00:00अगले दिन जुम्य की नमाज के बाद मौलवी साहब ने माइकल के घराने को कल्मा पढ़ाया और उनके मुसल्मान होने
00:07का एलान किया।
00:09माइकल का नया नाम अब्दुल्ला रखा गया।
00:13जुम्य की नमाज के बाद सब बच्चे उस्कूल में जमा हो गये।
00:18हर कोई अब्दुल्ला और उसके अम्मी अबू को देख रहा था, उनके चेहरे खुशी से दमक रहे थे, अब सर
00:26मौसिन खड़े हुए और बोले, आज अब्दुल्ला और उसके अम्मी अबू कलमा पढ़कर मुसल्मान हुए है, सर मुसल्मान होने के
00:35लिए क्या करना पढ़ता
00:37मुसल्मान होने के लिए कल्मा पढ़ना पढ़ता है