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01:44हाली में भारत ग्लोबल शेयर वजार कैपिटलाइजेशन की रैंकिंग में सात्रे अस्थान पर पहुँच गया इसका मतलब है कि दुनिया
01:51के कई वजार फिलहाल भारत से आगे निकल गए हैं।
01:54इसकी सबसे बड़ी वजा हिया है कि विदेशी निवेशकों ने अपना पैसा भारत से निकाल कर ताइवान, दक्षिन कोरिया, जापान
02:01और चीन जैसे वाचारों में लगाना शुरू कर दिया है।
02:04खासकर आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस यानि की AI से जुड़ी कमपनियों की तेज ग्रोथ की वजा से ताइवान और दक्षिन कोरिया, विदेशी
02:12निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
02:14जहां उन्हें तेज रिटर्ण की उम्मीद दिख रही है।
02:17वुफा के मुताबिक मार्श तिमाही यानि Q4 के नतीजे पहली नजर में अच्छे जरूर लगें।
02:31पूरे निफ्टी के कमाई सिर्फ 4.6% बढ़ी जो भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश के लिए काफी कम
02:37जोर बाने जा रही है।
02:38सबसे एहम बात यह है कि यह 4.6% कमाई ब्रिधी में करीब 45% योगदान कीवल कमोडिटी कमपनियों
02:45से आया जैसे इस्टील और एल्यूमिनियम सेक्टर। इसका मतलब साफ है कि बाकी सेक्टर्स में ग्रोथ उतनी मजबूत नहीं रही
02:52जितनी उपर से दिखाई दे रही है�
02:55यानि वाजार की असली हालत उतनी चमकदार नहीं है जितनी हेडलाइन्स में नचराती है। बोफा का मानना है कि आने
03:02वाले वक्त में कमपनियों की कमाई पर दबाव और बढ़ सकता है। इसकी वड़ी वज़ा है कच्चे तेल और अन्य
03:08कमोडिटी की लगतार बढ़ती कीम
03:24में भारतिये कमपनियों की कमाई सिर्फ 8.5% तक ही बढ़ सकती है जबकि मौजूदा समय में वाजार करी
03:3115% ग्रोथ की उमीद लगाए बैठा है। अगर यह उमीद पूरी नहीं होती तो वाजार में निराशा और बोलेटिलिटी
03:37दोनों बढ़ सकती है। निवेशकों का भ
03:52हैरे और कमजोर पड़ सकता है। ऐसे में कई निवेशक शेयर वाजार से पैसा निकाल कर फिक्स दिपोजिट जैसे शुरक्षित
03:58विकल्पों की ओर रूख कर सकते हैं जहां उन्हें इस तिर रिटार्न मिलता है। अगर इस तरह का ट्रेंड टेज
04:04होता है तो वाजार में ल
04:21विशकों के भारत से बाहर जाने की तीन बड़ी वचा सामने आई है। पहली वचा दूसरे देशों में बहतर आसर
04:27मिलना। ताइवान और दक्षिन कोरिया में इस समय AI भूम चल रहा है जिससे वहां की कमपनियों में तेज ग्रोथ
04:33देखने को मिल रही है। वहीं ब्राजी
04:49विशकों की कमाई तेजी से नहीं बढ़ती लेकिन शेयर महंगे बने रहते हैं तो विदेशी निवेशकों को रिस्क चादान नजराता
04:55है। और वे दूसरे बिकल्प तलासने लगते हैं और तीसरी वचा है रुपए की कमजोरी और टैक्स से चुड़ी चिनता
05:01है। विदे
05:16पर चिनता थोड़ी कम होती नजरा रही है। फिलहाल भारतिये शेयर वजार कई चुनोतियों के दौर से गुजर रहा है।
05:22कमपनियों की कमाई की रफ्तार धीमी परती नजरा रही है। विदेशी निवेशक लगतार पैसा निकाल रहे हैं और रुपया भी
05:29दबाओ में बन
05:29हुआ है। इन सभी फैक्टर्स का असर वाजार की चाल पर साफ नजर आ रहा है लेकिन इसके बावजूद भारत
05:35की लोंग टर्म ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत मानी जा रही है। विदेशी निवेशक भले ही शौट टर्मे सतर्क दिख
05:41रहे हैं लेकिन वो भारत की अ
05:59आपका इस पूरे मामले पर क्या नजरिया है कमेंट सेक्षन में जरूर बताएं और ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शेयर
06:04मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस डिश्टल के साथ।
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