00:28।
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01:33प्रोजिट में 2% से जादा की गिरावर्ट दर्च की गई वही संपड़ 500 भी 1% से जादा फिसल
01:39गया इस साफ है कि निविशकों का भरोसा फिलहाल कमजोर पड़ा है और वे जोखिम लेने से बच रहे हैं
01:45अब सवाल यह है कि आखिर शेयर वजार युद से इतना क्यों ड़ता
01:48इसकी सबसे बड़ी वचा है अनिशित्ता युद्ध का मतलब केवल मिसाइले और सैन्ने करवाई नहीं होता बलकि इसका असर पूरी
01:56वैश्विक सप्लाई चेन ब्यापार उर्जा और महंगाई पर पड़ता है कमपनियों के लिए लागत बढ़ जाती है निवेश कम हो
02:02जाता
02:03है और आर्थिक विकास की रफ़तार सुस्त पढ़ने लगती है यही कारण है कि जैसे ही युद्ध की आशंका बढ़ती
02:09है शेयर वाजार में बिक्वाली तेज हो जाती है लेकिन भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता शेयर वाजार नहीं बलकि
02:15कच्चे तेल यानि कुरूड
02:31की कीमतों में अगर और तेजी आती है तो इसका सीधा असर भारतिये अर्थव्योस्था पर पढ़ेगा सबसे पहले आयात बिल
02:38बढ़ता है इसके बाद पेट्रॉल डीजल परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ने लगती है धीरे धीरे इसका असर महंगाई पर दिखाई
03:00को मिली है आम तोर पर गिफ्त निफ्टी भारतिये वाजार के शुरूआती रुख का संकेत देता है ऐसे में ऐसा
03:06माना जा रहा है हिए भारतिये वाजार की कम जोरी के साथ शुरूआत हो सकती है अगर लंबे समय तक
03:11कच्चा तेल उच्छे इस्तर पर बना रहता है तो बी�
03:26बर उद्योगों पर जादा दबाव देखने को मिल सकता है वहीं रक्षा शेत्र उर्जा और कुछ कमोडिटी से जुड़े शेयर
03:33अपेक्षा कृत बहतर प्रदर्शन कर सकते हैं इधर अमेरिका ने जवरन मजदूरी यानि की फोर्स लेवर से जुड़ी चिंताओं के
03:39कारण स
03:40ट्रेडिंग पार्टनर्स पर ने टैरिफ लगाने की घोशना की है ये ने टैरिफ अमेरिकी राष्टपती डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से
03:46इस साल की शुरुवात में लागू की गई और अब खत्म हो रही ग्लोबल डिवटी की चगह लेंगे युएस टी
03:52आर की फैक्ट सिट
03:53के अनुसार ये टैरिफ 10% से 12.5% के बीच होंगे और अमेरिका के कुल व्यापार का लगभग
03:5999.4% हिस्सा इनके दायरे में आएगा अमेरिका ने भारत पर ने टैरिफ की दर 10% रखी है
04:06इस से भारती अर्थवस्ता पर भी दबाव देखने को मिल सकता है निवेशकों के लि
04:23घटना क्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिवीधियों पर रहेगी यही तीन फैक्टर तै करेंगे कि वाजार
04:30में कमजोरी आने वाले कुछ तीनों की है या एक बड़े करेक्शन की सुरुवात बन सकती है फिलहाल इतना तै
04:37है कि अमेरिका इरान
04:38तनाव केवल दो देशों का मामला नहीं रह गया इसका असर पूरी दुनिया के वित्तिये बाजारों पर दिखाई दे रहा
04:44है भारत भी इससे पूरी तरह अच्छूता नहीं रह सकता अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि यह तनाव
04:49कब खत्म होगा या फिर आने वाले दि
05:06डिश्टल के साथ