अरुणाचल प्रदेश के ताक्सिंग क्षेत्र से चीन के कथित अतिक्रमण को लेकर बड़ा दावा सामने आया है. स्थानीय संगठन नाह वेलफेयर सोसाइटी ने आरोप लगाया है कि चीनी पीएलए ने भारतीय क्षेत्र के भीतर सड़कें, पुल और सैन्य ढांचे विकसित किए हैं. संगठन का कहना है कि इससे स्थानीय समुदायों की पारंपरिक चरागाह भूमि, शिकार क्षेत्र और पुश्तैनी इलाकों पर असर पड़ा है. दावों के समर्थन में कुछ तस्वीरें भी जिला प्रशासन को सौंपी गई हैं और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है. संगठन ने राज्य और केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर सीमा क्षेत्र के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है. फिलहाल इन आरोपों पर भारतीय सेना, रक्षा मंत्रालय या सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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