00:02अल दोहजार शब्विस के पंचांगों के मताबिक पदमनी एकादशी का वरत 27 मई दोहजार शब्विस दिन बुद्वार को रखा जा
00:10रहा है इसले इस वरत का पारण 28 मई गुरुवार को होगा
00:14आई इस विडियो में जानते हैं पारण का सही समय और फलाहर और नर्जला वरत खोलनी की सही विधी क्या
00:20होगी
00:20पारण की तिती 28 मई दोहजार शब्वस गुरुवार को सुब़ 5 बचकर 25 मिनट से सुब़ 7 बचकर 56 मिनट
00:29का है
00:29एक आदशी वरत का पारण हमेशा दोआदशी तिती के भीतर और हरी वासर समाप्त होने के बाद ही करते हैं
00:3628 मई को सुब़ 7 बचकर 56 मिनट पर दोआदशी तिती समाप्त होगी इसलिए इसी समय के बीच वरत खोलना
00:43सबसे उप्तम है
00:44अगर आपने कादशी का वरत फलहार रखा है तो वरत इस धरह खोले पारण के दिन जल्दी उटकर स्नानादी से
00:51निवरत होकर भगवान विश्नु और माता लक्ष्मी की पूजा कर उनके सामने घी का दीपक जलाएं
00:56इसके बाद किसी ब्राम्हन या जरुरतमंद व्यक्ति को अनाज तिल या चना या गर्मी में ठंडक पहुँचाने जैसी चीजों का
01:03दान करें और दक्षना दें
01:06इसके बाद फलाहारी विरत को आप सीधे सात्विक भोजन खा कर खोल सकते हैं लेकिन सबसे पहले आपको चावल जरूर
01:13खाना होगा
01:14मैं अगर आपने पदमिनी एकादशी का विरत निर्जला रखा है तो विरत खोलते समय शरीर का विशेश ध्यान रखें
01:20तुलसी दल और जल से शुरुवात सुबह की पूजा और दान का संकल्प करने के बाद भगवान वर्षनु को चर्णामरत
01:28या साधे जल से तुलसी का पत्ता डाल कर सबसे पहले थोड़ा सा जल ग्रहन करें
01:33धार्मिक दृष्टी से तुलसी दल से वरत खोलना अत्यंत पवत्र माना जाता है चुकि शरीर में 24 घंटे से अधिक
01:40से पानी नहीं गैस ले पानी पीने के 10-15 बाद नीमु पानी नारियल पानी या हलके गुनगुने पानी में
01:46थोड़ा सा शहद मिला कर जरूर पी लें जि
02:02अब आपने दान कर दिया हो और अगर दान के लिए नहीं जा पाए हूं तो दान का सामगरी अलग
02:07हटा कर रख दे पारण के बाद जरूर दान करें फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और
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