00:00पहाड़ों की ठंडी हवा, पीस्फुल व्यूज और सिटी लाइफ से ब्रेक। इसी फीलिंग के लिए हर साल लाखों लोग हिल
00:06स्टेशन्स की तरफ निकल पड़ते हैं।
00:17लेकन अब स्टोरी चेंज हो चुकी है, क्योंकि इंडिया के फेमिस हिल स्टेशन्स पर अब सुकून कम और ट्राफिक जैम्स
00:24ज्यादा मिल रहे हैं।
00:25शिमला हो, मनाली, मिसूरी, नैनिताल या डाजलिंग। टूरिस्ट की कितनी भी भीड पहुच जाए, रोड्स और लोकल इंफ्रस्ट्रक्ट्टर प्रेशर हैंडल
00:34ही नहीं कर पा रहा है।
00:41सबसे पहले बात शिमला की ब्रिटिश इंडिया की समर कैपिटल के नाम से फेमिस शिमला आज टूरिस्ट क्राइसिस का एक्जाम्पल
00:49बन चुका है।
00:50स्नोफॉल हो, क्रिस्मस हो या लॉंग वीकेंड, यहां रोज पर गाड़िया लिटरली क्रॉल करती नजर आती हैं।
00:56नैरो रोज, स्टीप हिल्स और इंक्रीजिंग टूरिस्ट वहिकल्स सिचुएशन को और डिफिकल्ट बना देते हैं।
01:03कई बाद टूरिस्ट को होटेल तक पहुचने में भी घंटो लग जाते हैं।
01:07अब बात मनाली की।
01:08एक वक्त था जब मनाली पीसफुल हिल टाउन माना जाता था।
01:12लेकिन अब यह अडवेंचर टूरिजम होट स्पोर्ट बन चुका है।
01:15हर वीकेंड बाइकर्स, हानीमून कपल्स और ट्रावल व्लोगर्स की भीड यहां पहुच जाती है।
01:20सोलांग वैली, रोतांग पास और अटल टनल्स के रूट्स पर हैवी ट्राफिक कॉमन हो चुका है।
01:26कभी कभी कुछ किलोमीटर्स ट्रावल करने में ही आदा दिन निकल जाता है।
01:30अब मसूरी क्वीन ओफ हिल्स, मसूरी आज भी नौर्ट इंडा के मोस्ट पॉपिलर टूरिज डेस्टिनेशन में से एक है।
01:36लेकिन मॉल, रोड, लाइबरी चौक और एंप्टी फॉल्स के आसपास ट्राफिक सिचुएशन काफी सीरियस हो चुकी है।
01:43सबसे बड़ी प्रॉब्लम है पाकिंग शॉटेज।
01:46थाउजंस अफ प्राइबिट वहीकल सिटी में एंटर करते हैं।
01:49लेकिन उनके लिए प्रॉपर पार्किंग स्पेस अवेलिबल नहीं है।
01:52अब नैनी ताल की बात करते हैं।
01:54ब्यूटिफर नैनी लेक के अराउंड बसा ये सिटी पीक सीजन में कम्प्लीटली पैक नजर आता है।
02:00रोड्स नैरो हैं और लेक और माउंटेंज के बीद सिटी एक्स्पैंड करना इजी नहीं है।
02:05रिजल्ट हॉलिडे सीजन में सिटी एंट्री से पहले ही लॉंग वहीकल क्यूज लग जाती है।
02:10और फाइनली डाजलिंग टी, गार्डन और टॉइ ट्रेन के लिए फेमस डाजलिंग भी अब ट्राफिक प्रेशर फील कर रहा है।
02:17टाइगर हिल, चौक बजार और बतासिया लूप जैसे टूरिस स्पोर्ट्स पीक सीजन में जैम होट्सपोर्स बन चुके हैं।
02:25टूरिस्ट को होटेल तक पहुचने में काफी डिले फेस करना पड़ता है। लेकिन सवाल ये है कि आखेर ये प्रॉब्लम
02:32इतनी बढ़ क्यों रही है।
03:02पहाड़ों का असली मज़ा तब ही है जब सफर पीस्फुल हो और स्ट्रेस्फुल नहीं।
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