00:05करनाट की राश्रीती में 28 माई को एक ऐसा भूचाल आया जसना दिल्ली से बैंगलोरू तक के सियासी गल्यारों के
00:12मुखिला कर रख दिया है
00:13मुख्य मंत्री पत से सिध्धारमिया के अस्तीफे और डीके शिफकुमार के नए मुख्य मंत्री बनने की कबरों के बीच सबसे
00:20बड़ा सस्पेंस सिध्धारमिया के चूटे बेटी डॉक्टर यतिंद्र सिध्धारमिया को लेकर बनता नजर आया
00:26मीडिय रिपूर्स के मुताबिक राहुल गांधी की टीम और सिध्धारमया की बीच हुई एक गुप्त मेरातन पैठक में ये बड़ी
00:33डील और तै हो गया कि नई शिपकुमार कैबिनेट में डॉक्टर या तिंद्र को एक बेहुत मजबूत और मलाईदार मंत्री
00:40का पद सौ�
00:43गुट का दबदबा सरकार में पूरी तरहा बरकरार रहे। अब इस बड़े सत्ता परिवर्तन के बाद हर किसी के मन
00:49में ये सवाल है कि आगके डॉक्टर या तिंद्र सिध्धारमया है कौन और उन्हें इस नए समिकरण में इतनी बड़ी
00:55जब्मेदारी क्यों मिल रही है।
00:57ये तिंद्र का राजनातिक सफर किसे फिल में कहानी से कम नहीं है और वो पीशिस एक पैथलोजिस्ट डॉक्टर थे।
01:03राजनीती के जगा जॉन से कूफो दूर रहकर अपनी मेडिकल प्रैक्टिस में व्यस्त रहते थे। लेकिन साल 2016 में एक
01:10बेहत दुखत पारिवारिक �
01:11हासे में उनकी जिन्दगी ने एक नया मूड लिया। सधरमिया के बड़े बेटिक राकेश धरमिया को उनका असली राजनातिक उत्राधिकारी
01:21माना जाता रहा था। लेकिन बेलजियम में एक गंभीर विमारी के कारण और राकेश की अचानक और दर्दनाथ मौत हो
01:27गई।
01:28दस्तरासदी ने पूरे परिबार को तूर दिया और तप्रिता का हाथ बटाने था उनके राजनातिक सामराज्य को संभालने के लिए
01:35ही यतिंद्र भू अनिच्छा के बावजूर राजनीती के अखाड़े में उतरना पड़ा था। यतिंद्र कर्णाटक के सबसे प्रिभा
01:54प्रिच्छवी के लिए जाने जाने वाले यतिंद्र ने साल दोजार अठार के विधान सभा चुनाफ में अपने पिता की परंपरा
02:00अगत और सुरक्षुट सीट वरुना से पहनी बार चुनाफ लड़ा और भारी मतुल सी जीतर विधाय की बने। वर्तमान में
02:07विकरनाटक
02:08विधान 25 सदस्य हैं और परदे के पीछे से पूरी सरकार को नियंदृत करने की शमता रखते हैं। चुनावायों को
02:15दिये गए उनके हलफ नामे के मुताबिक डॉक्टर यतिंद्र एक बिहद्र सुपदार और अमीत राशनिता है। उनके पास लगवक्ती 30
02:23.88 करोड रुप
02:33की दिनदारी है। हाला कि उनका ये राशनिती सफर विवादू सी अच्छुका नहीं रहा है। राशनिती में आते ही उन
02:40पर सरकारी लाब टेंडर में फायदा उठाने के लिए आरूप मढ़े गए जिसके बाद उन्हें क्लीन चिट मिली। आल के
02:47दिनों में विपक्षी न
02:48काउन ने उन पर अधिकारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और शराप लाइसेंस पार्टने में सीधे दखल देने के गंभीर आरोप भी
02:55लगाए। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी कुछ विडियोस वायरल हुए। विपक्ष ने उन्हें करना टका सूपर सीम का कहन
03:02शुरू कर दिया। इसके लावद 2025 पर अगर आप मिज़र डालेंगे तो साल सारजने ग्रूप से सतीश जर की हूलिको
03:09अपने पिता का असली उताधिकारी बता कर कौंगर्स के भीतर एक नया विवाद भी खड़ा कर दिया गया था। अब
03:15दिखना गी होगा कि शिवकुमार
03:16की नई काबिनेट में मंत्री बन कर वो इस तर नई पावर को, नई पावर गेम को कितना संभाल पाएंगे
03:22और करनाटकी राजनीती में सब्धा रमया का दबदबा, उनका रुत्पा कितना बना रहेगा। बहराल करनाटक इस राजनीती पर पूरे नाटक
03:31पर हमाए नजर है
03:32कोई अपडेट मिलेगा, आप से साज़ करेंगे। मेरा नाम है मुझे दात्तानी रहेगे वन इंडिया के साथ शुक्रिया।
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