00:04भीषण गर्मी में जब धर्ती तपने लगती है तब ज्ञार्खन के कई इलाकों में भोजल अस्तर बेहत नीचे चला जाता
00:11है ऐसे में जल संकट एक भड़ी चुनोतिपन कर सामने आता है
00:16पानी की किलत से निपटने के लिए ज्ञार्खन सरकार भी लगातार प्रयासरत है
00:21मुख्यमंत्री हेमन सोरेन खुद इसे लेकर गंभी रहें और उन्होंने लोगों से अपील की है कि चापकल के पास सोकपीट
00:29बनाएं जिससे ग्राउंड वाटर लेवल बरकरार रहे
00:34चापकल जहां पर है वहाँ पर सोकपीट जरूर बनाने का काम करें
00:38सोकपीट अगर आप बनाएंगे तो जीवन में कभी आपका चापकल नहीं सुखेगा
00:46और बहुत सरल विधी है यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है वह बिदेश से समान लाके लगाने नहीं यह खड़ा
00:54खोथना है गिट्टी डालना है बालू डालना है यही काम करना है और जो पानी ख़ड़ इधर उदर बहरा है
01:04एक जगह जाकर के जमीन की निचे
01:06सुरक्षीत हो करके फिर आपके प्यास बुजाने के काम में आसा है पानी पचाने और भुजल को रिचार्ज करने के
01:31लिए
01:32अभी वो है तो बहुत रहत मिल जा रहा है पुरे गाओं में पानी का जो इस्टोर करता है उसके
01:37वो उस चीज के लिए वो बहुत ही बड़ी है इसा पानी इस्टोर के लिए
01:41वरना फिर तो पानी का इतना दिख्या थे कि पानी के लिए में को दूर दूर तक भटकना भी पड़ता
01:45है
01:46सोकपिट एक गढ़ी नुमा सनचना होता है जिसे चापकल या पानी निकासी वाली जगा के पास पनाया जाता है
01:53इसमें इट, पत्थर और बालू डाले जाते हैं जिससे पानी धीरे-धीरे जमीन के अंदर रिस्ता है
01:59इससे पानी परबाद नहीं होता और भुजल का प्राक्रिटिक रिचार्ज होता रहता है
02:18अगर हर घर और गाओं में चापकल या घरों के पास
02:22सोक पीट बनाया जाए तो गर्मियों में भी ग्राउंड वाटर लेवल को काफी हद तक संतुलित रखा जा सकता है
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