00:00मीरा ऐसे थोड़ी कि अपना महल में बैठी हुई हैं और सारे मजे भी ले रही हैं और वो तो
00:04गली-गली हरी गुण गाने लगी निकलो ना गली-गली गाउप मीरा जाती तो थी रहदास के पास
00:10पूरा समुदा है पूरा कुनबा डंडा लेके खड़ा हो गया अपकि एक तो तुम समरिद्ध घर से हैं वहाँ तुम
00:15महल से निकलती हो जा किसके पास रही हो ये चरमकार ये चमड़े और जूते का काम करते हैं पहली
00:20बात दूसरी बात तुम स्तरी वो भी युवा और खुले
00:42अगर अभी का जहर नहीं आ रहा तो कृष्ण भी नहीं हैं अगर प्रमान ये होता है कि राणा जहर
00:50लेके खड़ा हो गया हुआ
Comments