00:00शुक्रुवार को भारतिय शेयर बजार में आखरी घंटे में आई तेज बिकवाली ने निवेशकों को चौका दिया
00:06दिन भर सिर नजर आ रहे सेंसेक्स और निफ्टी फिफ्टी अचानक दबाफ में आ गए और बजार बंध होने तक
00:13दोनों प्रमुक सूचकांग बड़ी गिरावट के साथ बंध हुए
00:17सेंसेक्स हजार अंकों से ज्यादा तूट गया जबकि निफ्टी फिफ्टी 23,600 के एहम स्तर के नीचे फिसल गया
00:24बजार बंध होने तक निवेशकों की संपत्ती में हजारो करोड रुपे की कमी दर्च की गई
00:30लेकिन सवाल है कि आखिर बजार के आखिरी गुंटे में ऐसा क्या हुआ कि अचानक इतनी बड़ी बिक्वाली देखने को
00:37मिली
00:37नमस्कार, मैं हूँ इशा का शर्मा और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:49आईए समझते हैं इस गिरावट के पीछे की पूरी कहानी
00:53सबसे पहले बात करते हैं FII's यानी Foreign Institutional Investors की
00:59सरल भाशा में समझे तो FII's विदेशों के बड़े निवेशक, बैंक और निवेश फंड होते हैं
01:05जो भारतिये शेयर बजार में पैसा लगाते हैं
01:08जब ये निवेशक बड़ी मातरा में शेयर खरीकते हैं तो बजार को सहारा मिलता है
01:13लेकिन जब ये शेयर बेशने लगते हैं तो बजार पर दवाब बढ़ जाता है
01:17विशेशक्यों के मताबिक, हाल के दिनों में FII's भारतिये बजार में लगातार Profit Booking कर रहे हैं
01:25Profit Booking का मतलब है कि निवेशक किसी शेयर से अच्छा मुनाफ़ा कमाने के बाद उसे बेज कर अपना फायदा
01:31सुरक्षित कर लेते हैं
01:33शुक्रवार को भी विदेशी निवेशकों की बिकवाली बजार की कमजोरी का एक बड़ा कारण मानी जा रही है
01:39दूसरा बड़ा कारण है Monsoon Concerts यानी Monsoon को लेकर बढ़ती चिनता है
01:45भारत की अर्थ व्यवस्था में खेती की एहम भूमी का है और खेती काफी हद तक बारिशवर निर्भर करती है
01:52अगर Monsoon कमजोर रहता है तो फसलों पर असर पढ़ सकता है
01:57इससे खाने पीने की चीज़ें महेंगी हो सकती है और Inflation यानी महेंगाई बढ़ सकती है
02:03यही चिनता बजार को परिशान कर रही है
02:06तीसरा बड़ा कारण है Global Qs यानी दुनिया भर से आने वाले संखेत
02:11दुनिया के कई देशों की अर्थ विवस्थाए इस समिच नौतियों का सामना कर रही है
02:16Middle East में बढ़ता तनाफ
02:18अमेरिका के साथ आर्थिक नीतियों को लेकर अनिश्चिता और वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर चिनताओं ने निवेशकों को सतर्ग बना
02:25दिया है
02:41एक संस्ता है जो दुनिया के शेयर बजारों से जुड़े इंडेक्स त्यार करती है दुनिया भर के कई बड़े निवेश
02:47फंड इन इंडेक्स को देकर निवेश करते हैं
02:50जब MSCI अपने इंडेक्स में बदलाफ करता है तो इन फंड को कुछ शेयर खरीदने और कुछ बेशने पड़ते हैं
02:57इसी प्रक्रिया को MSCI इंडेक्स री बालंसिंग कहा जाता है
03:01शुक्रवार को बजार के आखरी घंटे में बढ़ी बिकवाली की एक वज़ा इसे भी माना जा रहा है
03:08यही कारण है कि बजार में वोलाटिलिटी बढ़ी
03:11वोलाटिलिटी का मतलब है बजार में बहुत तेजी से उपर नीजिक होने वाला उतार चड़ाव
03:16अब सवाल है कि आगे क्या
03:19विशेशक्यों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशिकों की नजर
03:23विदेशी निवेशिकों की गतिविध्यों, मौनसुम की प्रगती, महंगाई के आखडों
03:28और दुनिया भर की आर्थिक घटनाओ पर रहेगी
03:30अगर ये संकेत सकरात्मक रहते हैं तो बजार में सुधार देखने को मिल सकता है
03:36लेकिन अगर दबाव बना रहा तो बजार में करेक्शन भी देखने को मिल सकता है
03:40करेक्शन का मतलब है बजार का अपने हाल के उचे स्तरों से नीचे आना
03:44फिलाल इतना साफ है कि शुक्रवार की गिरावट किसी एक कारण की वजह से नहीं आई
03:50विदेशी निवेशकों की बिक्वाली मौनसुन को लेकर चिंता, दुनिया भर से मिले कमजोर संकेत और MSCI इंडेक्स की बालंसिंग
03:57इन सभी कारणों ने मिलकर बजार पर दबाव बनाया
04:00आप देखना होगा कि ये सिर्फ एक दिन की गिरावट साबित होती है या आने वाले दिनों में बजार की
04:06दिशा बदलने का संकेत बनती है
04:08अगर आप शेयर बजार में निवेश करते हैं तो बताईए क्या आप इस गिरावट को निवेश का मौका मानते हैं
04:14या आपको लगता है कि बजार में अभी और कमजोरी आ सकती है
04:18अपनी राय कमेंट सेक्शन में ज़रूर बताईए और ऐसी ही और खबर जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहिए
04:23मैं हूँ विशाख शर्मा और आप देख रहे हैं One India Hindi
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