00:03बक्राइद यानि एदुल अज़ा इसलाम का बहुत ही एहम और पाक तेवहार है।
00:37बक्राइद यानि एदुल अज़ा इसलाम का बहुत है।
01:00मांसिक रूप से बिलकुल ठीक हो। इसके लावब वो अज़ाद हो। यानि गुलाम ना हो। आज के समय में उस
01:05पर कुर्बानी लागो में ही होती।
01:07निसाब का मालिक हो। सबसे एहम शर्ट ये है।
01:10निसाब का मतलब होता है कि इतनी संपत्ती होना कि इनसान जखात देने के काबिल हो जाए।
01:14लगबग 7.5 तोला सोना या 52 तोला चांदी या उसके बराबर पैसा, सेविंग या कोई भी संपत्ती।
01:21आसान भाषा में अगर ईद के दिन आपके पास जरूर से ज़्यादा पैसा, सेविंग, सोना और इंवेस्मेंट है तो आपके
01:26ओपर कुर्बानी वाजिब हो जाती है।
01:28अब समझते हैं कुर्बानी किस पर नहीं है, जो इंसान गरीब हो और निसाब तक संपत्ती ना हो, बच्चा हो
01:33यानि नाबाली हो, मांसिक रूप से अस्वस्त व्यक्ती हो, जो व्यक्ती सफर में हो और उसके पास जरूरी संपत्ती ना
01:40हो, ऐसे लोगों पर कुर्बानी जर
02:01यानि इसका मतलब है अल्ला के सामने अल्ला सबसे बड़ा है
02:04ए अल्ला ये कुर्बानी तेरी तरफ से है और तेरे लिए है
02:07इसे मेरी तरफ से कबूल करो
02:09कुर्बानी की कुछ जरूरी अदब और रूल्स भी जान लिजे
02:12जानवर स्वस्त और बिना बिमारी वाला हो
02:14सही उम्र का हो, बकरी कम से कम एक साल या भैस दो साल और उंट पांच साल का हो
02:20कुर्बानी सिर्फ अल्ला के लिए हो, दिखावा या सोचल मीडिया के लिए नहीं होना चाहिए
02:24जानवर के साथ अच्छा वेवार किया जाए
02:26कुर्बानी सिर्फ जानवर काटना नहीं बल्के इसका मकसद अल्ला की फर्मा बर्दारी तक्वा अपने अंदर कुर्बानी का जजबा प्यादा करना
02:33है
02:33दोस्तों अगर आपको ये वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल
02:38लग हो नहीं
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