00:00करनाटा की राजुनीती में जो हुआ उसे सिर्फ सत्ता परिवर्तन कहना शायद बहुत छोटा होगा
00:05क्योंकि ये सिर्फ मुख्यमंतरी की कुर्सी वदलने की कहानी नहीं है
00:08ये कैसे नेता की कहानी है जिसने सत्ता छोड़ते वक्त भी राजुनीती का सबसे बड़ा संदेश दे दिया
00:15मुख्यमंतरी पत से इस्तीफा देने के बाद जब सिध्धर रमया मीजा के सामने आये
00:20सब को लगा कि अब वे दिल्ली की राजुनीती की तरह बढ़ेंगे शायद राज्यसभा जाएंगे
00:26शायद कॉंगर्स हाई कमान उन्हें राश्ट्री स्तर पर बड़ी भूमिका देगा लेकिन
00:30तब ही सिध्धर रमया ने एक ऐसा खुलासा कर दिया जुसने पूरी सियासत को चोका दिया
00:35उन्होंने कहा पार्टी के वरिष्ट नेताओं ने मुझे राज्यसभा सीट ओफर की थी लेकिन मैंने मना कर दिया
00:41मुझे राश्ट्री और राज्यनीती में कोई दिल्चस्पी नहीं है
00:45यानि दिल्ली की सत्ता से ज्यादा उन्हें अभी करनाटक की जमीन प्यारी है
00:49लेकिन कुछ सवाल हैं जिनके जवाब जानना बेहत जरूरी है
00:52आखिर सद्धा रमया ने राज्यसभा जाने से इंकार क्यों किया
00:56क्या ये सिर्फ विनम्रता थी या इसके पीछे बड़ा राज्यनीतिक संदेश शिपा है
01:01क्या दीके शियुकुमार की ताज़ पोशी से पहले कॉंगरस ने बहुत बड़ी रणी की तयार की है
01:07और आखिर क्यू मुख्यमंत्री की गुर्ते चोड़ने के बाद भी सिद्धा रमया की राज्यनीती खत्म होती नहीं दिख रही है
01:20नमस्कार मैं हूरिचा पराशर और आप देख रहे हैं वन इंडिया हैंगी
01:23करनाटक में सत्ता बदली लेकिन कहानी खत्म नहीं हुई
01:37दोनों नेताओं के समर्थक लगतार अपनी अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे थे
01:41बीजेपी लगतार दावा कर रही थी कि कॉंग्रस के भीतर कुछ भी ठीक नहीं है
01:46कहा जा रहा था कि पार्टी दो हिस्सों में बढ़ चुकी है लेकिन जब कॉंग्रस ने पुरा खेल पलट दिया
01:52वो दिन था कुरुवार का
01:54मुख्यमंत्री आवास में हाई प्रोफाइल मीटिंग हुई और उसके बाद सिधरमया ने खुद अपने स्टीफे का ऐलान कर दिया
02:00लेकिन सबसे बड़ा मुवमिंट उसके बाद आया जब प्रस कॉन्फरेंस में सिधरमया ने खुलासा किया
02:05कि उन्हें राज्यसभा सीट ओफर हुई थी लेकिन उन्होंने उसे ठुकरा दिया
02:10क्यों ठुकराई राज्यसभा सीट? अब सबसे बड़ा सवाल तो यही है
02:15आकिर कोई नेता मुख्यमंतर पद छोड़ने के बाद राज्यसभा जासी बड़ी राज्यनितिक जग है
02:20क्यों मना करेगा? दरसल राज्यनितिक जानकार मानते हैं कि सधरमया का यह पैसला सर्थ भवनात्मक नहीं है
02:26बलकि बेहद रणनितिक है क्योंकि अगर में दिल्ली चले जाते हैं तो करनाटक कॉंग्रस में उनका सीधा प्रभाव धीरे-धीरे
02:34कम हो सकता था
02:35लेकिन राज्य की राज्यनिति में बने रहकर वे अब भी एक बड़े शक्ती के केद्र बने रहेंगे
02:40यानि मुख्यमंत्री भले बदल जाए लेकिन सिधारमया का राज्यनिति कद्ध कम नहीं होगा
02:46उन्होंने साथ कहा मैं विधायक हूँ मेरा कार्याल है अभी दो साल बाकी है और मैं करनाटक की जनता के
02:52वीच रहकर काम करना चाहता हूँ
02:54इस बयार में बहुत बड़ा संकेत चिपा है संदेश ये है कि सिधारमया राज्यनिति से रिटायर नहीं हो रहे हैं
03:02वे सिर्फ अपनी स्यम की कुर्सी छोड़ रहे हैं
03:05सूत्रों के मताबिक स्तीफे के बाद सिधारमया ने दिली जाकर कॉंगर्स की वरिष्ट नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की है
03:12बताया जा रहे है कि इस मुलाकात में करनाटक के सत्ता परिवर्तन और आगे की राजुनीतिक रणीती पर विस्तार से
03:18चर्चा हुए
03:18इस बैटक में राहूल गांधी भी सोनिया गांधी के साथ और सिधारमया के साथ मौजूद रहे और बैठक लगभग एक
03:25घंटे तक चले यानि साफ है कि ये पूरा बदलाव अचानक नहीं हुआ बलकि कॉंगर्स हाई कमान की पूरी सेहमती
