00:03हर बार जब सुम्वती मवस्य आती है तो लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं
00:06क्या इस दिन बाल धोने चाहिए, क्या कपड़े धो सकते हैं, क्या घर की सफाई करना सही है
00:11क्या इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए
00:13इंटरनेट और सोशल मीडिया पर आपको अलग-अलग बाते सुनने को मिल जाएंगी
00:16कोई कहता है बाल धोना अशुब है, कोई कहता है कपड़े धोना मना है
00:20तो कोई कहता है कि ऐसा करने से पित्र नराज हो जाते हैं
00:23लेकिन आखिर सच्चाई क्या है, आज हम शास्त्रो धार्मिक परंप्राओं और मानेताओं के अधार पर इस विशे को समझेंगे
00:28अमवस्या तिथी 14 जून दोपेहर से शुरू होकर 15 जून की सुभा तक रहेगी
00:33चूंकि अमवस्या तिथी सुमवार की सूर्य उदे के वक्त मौझूद रहेगी
00:36इसलिए धार्मिक मानेता के मुताबिक 15 जून को सोमवती अमवस्या माना जाएगा
00:40जब अमवस्या सोमवार के दिन पढ़ती है तो उसे सोमवती अमवस्या कहा जाता है
00:44हिंदु धर्म में इस दिन भगवान शिव और माता पारवती की पूजा का खास महत्व माना जाता है
00:49साथी पित्रों के तरपन, दानपुर्णे इसनान और धर्मिक कामों के लिए भी ये दिन बेहत शुब माना जाता है
00:54कई श्रधालू इस दिन वरत रखते हैं और अपने पूरवजो की शांती के लिए प्रार्थना करते हैं
00:58अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर
01:00धर्मिक रंथों में ऐसा कोई साफ नियम नहीं मिलता
01:02जिसमें समानने लोगों के लिए सोमतिय मवस्या के दिन बाल धोने पर पूरी तरह प्रतिबन लगाया गया हो
01:07बलकि कई परंपराओं में तो पवितर इस्नान को शुब माना गया है
01:10गंगा इसनान, नदी इसनान या प्राता काल इसनान का खास महत्व बताय गया है
01:15इसलिए अगर आप समाने रूप से इसनान करते हैं और बाल धोते हैं
01:18तो इसे अशुब नहीं माना जा सकता
01:20हलांकि कुछ परिवारों और छेतरों में परिवारिक परंपरा के मताबिक महिलाएं या वरत रखने वाले लोग बाल नहीं दोते
01:26ये धार्मिक नियम से ज्यादा एक स्थानी परंपरा है
01:29इसलिए अगर आपके घर में ऐसी परंपरा चली आ रही है तो उसका सम्मान करना जाए
01:33लेकिन शास्तुरिय दृष्टी से बाल धोना कोई बड़ा दोश नहीं माना गया है
01:37अब एक सवाल क्या सुमवती अमवस्या के दिन कपड़े धो सकते हैं
01:41कई लोग मानते हैं कि अमवस्या के दिन कपड़े धोना अशुब होता है
01:44लेकिन धर्म गरंतों में ऐसा कोई साफ निशेद नहीं मिलता कि कपड़े धोने से पाप लगता है या दुर भाग
01:49के आता है
01:49असल में पुराने वक्त में अमवस्या के दिन लोग पूजा, वरत, जप, दान और पित्रों के स्परण में ज्यादा समय
01:55देते हैं
01:55इसी कारण उन्हें घरेलू काम करने की सला दी जाती थी ताकि पूरा ध्यान धार्मिक कामों में रहे
02:00दीरे दीरे ये सला कुछ जगों पर नियम जैसी बन गई है
02:03इसलिए अगर कोई इनसान कपड़े दो लिता है तो इसे धार्मिक अबराद नहीं माना जाता
02:07वास्ताव में पूजा से पहले घर की सफाई करना शुब माना जाता है
02:10सचता को सनातंधर में खास महत्वत दिया गया है
02:13हाँ कुछ लोग अमवस्या के दिन बड़े निर्मान कारे या अनवश्या खर्श से बचते हैं
02:18लेकिन समानने सफाई करना गलत नहीं माना जाता
02:20इजिन क्या करना चाहिए वो भी जान लीजे
02:40कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो बड़े याई गया है
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