00:00प्राइब मिनिस्टर भी यहां है मैं उनसे निवेदन करूँगा कि बहुत इन लंबा शेशन चलने से डिसकेशन्स अच्छे होते हैं
00:11कहीं इंपोर्टेंट बिल्को हम कम समय देते हैं और और अब चंद बिल्को या चंद कार्यकरम को हम चार गंटे
00:25आठ गंटे और चंद बि
00:29तो ऐसा नहीं होना चाहिए आप सबको मोखा दो दो चार दिन ज्यादा एक्टेंट करें तो परवान लेकिन लोकों को
00:38उसके बारे में भालूमात होने हैं यह है और यह काम हमारे प्रदान मंत्री जी करेंगे ऐसा तो आप खम
00:47बैठते हैं लेकिन फिर भी अगर ज्यादा द
00:59देंगे सारे चीज़े भी हम करेंगे तो यह मैं आपसे चाहता हूं कि पार्लमेंट को ज्यादा दिन देने का मोखा
01:08प्राइम मिनिस्टर हमको देंगे गरीबों कमजोर तबकों को किसानों और मजदूरों के हिद के मुद्दों पर ज्यादा बात हो सके
01:19अक्सर जब हम यह म�
01:25रोजना मान लेता है और बिना उस उन्हें खंडन करने लगता है जबकि सरकार को जनता की चिंताओं पर गंबिर्ता
01:35से गवर करना चाहिए
01:36सभापती जी सीमित अवसरों में भी जब सांसर अपनी महत्वपून बाते रखते हैं तो कहीं बार उन्हें कारवाई से हटा
01:47दिया जाता है
01:48अब जबकि मेरा खुद का अनुब हो है मैंने आपको दो लेटर रिखा मेरी अन पार्लमेंटरी शब्द उसमें कोई नहीं
01:58थी
02:06इसे लिए आप इसको के मीरता से लो क्योंकि सडनली इसको हटाओ उसको हटाओ यह शब्द को हटाओ यह सेंटेंस
02:14अटाओ तो इससे बहुत बड़ा नुकसान डिबेट का ही नहीं आने वाले जो लोग हमारे प्रूसीडिंग्स पढ़िंगे वो कहेंगे यह
02:25क्या पोजिश
02:35प्रेड तो मद्दो जो मीनिंगलेस बात किया है प्राइब मिनिस्टर भी यहां है मैं उनसे निवेदन करूंगा कि बहुत इन
02:43लंबा शेशन चलने से डिसकेशन्स अच्छे होते हैं कहीं इंपोर्टेंट बिल्को हम कम समय देते हैं और और और अबी
02:57अब चंद पिल को या
02:59चंद कारेकरम को हम चार गंटे आठ गंटे और चंद बिल को हम दो दिन तीन दिन देते हैं तो
03:08ऐसा नहीं होना चाहिए आप सबको मोखा दो दो चार दिन जादा एक्सटेंड करें तो परवाने लेकिन लोकों को उसके
03:17बारे में भालूमात होनी तो यह है और यह काम हमारे �
03:22प्रदान मंत्री जी करेंगे, ऐसा तो आप खम बैठते हैं, लेकिन फिर भी अगर ज्यादा दिन हमको मोखा मिला, हम
03:31लोग सभी बिलके आपको अच्छा पिल देंगे, स्टैंडिंग कमीटी का अच्छा रिपोर्ट देंगे, सारे चीज़े भी हम करेंगे, तो ये
03:41मैं आपसे
03:41चाहता हूं कि पार्लमेंट को जादा दिन देने का मोखा प्राइम मिनिस्टर हमको देंगे, गरीबों, कमजोर तबकों को, किसानों और
03:53मजदूरों के हिद के मुद्दों पर जादा बात हो सके, अक्सर जब हम ये मुद्दे उठाते हैं, तो सत्ता दल
04:02इसे आलोजना मान ल
04:08जब कि सरकार को जनता की चिंताओं पर गंबिरता से गवर करना चाहिए, सभापती जी, सीमित अउसरों में भी, जब
04:19सांसर अपनी महतुपून बाते रखते हैं, तो कहीं बार उन्हें कारवाही से हटा दिया जाता है, अब जब कि मेरा
04:28खुद का अनुग है, मैंने आपको �
04:30दो लेटर रिखा, मेरी अन पार्लमेंटरी शब्द उसमें कोई नहीं थे, क्योंकि थोड़ा एक दो शब्द आप अगर हटाएंगे, वो
04:40पूरे सेंटेंस का मीनिक चले जाता है, तो इसलिए आप इसको के मीरता से लो, क्योंकि सडनली इसको हटाओ, उसको
04:50हटाओ, ये श�
04:55कुछान, डिबेट का ही नहीं, आने वाले जो लोग हमारे प्रूसीडिंस पढ़ेंगे है, वो कहेंगे है, क्या अपोजिशन लीडर ने
05:04बात किया, जो मीनिलेस ये बात होती है, तो कम से कम, मेरे कु इस हुमर में वो सर्टिफिकेत तो
05:14मत दो, जो मीनिलेस बात किया है
05:25सकते है
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