00:02अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सेने शक्ति लेकिन अब इसी महाशक्ति के भीतर सत्ता और समिधान के बीच टकराव खुलकर
00:10सामने आ गया है
00:10इरान के साथ बढ़ते तनाओं के बीच अमेरिकी संसत के निचले सदन ने एक ऐसा प्रस्ताफ पारित कर दिया
00:17जिसे राश्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प के लिए बड़ा राजनेतिक जटका माना जा रहा है
00:21ये प्रस्ताफ राश्ट्रपती की सेने कारवाई की शक्तियों को सीमित करने से जुड़ा है
00:26यानि युद्ध जैसे बड़े फैसलों पर अब कॉंग्रिस की भूवी का और मस्बूत हो सकती है
00:31संसत में हुई वोटिंग बेहत दल्चस्प रही
00:34प्रस्ताफ 215 की मुकाबले 208 वोटों से पारित हुआ
00:37लेकिन इस वोटिंग की सबसे बड़ी कहानी आकड़े नहीं बलकी बगावत थी
00:42ट्रम्प की अपनी ही रिपबलिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने पार्टी लाइन तोड़ दी
00:47और डेमोक्रेट्स के साथ खड़े हो गए
00:49जिससे सत्ता पक्ष को करारा जटका लगा
00:52दरसल इरान को लेकर अमेरिकी प्रशासन के रुख पर लंबे समय से सवाल उठ रहे थी
00:58डेमोक्रेटिक सांसद लगातार मांग कर रहे थे कि किसी भी बड़े सैन्य अभियान से पहले कॉंग्रेस की मन्जूरी जरूरी हो
01:05अब वही मांग प्रस्ताफ के रूप में सदन से पास हो गई है और इसने टरंप प्रशासन की मुश्किले पढ़ा
01:12दी है
01:13हाला कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है क्योंकि अमेरिकी समयधान राश्ट्रपती को वीटो पावर देता है
01:18यानि टरंप चाहें तो इस प्रस्ताफ को रोक सकते हैं लेकिन राजनितिक संदेश साफ है
01:24संसत का एक बड़ा वर्ग राश्ट्रपती के फैसलों पर निगरानी चाहता है
01:28और युद्ध जैसे मुद्धो पर एक तरफा फैसलों के खिलाफ खड़ा दिखाई दे रहा है
01:34प्रस्ताफ के पक्ष में वोट देने वाले सांसदों का कहना है
01:37कि समयधान ने सत्ता के संतुलन के लिए चेक एंड बैलन्स की विवस्था बनाई है
01:42और अगर प्रशासन समयधान की सीमाओ को पार करता है
01:46तो संसत का दाईप्व है कि वो खस्तक शेप करे
01:49यही वज़ा है कि इस वोटिंग को सिर्फ एक राजनितिक फैसला नहीं
01:53बल्कि अमेरिकी लोकतंत्र की बड़ी परिक्षाप माना जा रहा है
01:57Bureau Report EDV भारत
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