00:04सुबह की चाय बनानी हो, मंदर में दीपक जलाना हो, गैस्टोल जलाना हो या फिर अंधेरे में रोशनी करनी हो
00:13एक छोटी सी माचिस की तीली हमारी जिन्दगी को हर दिन असान बनाती है
00:19लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस माचिस का इस्तमाल हम रोज करते हैं
00:25उसका आविशकार किसी वग्यानिक योजना का नहीं, बलकि एक गलती का नतीजा था
00:31और सबसे हरान करने वाली बात ये है कि दुनिया बदल देने वाले इस आविशकार के पीछे
00:37जिस व्यक्ति का हाथ था, उसका नाम आज बहुत कम लोग जानते हैं
00:42आज से ठीक 200 साल पहले हुई एक दुरगटना ने इंसानों के लिए आग जलाने का तरीका हमेशा के लिए
00:50बदल दिया था
00:51साल 1826, इंग्लांड के एक छोटे से शहर में एक फार्मेसिस्ट अपनी प्रयोग शाला में रसायनों के साथ प्रयोग कर
01:00रहा था
01:00उसका नाम था जॉन वॉकर, वो किसी नई विस्पोटक सामगरी पर काम कर रहे थी
01:05लेकिन प्रयोग के दुरान कुछ ऐसा हुआ जिसकी उन्होंने कभी कलपना भी नहीं की थी
01:11रिपोर्ट के मुताबिक रसायनों का एक मिश्रन लकडी की पतली छडी पर छिपक गया
01:17जब ये छडी गलती से फायर प्लेस के पत्थर से रगड गई तो अचानक उसमें आग लग गई
01:23ये मानवर इतिहास की पहली घर्शन से जलने वाली माचिस थी
01:27उस दौर में आग जलाना बेहत मुश्किल काम था
01:30लोगों को चक्मक पत्थरों, स्टील और दूसरी जटल तकनीकों का सहारा लेना पड़ता था
01:37आग पैदा करना एक समय लेने वाली प्रक्रिया थी और हर किसी के लिए असान नहीं था
01:43लेकिन जौन वाकर की इस आकस्मिक खोज ने आग पैदा करने की प्रक्रिया को कुछ सेकंड का काम बना दिया
01:50जौन वाकर ने अपनी इस खोज को चिपाने के बजाए लोगों के सामने रखा
01:56उन्होंने माचस का पेटन्ट नहीं कराया और ना ही इसके जरी बड़ी दौलत कमाने की कोशिश की
02:02यही वज़ा है कि बाद के वर्षों में दूसरे लोगों और कमपनियों ने इस तकनीक को आगे बढ़ाया और व्यफसाईक
02:09रूप दिया
02:091827 में माचस का व्यफसाईक इस्तमाल शुरू हुआ
02:13धीरे धीरे इसकी लोग प्रियता बढ़ती गई और ये दुनिया के लगभग हर हिस्से तक पहुँच गई
02:19लोगों के लिए खाना पकाना, वुम्बती चराना और आग से जुड़े रोज मनरा के काम पहले से कई अधिक आसान
02:26हो गए
02:27आज जब हमारे पास गास लाइटर, इलेक्रोनिक इगनेशन और आधुनिक तकनीक मौजूद है
02:32तब भी माचिस करोडों लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई है
02:36खास कर उन जगाओ उपर जहां साधारन, सस्ता और भरोसे मंतली का सबसे जादा मायने रखता है
02:43सबसे दिल्शस बात ये है कि इतने बड़े आविशकार के बावजूद जॉन वॉकर की कोई प्रमानिक तस्वीर उपलब नहीं है
02:51इतिहास में उनका चेहरा भले ही खो गया हो
02:55लेकिन उनका आविशकार आज भी दुनिया के अर्बो लोगों की जिन्नेगी में मौजूद है
03:00दरसल कई बार दुनिया बदलने वाले आविशकार बड़ी योजनाओं से नहीं
03:06बल्कि छोटी से धुरगटनाओं और अंजाने प्रयोगों से जन्म लेते हैं
03:10माचिस की कहानी भी कुछ ऐसी ही है
03:13एक सधारन प्रयोग एक अंजानी गल्दी एक ऐसी खोज जिसने इंसानों के लिए आपको पहले से कई जादा सुलब बना
03:22दिया
03:22तो अगली बार जब आप माचिस की तीली जलाएं तो याद रखिएगा कि आपके हाथ में मौजूद ये छोटी सी
03:29चीज एक ऐसी खोज का नतीजा है
03:32जिसने पिछले 200 साल से दुनिया भर के लोगों की जिन्देगी को आसान बनाया है
03:38आपको ये कहानी कैसी लगी? क्या आप ऐसे किसी और आविश्कार के बारे में जानते हैं जो गलती से हुआ
03:44हो?
03:44हमें कमेंट करके जरूर बताएंगे और ऐसी ही और कहानियों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ
03:50आप देख रहे हैं One India Hindi
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