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पूरा वीडियो : इसे कहते हैं लग्ज़री लाइफ़! || आचार्य प्रशांत
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Transcript
00:00फेस्बुक पे सेलफी डाली थी, चौदा ही लाइक आये, साइक्याटरिस्ट को फोन मिला रहे है, डिप्रेशन हो गया है, रखे
00:06रहो तुम अपना नयावल आईफोन, और उसमें देखते रहो कि चौदा ही लाइक आये है, बेसिक की परिभाशा समझ गए
00:10हो, एक सही और साफ
00:12और उंचा लक्षे बनाओ, और उसको पाने के लिए रुपया, पैसा, रिसोर्सेज, जो भी चाहिए, उतने जरूर कठा करो, कमाओ,
00:19लेकिन अपने भोगने के लिए कमाना इसमें कोई मजा नहीं आने वाला, आपके लिए लगशरी सिर्फ मटीरियल होती है, टेंजिबल,
00:26
00:26अभी फकीरों को बादशाह बोला गया है, उनके पास बताओ, पदार्थ क्या थे, उनके पास वस्तुएं क्या थी, चीजों की
00:31लक्षरी तो नहीं थी उनके पास, इसलिए यहाँ पर समराटों ने आकर के साधूं के सामने सर जुखाया है, यह
00:36तुम कहीं नहीं सुनते होग
00:37कि साधू गया और समराट के पहुंचू रहा है, ऐसा सुना कहीं, कोई वज़ा है ना कि जो राज्य का
00:42सबसे अमीर बंदा है, कौन, राजा, वही आकर के कहा चरण सपरच कर रहा है, वो जिसके पास कानी कौडी
00:48नहीं है, वो साधू एनंगा ऐसी भिर रहा है और राजा आक
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