00:00ताज महल के अंदर कीर्टन करते हुए लोग
00:05ताज महल के अंदर अचानक हरे कृष्ण हरे राम की अवाज गुंचती है
00:10लोग जमीन पर बैट कर कीर्टन कर रहे हैं
00:13और कुछ ही घंटों में ASI को CISF से रिपोर्ट मागनी पड़ती है
00:18आखिर ताज महल में ऐसा क्या हुआ कि एक बार फिर पुराना विवाज जिन्दा हो गया
00:24क्या ये सिरफ एक वाइरल वीडियो है या फिर उस बहस का नया अध्याय जो पिछले साट सालों से ताज
00:31महल का पीछा कर रही है
00:33नमस्कार मैं हूँ जस्वी कौशेक और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:37आज हम बात करेंगे उस वीडियो की जिसने देश के सबसे चर्चत समारक को एक बार फिर से सुर्ख्यों मिला
00:45दिया है
00:46सबसे पहले जानते हैं कि वीडियो में आखिर दिख क्या रहा है
00:50सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहे लगबग 1 मिनट 2 सेकंड के वीडियो में 30 से 35 लोग ताज महल
00:56के मुख्य मकबरे के नीचे स्तिक चमेली फश पर बैठे नजर आते हैं
01:02वीडियो में हरे क्रेश्न हरे राम का कीतन सुनाई देता है
01:05एक व्यक्ति भगवा वस्त्र पहने दिखाई देता है जबकि उसके सामने महिलाए और युफ्तियां बैठी नजर आती हैं
01:13आस-पास दूसरे परेटक भी गूम रहे हैं
01:17वीडियो में ताज महल और यमुना से जोड़ी जानकारी की अवाज भी सुनाई देती है
01:21जिससे ये माना जा रहा है कि कोई गाइड परेटकों को जानकारी दे रहा था
01:26लेकिन जैसे ही ये वीडियो वाइरल हुआ मामला सीधे ASI तक पहुँच गया
01:32ताज महल के वरिष्ट संरक्षन साहक कलंदर के अनुसार ASI ने CISF से रिपोर्ट मांगी है
01:40सबसे पहले ये पता लगाया जा रहा है कि ये वीडियो हाल का है या फिर पुराना
01:45रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कारवाई तै होगी
01:48अब यहाँ एक महत्वपूर बात समझे
01:50ताज महल भारतिय पुरात्वत सर्वेक्षन यानी ASI द्वारा संरक्षित स्मारक है
01:57यहाँ धार्मिक गतिवीदियों को लेकर सक्त नियम लागू है
02:00समान्य परिस्थितियों में किसी भी तरह की धार्मिक गतिवीदी की अनुमती नहीं होती
02:06सिरफ, शुक्रवार, रमजान और ईद के अफसर पर नमाज की अनुमती दी जाती है
02:11यही वज़ा है कि यह वीडियो सामने आते ही चर्चा का विशय बन गया
02:16लेकिन कहानी यहीं खतम नहीं होती
02:18असल में ताज महल का विवाद इस वीडियो से कहीं जादा पुराना है
02:23दर असल ताज महल को लेकर बहस आज की नहीं है
02:27इसकी शुरुआत करीब साथ साल पहले होती है
02:311965 में P.N.O.G के किताब ताज महल दर टू स्टोरी प्रकाशित हुई
02:36किताब में दावा किया गया कि ताज महल वास्तव में तेजो महले नाम का शिव मंदर था
02:42साथ ही साथ ये भी कहा गया कि ये सनरचना मुगलों से पहले की है
02:47इतिहास कारों और A.S.I. ने इन दावों को स्विकार नहीं किया
02:52लेकिन यहीं से विवाद की शुरुआत मानी जाती है
02:542015 में कुछ वकीलों ने अदालत में याचिका दायर कर ताज महल को अग्रेश्वर महादेव मंदर बताया
03:01फिर 2017 में ताज महल का नाम उत्तर प्रदेश प्रेटन पुस्तिका से हटाए जाने पर नया विवाद खड़ा हो गया
03:08इसी दोरान भाजपा विदायक संगीत सोम का बयान भी सुर्खियों में आया
03:13उन्होंने कहा था कि ताज महल भारतिय संस्रिती पर एक दाग है
03:17हाला कि पाटी ने बाद में इसे उनका व्यक्तित्व बयान बताया
03:21एसाइन ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ताज महल एक मगबरा है
03:26मंदर नहीं
03:27फिर आया 2022
03:29इलाबाद हाई कोट की लकनव बेंच में एक याचिका दायर होई
03:33मांग थी कि ताज महल के नीचे बने 22 बंद कमरों को खोला जाए
03:37याचिका करता का दावा था कि वहाँ हिंदू देफता देफताओं की मूर्तिय भी हो सकती है
03:43लेकिन अदालत ने याचिका खारिच कर दी
03:45जस्टिस दी के उपाद ध्याए ने कहा था कि रिसर्च विश्व विध्यालियों में होती है
03:50अदालतों में नहीं
03:52और इसके साथ एक बार फिर ये विवाद चर्चा में आ गया
03:56अब 2026 में वायल हुआ ये नया वीडियो एक बार फिर उसी बहस को सामने लाया है
04:01एक पक्ष का कहना है कि अगर ताज महल एक संरक्षत समारक है
04:06तो नियम सब के लिए सम्मान होने चाहिए
04:08तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सिरफ परेटकों के एक समू की गतिविदी मान रहे हैं
04:13फिलाल सबसे महत्व पूल बात ये है कि जाच अभी भी जारी है
04:17अब वीडियो कपका है की तन किस परिस्तिती में हुआ है और क्या नियमों का उलंगन हुआ है
04:24इन सवालों के जवाब जाच रिपोर्ट के बाद ही सपष्ट होंगे
04:28लेकिन एक बात साफ है सिरफ एक मिनट के वीडियो ने ताच महल से जुड़ी
04:33साच साल पुरानी भहस को फिर से राष्ट चर्चा का विशय बना दिया है
04:37आपकी क्या राय है क्या इतिहासिक्स मारको उपर धार्मिक गतिवीजियो को पूरी तरह प्रतिबंदध होना चाहिए
04:45क्या फिर कुछ विशेश परिस्थितियों में इसकी अनुमती मिलनी चाहिए
04:48अपनी राय हमें कमेंट करके ज़रूर बताइए
04:51आप देख रहे हैं One India Hindi
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