03:32और रणीती के तहत हुआ है
03:34राजनितिक जानकार मानते हैं कि सोनिया गांधी की मौजूदगी में हुई चर्चा ने इस ट्रांजेशन कुवंतीम रूप दिनने में बड़ी
03:40भूमी का निभाई
03:40सम्विधान के खिलाफ काम करने वालों से लड़ता रखूँगा
03:44प्रेस कॉन्फरेंस में संधरमय अबेहद भावुक लेकिन आकरामक अंदाज में दिखाई दिये
03:49उन्होंने कहा जो लोग सम्विधान के खिलाफ काम करेंगे मैं उनके खिलाफ लड़ाई जारी रखूँगा
03:55यानि मुख्यमंतरी पद छोड़ने के बाद भी वे खुद को विपक्षी राजुनीती और वहचारिक लड़ाई के खेंदर में रखना चाहते
04:02हैं
04:02उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्ष ने उनके खिलाब कई जूटी कहानिया फैलाई
04:08दसल पिशले कुछ महीनों में बीजेपी लगातार ये नेरेटिव बना रही थी कि कॉंग्रस सरकार अंदर से तूट चुकी है
04:13लेकिन कॉंग्रस ने सत्ता परिवर्तन को जिस तरह कंट्रोल्ड ट्रांजिशन में बदला उसने विपक्ष की राजनीती को जटका दे दिया
04:22मैं कभी पैसे के लिए पीछे नहीं भागा
04:24सिधर अमया का एक और बयान खूब चर्चा में है
04:27उन्होंने कहा मैंने कभी पैसे के पीछे काम नहीं किया नहीं भागा हो
04:31ना संपत्ती बनाने की लालसा रखी
04:33मेरा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब की तरह है
04:36ये बयान इसलिए भी आहमाना जाराएक कि करनाटकी राजनीती में
04:39भर्ष्ट चार के आरोप हमेशा सबसे बड़ा मुद्बा रहे है
04:42ऐसे में सत्ता छोड़ते वक्त सिधर रमया ने
04:45खुद को एक साफ सुथरे और वैचारी कनेता के रूप में पेश करने की कोशिश की
04:50दीकेशियो कुमार भी साथ खड़े दिखाई दिये
04:53उस पूरे घटना क्रम में सबसे एहम तस्वीर शायद यही थी
04:56प्रस कॉंफरेंस में दीकेशियो कुमार लगतार सिधर रमया के साथ मौजूद रहे
05:00कुछ घंटों पहले तक उजिस सत्ता संघर्ष को लेकर तमाम चर्चाएं चल रही थी
05:04उसलिए के बीच दोनों नेताओं का साथ आना कॉंग्रस के लिए बेहत जरूरी था
05:08क्योंकि पार्टी नहीं चाहती थी कि सत्ता परिवर्थन विद्रोह की तरह दिखाई दे
05:13इसलिए कॉंग्रस ने इसे संघर्ष को बेहत सावधानी से संभाला
05:32अगर ये बदलाव अचानक के अटकराव के बीच होता तो पार्टी के भीतर बड़ा संकट पैदा हो सकता था
05:38लेकिन कॉंग्रस हाई कमान ने पहले दिल्ली में बाचीत की फिर दोनों नेताओं को साथ लाया
05:43और अंत में सत्ता परिवर्दन को एमोशनल यूनिटी शो में वदल दिया
05:47यही वजह है कि आज की सबसे बड़ी चर्चा कुर्सी नहीं बलकि सिधार अमया का बयान और दोनों नेताओं की
05:53एक जूट तस्वीरे बन गई है
05:55अब आगे क्या?
05:56अब सबकी नजर कॉंग्रस विधायक दल की बैठक पर है
05:59माना जा रहा है कि जल्दी शिव कुमार को अब चारिक तोर पर विधायक दल का निता चुन लिया जा
06:04सकता है
06:05इसके बाद वे करनाटक के नए मुख्यमंत्री के तोर पर शपत ले सकते हैं
06:09लेकिन इस पूरी कहानी में सबसे द्चस्प बात ये है कि सत्ता बदलने के बाद भी सुद्धा रमया राजनीती के
06:16केंद्र बने हुए है
06:17उन्होंने राजसभा को ठुकरा कर साफ संदेश दिया है
06:20दिल्ली की राजनीती बाद में मेरी असली लडाई अभी भी करनाटक में है और शादी यही वज़ा है कि मुख्यमंत्री
06:26पद छोड़ने के बाद भी
06:28आज पूरे करनाटक में सबसे ज्यादा चर्चा किसी नए मुख्यमंतरी की नहीं बल्कि सिद्धा रमया के उस फैसले की हो
06:35रही है
06:35जुसने ये साबत कर दिया है कि राजनीती में हर नेता सत्ता के लिए नहीं लड़ता
06:40कुछनेता अपनी जमीन और अपनी पहचान के लिए भी खड़े रहते है
06:44इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें
06:47वन इंडिया है
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