00:12क्या मुंबई का मीरा रोड अब एक नया कॉम्यूनल फ्लाश पॉइंक बनता जा रहा है।
00:17क्या बक्रा एट से पहले एक हाउसिंग सोसाइटी में लाए गए बक्रों ने पूरे इलाके का महौल गर्मा दिया।
00:24और सबसे बड़ा सवाल, क्या ये सिरफ सोसाइटी के नियमों का मामला है या फिर इसे हिंदू मुस्लिम टक्राव में
00:31बदल दिया गया।
00:32नमस्कार, मैं हूँ जस्पी कौशिक और आप देख रहे हैं One India Hindi।
00:36बक्रा इड़ दोजार चब्विस से पहले देश भर में कुर्बानी को लेकर विवाद तेज होता जा रहा है।
00:43मुंबई के मीरा रोड से लेकर उत्तर प्रदेश तक, पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक, कहीं हाउसिंग सोसाइटी इसमें बक्रों
00:52को लेकर विवाद हो रहा है।
00:53कभी हाई कोट के आदेशों पर भहस तो कहीं सरकारें खुले में कुर्बानी और प्रतिविंदिज जानवरों पर सक्त कारवाई की
01:01तयारी में हैं।
01:02और अब सवाल सिरफ त्योहार का नहीं रहा, बलकि कानून, धार्मिक स्वातन्तिता, सैनिटेशन रूल्स और राजनिती सब आमनिस सामने दिखाई
01:11दे रही है।
01:11सबसे पहले बात उस विवाद की, जिसने इस पूरी भहस को राश्य मुद्दा बना दिया।
01:17मुंबई के पास मीरा रोड की पूनम क्लस्टर सोसाइटी, रिपोर्ट के मुताबिक बकरा ईज से पहले सोसाइटी परिसर में 40
01:26-50 बकरे लाए गए थे।
01:28इनके लिए एक अस्थाई शेट भी बनाया गया।
01:31लेकिन कुछ रेजिडेंस ने इसका विरोज शुरू कर दिया।
01:34उनका कहना था कि रेजिडेंशिल सोसाइटी के कॉमन एरिया में इस तरह जानवर रखना हाईजीन कंस्रोंस पैदा करता है।
01:41और मुंसिपल रूल्स के खिलाफ हो सकता है।
01:44विरोज धीरे धीरे भहस में बचला और फिर भहस तनाफ में।
01:48बताया जा रहा है कि नगरपालिका की टीम मौके पर पहुची और अस्थाई शेट को हटाया गया।
01:54लेकिन देर रात दोबारा शेट बनाए जाने की खबरों के बाद स्थिती और बिगर गई।
01:59सोसाइटी के बाहर नारिबाजी शुरू हो गई।
02:02कुछ हिंदू संगठिन और राज़ने तिकारे करता भी मौके पर पहुच गई।
02:06हनुमान चालिसा का पाठ हुआ फ्रदर्शन हुए और फिर भारी पुलिस बल तिनात करना पड़ा।
02:12इसी दोरान हिंसा के आरोब भी सामने आये।
02:15एक व्यक्ति के घायर होने की खबर है जब कुछ लोगों ने धार-दार पतियार से हमले का दावा किया।
02:21हाला कि पुलिस अभी पूरे मामले की जाच कर रही है और सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टी होना बाकी है।
02:29लेकिन इस पूरे विवात के बीच सबसे एहम सवाल ये है कि कानून आखिर कहता क्या है।
02:36बॉंबे हाई कोट के मुताबिक घर या फ्लाट के अंदर कुर्बानी नहीं दी जा सकती।
02:41अगर किसी हाउसिंग सोसाइटी में कुर्बानी करनी है तो वहां सभी रेजिदेंस की सहमती जरूरी होगी।
02:47और अगर एक किलोमीटर के दाइरे में लाइसिंस फ्लोटर हाउस मौजूद है तो सोसाइटी के अंदर कुर्बानी की अनुमती नहीं
02:54दी जा सकती।
02:54यानि अदालत का फोकस सिरफ धार्मिक्स वतंतता पर नहीं बलकी सेनिटेशन, एनिमल वेलफेर और पब्लिक ओर्डर पर भी है।
03:02इसी वज़ा से BMC ने मुंबई में केवर 47 मार्केट्स और 67 उतराइस शॉप्स को ही कुर्बानी की अनुमती दी
03:10है।
03:11नियम तोड़ने पर FIR और जुर्मानी की चितावनी भी दी गए। अब बात उतर प्रदेश की जहां मुख्यमंत्री योग्याद इत्यनात
03:18ने बकराईद से भेले स्टेट वाइट सक्त मिर्देश चारी किये हैं।
03:23सरकार ने साब कहा है कि खुले या सारवजनिक स्थानों पर कुर्बानी पूरी तरे प्रतिबंदित रहेगी। के वर डेजिनेटेट स्पॉट्स
03:31पर ही उनुमती होगी। कोई नई परंपरा या नया स्थर स्विकार नहीं किया जाएगा।
03:36इसके अलावा प्रतिबंदित जानवरों की कुर्बानी पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की भी बात की गई।
04:06से घटाकर एक दिन कर दी है। इसके अलावा गाए, बैल, भैस और बच्रों की कुर्बानी बिना सरकारी अनुमती संभव
04:14नहीं होगी।
04:15लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी वही है, क्या भारत में त्योहार और कानून साथ साथ चल सकते हैं, या
04:22फिर हर साल ऐसे विवाद राजनिती और धर्म की लड़ाई बनते रहेंगे।
04:26क्योंकि एक तरफ धार्मिक परंपराएं हैं, तो दूसरी तरफ पब्लिक हेल्ट सैनिटेशन और लौ एन ओर्डर की चिताएं।
04:33और इसी टक्राफ के बीच, सोशल नीडिया पॉलराईजेशन और राजनितिक बयानबाजी महल को और जादा समवेदिन शील बना देती है।
04:41फिलाल देश भर में प्रशासन एलर्ट मोट पर है और कोशिश यही है कि बक्राईट शान्ती पून तरीके से मनाई
04:48जाए। बिना किसी कॉम्यूनल टेंशन के।
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