00:00गर्मियों में मैं के महीने में नियुआर्क गई थी तो यह जो आपने पर्सनल स्पेस की हम लोग बिलकुल कदर
00:06नहीं करते हैं हिंदुस्तान में तो यहां क्या हुआ कि हम कैप में जा रहे थे और वो कैप ड्राइवर
00:11किसी से बात कर रहा था हमें जहां से टॉन होला था वो �
00:15तो जो हमारी बीटिया वहां रहती है वो उसको आवाल दे रही थी तो सुननी पारा था क्योंकि कान में
00:20लगाया हुआ था तो मेरे साथ बाराणसी से मेरी बहन जी पहली बार गई थी तो वो उसको टेस्ट करना
00:25चाहीं कि ऐसे हम हिंदुस्तान में ऐसे कर देते हैं कि नहीं
00:44तो फिर तो परसनलिटी की दीवारे ही गिर गई फिर तो हमारे आपके बीच में जो दीवारे वही नहीं रही
00:49उसके बाद जो करना है करो लेकिन पर रिष्टा सचमुच प्यार का होना चाहिए पर रिष्टा प्यार का है नहीं
00:54और जाके उसको घूसा मार रहे हो धौल धप
00:56पेट पकड रहे हो जैसे हम छोटे बच्चों के साथ करते है वो च्छोटा बच्चा है चाल स्को पकड़起来
01:01बूख दिया है और उसके मुँव में अपना मुव अगड रहे हैं
01:03कब चाहता का भदद्र अ है
01:05यह काम सिर्फ इस तरह की छूट, पियार में ली जा सकती है
01:09और वो पियार बराबर का होना चाहिए
01:11दोनों तरफ से तब तब करना करो लिबर्टी है
01:13और वो लिबर्टी है नहीं और घुसे जा रहे हैं
01:17परसनल स्पेस की कदर करना सीखिए
01:19क्या रिखत तौर पर भी और मानसिक तौर पर भी
01:21ना किसी के शरीर पर चढ़िए ना किसी के मन पर चढ़िए
01:24किसी के मन पर कबजा करने कोशिश मत करिए
01:26दूरियां निभाना सीखिए
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