00:00भूम अध्य सागर में अचाना खल्चल बढ़ गई है, तुर्किये के टीवी चैनलों पर लगतार बहस चल रही है, एर्दोगन
00:07सरकार के रणितिकार बिचैन है, जुसके पीछे एक बड़ा दावा है, क्या भारत अपनी मिसाइले और ड्रोन तुर्किये की सीमा
00:14पर तैनाद क
00:15कर रहा है, तुर्किये की मीडिया में ये दावा उस समय सामने आया, जब भारत और साइप्रस ने अपने रिष्टों
00:22को स्ट्रेटेजिक पार्टनर्शिप के स्तर तक पहुंचाने का ऐलान किया, और इसी डिफेंस समझोते ने तुर्किये की चुंता बढ़ा दी
00:29है, याद
00:45और साइप्रस के बीच हुए नया रक्षा रोड़ मैप के तहए तो पुर्वी भूमद्य सागर में बारतिया मिसाइल सिस्टम और
00:52ड्रोन तैनात किये जा सकते हैं, अलाकि भारत और साइप्रस की तरब से ऐसी कोई तैनाती की अधिकारिक पुष्ट्री नहीं
00:58हुई है, ले
01:20इस समझोते में समुद्री सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, आतंकवाद विरोधिया अभियान, संयुक्त सैन्य अभ्यास, युद्द पोतों के पोर्ट विजिट और हाई
01:29-टेक डिफेंस कोपोरेशन जैसे एहम मुद्दे शामिल हैं, लेकिन सबसे ज्यादा जिस बात की
01:34चर्चा हो रही है, वो है भारत और रक्षा तक्निक, रिपोर्ट के मुताबिक साइबरस ने भारत के ब्रम्होस मसायल सिस्टम
01:41और आकाश ये डिफेंस सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई है, इसके अलावा भातिये UAV यानि की ड्रोन टेक्नोलोजी पर भी बात
01:49चीत हुई
01:50यहीं से तुर्किये के चिंता शुरू होती है, क्योंकि साइप्रस और तुर्किये के बीच दशको पुराना विवाद है, साइप्रस दो
01:57हिस्सों में बटा हुआ है, एक हिस्सा अंतराश्टियस्तर पर मानिता प्राप्त रिपब्लिक ओफ साइप्रस है, जबकि उसका उतर
02:05हिस्ता तुर्किय समर्थिर्थ नॉर्धन साइप्रस के नियंतरण में है जो से दुनिया के ज्यादा तरदेश मानेता ही नहीं देते हैं
02:11तुर्किय लंबे समय से पुरुमद्य सागर में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है लेकिन भारत की एंट्री ने गेम बदल दिया
02:19ह
02:20विशेशग्य मानते हैं कि भारत सिर्फ साइप्रस के साथ व्यापारिक रिष्टे नहीं बढ़ा रहा बलकि रणितिक रूप से यूरोप और
02:27भूमद्य सागर शेत्र में अपनी मौजूद्गी मजबूत कर रहा है और इसके पीछे कई बड़े कारण है
02:33पहला तुर्किय लागातार पाकिस्तान का खुला समर्थन करता रहा है जैसे कि हमने आपको शिरू में भी बताया
02:39कश्मीर मुद्दे पर अर्दोगन कई बार भारत के विरोध में बयान दे चुके हैं
02:44दूसरा, तुर्किय ने पाकिस्तान को सेन तकनीक ज्रोन और हतियार सपोर्ट भी दिये है
02:50ऐसे में भारत अब तुर्किय के प्रिभावाले शेत्रों में अपनी रणितिक पहुँच बढ़ाना चाहता है
02:55यारे अगर पाकस्तान को तुर्किया का समर्था मिल सकता है तो भारत भी तुर्किये के भूर राजुनिते की शेत्र में
03:02अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की पूरी तैयारी कर रहा है
03:05तुर्किये की मीडिया इस बात को लेकर अलार्म बजा रही है
03:08रिपोर्ट्स में लिखा जा रहा है कि भारत और साइप्रेस के बीच सयोग तसैन या भ्यास तक्नीकी सयोग और रक्षा
03:15खरीद को लेकर गंभीर बार्चित कुई
03:18रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पुर्वी भूमद्य सागर में भारतिय रक्षा प्रनालियों की समभावित मौझूद की तुर्किये की सुरक्षा
03:25रर्णीति को प्रभावित कर सकती है
03:27हला कि भारत की तरफ से अभी कोई आक्रामक बयान नहीं आया है
03:32भारत आधिकारिक तौर पर इसे रर्णीतिक साचुदारी और शेत्रिय सुरक्षा सहयोग बता रहा है
03:36लेकिन एक्सपर्ट्स बानते हैं कि ये सिर्फ एक साधारन डिफेंस डील तो नहीं है
03:41ये एक बड़ा जियो पॉलिटिकल मेसेज भी है
03:44मेसेज ये है कि भारत अब सिर्फ दक्षिनेशिया तक समित शक्ती नहीं रहना चाहता
03:49बलकि घुमध्य सागर से लेकर इंडो पैसिफिक तक अपनी रर्णीतिक पहुँच बढ़ा रहा है
03:55और यही बात तुर्किये को सबसे ज्यादा परिशान कर रही है
04:00अब बड़ा सवाल ये भी है कि क्या साइप्रस वास्तों में भारत के प्रम्होस और एर डिफेंस सिस्टम खरीदना चाहेगा
04:07क्या भारतिया ड्रोन तुर्किये के बहुत करीब दिखाई देंगे
04:10और ये डील अगर भारत तुर्किये में रिष्टे में नई तनातानी के शुरुआत बने रही है
04:15बिलहाल भूमत दे सागर में सिर्फ समुदुरी हवा नहीं चल रही बलकि एक नया रणिते को शक्ती संघर्ष भी आकार
04:22ले रहा है
04:23इस खबर में इतना ही लेकिन आप क्या सोचते हैं हमें कॉमेंट बॉक्स में जरूर बताएं
04:28और देश दुनिया की बाकी अपडेट्स के लिए देखते रहें OneIndia
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