00:03पुछ राहत मिलती नहीं कि नई परिशानी 10 तक दे देती है भारतिये वाजार के मौजूदा माहौल में यह पंक्ती
00:10पूरी तरह से सतीक बैठती हुई नजर आती है निवेशकों ने हाल के महीनों में जिस तरह की उथल पुथल
00:16देखी है उसके बीच अब एक और चिंता सामन
00:19आकर खड़ी हो गई है बैश्विक ब्रोकरेज हाउस देफरीज की ताजा रिपोर्ट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है रिपोर्ट
00:25में 320 अरब डॉलर यानि की लगबग 26 लाग करो रुपए के फंड मैनेज करने वाले बैश्विक निविशकों के नजरिये
00:32को सामने र�
00:44और सबसे एहम सवाल कि इन सब के बीच क्या कोई ऐसा भी सेक्टर है जहां पैसा बन सकता है
00:50तो सभी जानकारी के लिए वीडियो में लाश्ट तक बने रहिएगा जेफरीज की नई रिपोर्ट भारत के लिए बहुत ज्यादा
00:56उत्साहजनक नहीं है ब्रोकरेज हाउस ने ज
01:14भारत में करना चाहते हैं आसान भाषा में कहें तो विदेशी निवेशक फिलहाल भारत में पैसा बढ़ाने के मूद में
01:20नहीं है बलकि वे साउधानी बरत रहे हैं अब सवाल यह उठता है कि आखी रहसा क्यों हो रहा है
01:25तो इसकी सबसे वड़ी वचा है भारत का हाई वैल
01:43रही है हाला कि यह प्रीमियम नहीं आ नहीं है और पिछले 10 सालों से भी यही ट्रेंड रहा है
01:48लेकिन इस बार दिक्कत यह है कि ग्रोथ उससाब से मजबूत नजर नहीं आ रही जेफरीज के रिपोर्ट के मुताबिक
01:54भारत की अर्निंग्स ग्रोथ आने वाले समय में भी अ
02:10निवेशकों को महंगा वैल्यूएशन तो मिल रहा है लेकिन उसके मुकाबले कमाई की रफ्तार उतनी तेज नहीं है इसके अलामा
02:17एक और बड़ा फैक्टर है जो इस समय ग्लोबल मार्केट्स को ड्राइब कर रहा है वह है आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस यानि
02:24की AI AI के सा
02:25जूरी हुई टेकनोलोजी खास कर डाइनेमीक रैंडम एक्सस मेमोरी इस समय निवेशका बड़ा आकर्शन बनी हुई है जिन देशों या
02:33कंपनियों के पास इस टेकनोलोजी में बढ़त है वहां निवेशकों का जुकाओ जादा दिख रहा है लेकिन भारत इस पूरी
02:39थीम
02:39में कहीं भी लीडिंग पोजीशन में नजर नहीं आता ना हमारे पास बड़े सेमी कंड़क्टर प्लेयर्स हैं और ना ही
02:44AI इंफ्रेस्ट्रक्चर में कोई बड़ी ग्लोबल कहानी बनती दिख रही है यही वचा है कि विदेशी निवेशकों को यहां कोई
02:51मजबूत ग्रोथ
02:52स्टोरी बनती नजर नहीं आ रही अब बात करें करंसी की तो भारतिये रुपया भी चिंता का कारण बना हुआ
02:58है इस साल अब तक रुपया करीब 5% कमजोर हुआ है और अगर सितंबर 2024 से देखें तो यह
03:04गिरावट लगभग 13% के आसपास दिखाई देती है विदेशी नि�
03:20अबल पर भी कुछ चिंताएं बने हुई है मौनसुन को लेकर अनिश्चित्ता और अल नीनों का असर भी देखा जा
03:26रहा है अगर बारिस समाने से कम रहती है तो इसका सीधा असर क्रिशी ग्रामिन मांग और अंतता कमपनियों की
03:32कमाई पर पड़तान नजर आता है हाल के दि
03:50इयरपोर्ट्स, हॉस्पिटल्स और रियल स्टेट्स जैसे सेक्टर्स सामिल है उनके मौडल पोर्टफोलियो में इन सेक्टर्स को करीब 20% वेटेज
03:58दिया गया है जबकि MSCI इंडिया वेंचमार्क में इनका हिस्सा करीब 8% है यह दिखाता है कि इन सेक्टर्स
04:05में उन्हें �
04:05लंबी ओधी की संभावना नजर आती है इसके बावजोट फिलाल विदेशी निवेशकों का नजरिया बदलता हुआ नहीं दिख रहा उनका
04:12साफ कहना है कि जब तक कोई नया ट्रेगर या मजबूत ग्रोथ स्टोरी सामने नहीं आती तब तक भारत में
04:18निवेशकों लेकर �
04:19उनका रुक सतरखी रहेगा चाहे वह या इसे जुड़ी कोई नई कहानी हो या फिर हाट एसेट्स में बड़ा ब्रेक
04:25आउट यानि किसी बड़े बदलाव का इंतजार किया जा रहा है हाला कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है
04:30कि आने वाले वर्षों में खासकर वित्वर्
04:35की अर्निंग्स क्रोथ में सुधार हो सकता है लेकिन यह सुधार भी इतना बड़ा नहीं होगा कि भारत तुरंत बाकी
04:41इमर्जिंग मार्केट से आगे निकल जाए कुल मिलाकर भारतिये वाजार इस समय एक ऐसे दोर से गुजर रहा है जहां
04:47संभावनाएं भी हैं और चुन
05:05अपडेट्स और शेर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें गुड रिटरंस दिश्टल के साथ
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