहला
00:42और क्या है पूजा का शुम्हुरत
00:45सुम्वतिय मवस्य की पूजा करने के लिए सुभा जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगा जल मिला कर
00:51स्टान करें
00:51इसके बाद उपवास और पूजा का संकल पले
00:54घर के मंदिर या किसी शिवाले में शिवलिंग का गंगा जल, दूद, दही और शहत्य अभिशेक करें
01:01बेल पत्र, धतूरा और सफेद फूल जट
01:0325 दिन पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है जिसमें पीपल के पेड़ की जड़ में जल, दूद और
01:10काले तिल अरपित की जाते हैं
01:11इसके बाद कच्चे सूत को पेड़ के चारो और लपेट कर 108 बर परिक्रमा की जाती है
01:17फिर पीपल के पेड के नीचे देशी गी का दीपक जलाते हैं ध्यान रखें कि इस दिन रूई की जगा
01:24कच्चे सूत या कलावा की बनी बत्ती को ही इस्तमाल करें
01:28हाथ में चावल और फूल लेकर सोमवतिय मवस्य की खथा सुने या पढ़े इसके बाद इसे पेड के पास अर्पित
01:34कर दें
01:35दोपहर में पित्रों की शान्ती के लिए काले दिल और जल से तरपन करें आप कौवे के लिए खीर पूरी
01:41भी बना सकते हैं
01:42पूजा संपन होने के बाद आपने श्रमता अनुसार भ्रामण या जरुतमंदों को दान कर सकते हैं
01:48वही सोमवतिय मवस्य पर पूजा का शुब मुहरत सुभा ग्यारा बचकर चोवालिस मिनट से लेकर दोपहर बारा बचकर पचास मिनट
01:55तक है
01:55ये अभी जीत मुहरत है इस समय पूजा करना काफी शुब होता है
01:59इस के लवा ब्रहम मुहरत में आप सुब़ चार बचकर चार मिनट से लेकर चार बचकर चवालिस मिनट तक भी
02:05पूजा कर सकते हैं
02:06फिलाल हमारे इस वीडियो में इतना है वीडियो को लाइक शेर एंड चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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