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भारतीय शेयर बाजार को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies की ताज़ा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। करीब $320 बिलियन फंड मैनेज करने वाले ग्लोबल निवेशकों में से 61% भारत को “Underweight” मान रहे हैं। यानी विदेशी निवेशक फिलहाल भारत में निवेश बढ़ाने के बजाय सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

Concerns around the Indian stock market have once again intensified. A fresh report by global brokerage firm Jefferies has revealed some important insights. Around 61% of global investors, who collectively manage nearly $320 billion in funds, have placed India in the “Underweight” category. This means that foreign investors are currently adopting a cautious stance and are not looking to increase their investments in India.

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00:03पुछ राहत मिलती नहीं कि नई परिशानी 10 तक दे देती है भारतिये वाजार के मौजूदा माहौल में यह पंक्ती
00:10पूरी तरह से सतीक बैठती हुई नजर आती है निवेशकों ने हाल के महीनों में जिस तरह की उथल पुथल
00:16देखी है उसके बीच अब एक और चिंता सामन
00:19आकर खड़ी हो गई है बैश्विक ब्रोकरेज हाउस देफरीज की ताजा रिपोर्ट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है रिपोर्ट
00:25में 320 अरब डॉलर यानि की लगबग 26 लाग करो रुपए के फंड मैनेज करने वाले बैश्विक निविशकों के नजरिये
00:32को सामने र�
00:44और सबसे एहम सवाल कि इन सब के बीच क्या कोई ऐसा भी सेक्टर है जहां पैसा बन सकता है
00:50तो सभी जानकारी के लिए वीडियो में लाश्ट तक बने रहिएगा जेफरीज की नई रिपोर्ट भारत के लिए बहुत ज्यादा
00:56उत्साहजनक नहीं है ब्रोकरेज हाउस ने ज
01:14भारत में करना चाहते हैं आसान भाषा में कहें तो विदेशी निवेशक फिलहाल भारत में पैसा बढ़ाने के मूद में
01:20नहीं है बलकि वे साउधानी बरत रहे हैं अब सवाल यह उठता है कि आखी रहसा क्यों हो रहा है
01:25तो इसकी सबसे वड़ी वचा है भारत का हाई वैल
01:43रही है हाला कि यह प्रीमियम नहीं आ नहीं है और पिछले 10 सालों से भी यही ट्रेंड रहा है
01:48लेकिन इस बार दिक्कत यह है कि ग्रोथ उससाब से मजबूत नजर नहीं आ रही जेफरीज के रिपोर्ट के मुताबिक
01:54भारत की अर्निंग्स ग्रोथ आने वाले समय में भी अ
02:10निवेशकों को महंगा वैल्यूएशन तो मिल रहा है लेकिन उसके मुकाबले कमाई की रफ्तार उतनी तेज नहीं है इसके अलामा
02:17एक और बड़ा फैक्टर है जो इस समय ग्लोबल मार्केट्स को ड्राइब कर रहा है वह है आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस यानि
02:24की AI AI के सा
02:25जूरी हुई टेकनोलोजी खास कर डाइनेमीक रैंडम एक्सस मेमोरी इस समय निवेशका बड़ा आकर्शन बनी हुई है जिन देशों या
02:33कंपनियों के पास इस टेकनोलोजी में बढ़त है वहां निवेशकों का जुकाओ जादा दिख रहा है लेकिन भारत इस पूरी
02:39थीम
02:39में कहीं भी लीडिंग पोजीशन में नजर नहीं आता ना हमारे पास बड़े सेमी कंड़क्टर प्लेयर्स हैं और ना ही
02:44AI इंफ्रेस्ट्रक्चर में कोई बड़ी ग्लोबल कहानी बनती दिख रही है यही वचा है कि विदेशी निवेशकों को यहां कोई
02:51मजबूत ग्रोथ
02:52स्टोरी बनती नजर नहीं आ रही अब बात करें करंसी की तो भारतिये रुपया भी चिंता का कारण बना हुआ
02:58है इस साल अब तक रुपया करीब 5% कमजोर हुआ है और अगर सितंबर 2024 से देखें तो यह
03:04गिरावट लगभग 13% के आसपास दिखाई देती है विदेशी नि�
03:20अबल पर भी कुछ चिंताएं बने हुई है मौनसुन को लेकर अनिश्चित्ता और अल नीनों का असर भी देखा जा
03:26रहा है अगर बारिस समाने से कम रहती है तो इसका सीधा असर क्रिशी ग्रामिन मांग और अंतता कमपनियों की
03:32कमाई पर पड़तान नजर आता है हाल के दि
03:50इयरपोर्ट्स, हॉस्पिटल्स और रियल स्टेट्स जैसे सेक्टर्स सामिल है उनके मौडल पोर्टफोलियो में इन सेक्टर्स को करीब 20% वेटेज
03:58दिया गया है जबकि MSCI इंडिया वेंचमार्क में इनका हिस्सा करीब 8% है यह दिखाता है कि इन सेक्टर्स
04:05में उन्हें �
04:05लंबी ओधी की संभावना नजर आती है इसके बावजोट फिलाल विदेशी निवेशकों का नजरिया बदलता हुआ नहीं दिख रहा उनका
04:12साफ कहना है कि जब तक कोई नया ट्रेगर या मजबूत ग्रोथ स्टोरी सामने नहीं आती तब तक भारत में
04:18निवेशकों लेकर �
04:19उनका रुक सतरखी रहेगा चाहे वह या इसे जुड़ी कोई नई कहानी हो या फिर हाट एसेट्स में बड़ा ब्रेक
04:25आउट यानि किसी बड़े बदलाव का इंतजार किया जा रहा है हाला कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है
04:30कि आने वाले वर्षों में खासकर वित्वर्
04:35की अर्निंग्स क्रोथ में सुधार हो सकता है लेकिन यह सुधार भी इतना बड़ा नहीं होगा कि भारत तुरंत बाकी
04:41इमर्जिंग मार्केट से आगे निकल जाए कुल मिलाकर भारतिये वाजार इस समय एक ऐसे दोर से गुजर रहा है जहां
04:47संभावनाएं भी हैं और चुन
05:05अपडेट्स और शेर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस दिश्टल के साथ
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