00:11आज हम बात करेंगे उस बुल्डोजर की जो कानूनी था, जो कोट अपरूट था, जो ज़रूरी भी था
00:17लेकिन जिसने सेकडो घर जमीन पर बिचा दिये
00:19हम बात कर रहे हैं मुंबई में हुई बड़ी अतिकरमन कारवाई की
00:23मुंबई में बांदरा के पास गरीब नगर है, सपनों के शहर को चलाने वाले पई है, मतलब मुंबई का वर्किंग
00:30क्लास यह दशकों से रह रहा है
00:31इस गरीब नगर का कुछ हिस्सा रेलवे की जमी पर अवैद रूप से बसाया गया था और इसी को पिछले
00:37कुछ दिनों में जमी दोस किया गया
00:38नमस्कार में अवै और आप देख रहे है वन इंडिया निउस हिंदी
00:44पशिम रेलवे ने बांदरा इस्ट के गरीब नगर में अतिकरमन हटाओ अवियान शुग किया
00:49400 से 500 अवैद निर्मान करीब 5200 वर्ग मीटर रेलवे की जमी जिसकी कीमत है लगबग 600 करोड
00:57यहाँ कोई नहीं कहरा कि यह बुल्डोजर अवैद है लेकिन असरी सवाल यह है जो लोग यहाँ दशको से रह
01:04रहे थे
01:05दशको साल से यहाँ पर उन्होंने अपना मकान बनाया उनके पास वोटर आईडी थी राशनकार था बिजली का कनेक्शन भी
01:12था
01:12तो उन्हें इतने साल नागरी की तरह ट्रीट क्यों किया गया और एक दिन अचानक अतिक्रमन कारी कैसे कह दिया
01:19गया
01:19यह सिस्टम की सबसे बड़ी बैइमानी है जब वोट चाहिए था तब ये लोग असली मुंबई करतें जब जमीन चाहिए
01:26तब ये अवेत कवजेदार हो गए
01:28यह जमीन BKC के पास है बांदरा टर्मिनस के करीब है
01:32माना जाता है कि मुंबई की सबसे महेंगी जमीनों में से एक ये जमी का टुकड़ा है
01:37ये मुहीम पाच दिन चली और 23-24 मई तक 500 में से करीब 300 से जादा धाचे जमी दोस
01:43कर दिये गए थे
01:44बीच में कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद यहां का माहौल गरमाया
01:4820 मई को एक मजजित का हिस्सा गिरा
01:51लोग भड़क उटे पत्थर चले लाठिया चली
01:54इसमें तीन पुलिस कर्मी घायल हुए और 19 गिरफतारिया भी हुई
01:57अब समझते है कि सरकार और रेलवे क्या कह रहा है
02:00रेलवे का कहना है ये कोट का आदेश है
02:032017 से कारवाई चल रही थी
02:05बॉंबी हाई कोट ने 29 अप्रेल 2026 को अनुमती दी
02:09और सुप्रीम कोट तक ये मसला गया
02:11लेकिन वहाँ पर भी सुप्रीम कोट ने स्टे देने से मना कि
02:15और आखिरकार फैसला आया
02:17रेलवे की जमीन है रेलवे के लिए होगी
02:20यहाँ पर छटी लाइन बननी है
02:22बांदरा टर्मिनस को एकस्पांड करना है
02:24मुंबई में दिन बदिन पॉफलिशन बढ़ती जा रही है
02:26और यहाँ की लोकल लाइन्स यहाँ की ट्रेन सर्विसिस
02:29इसके उपर भी इसका लोड भढ़ता जा रहा है
02:32मुंबई की लाइफलाइन को और बजबूत करने के लिए
02:34ये कदम ज़रूरी है
02:36इस तरीके के बाते रेलवे और सरकार की तरफ से कही जा रही है
02:39और ये भी कहा कि जिनके घर eligible है
02:42ये रेलवे ने कहा था कि जिनके घर eligible थे
02:44जो एक सर्वे किया गया था
02:45उसमें उन्हें बचाया गया
02:48हालाकि यही पर सबसे बड़ा ट्विस्ट
02:50हिंदुस्तान टाइम्स की इस रिपोर्ट के अनुसार
02:52रेल्वे ने वादा किया था कि उपर की मंजिल हाथ से तोड़ेंगे
02:56नीचे का पका घर सुरक्षित रहेगा
02:58लेकिन चौते दिन दो बुल्डोजर आए और उन्हीं 100 प्रोटेक्टेड घरों की
03:04जिनको सुप्रीम कोट ने या फिर कहे तो सुप कोट ने यह गैरंटीर किया था कि
03:09यह लीगल होम्स है यह लीगल घर है तो इनके उपर बुल्डोजर नहीं चलाए
03:13लेकिन उपरी मंजल तोडने लगे वो बुल्डोजर और धीरे धीरे वो मलवा गिरा
03:18नीचे के घरों पर भी उन घरों पर जिने कोट ने बचाया था देखते देखते
03:24उन में से पाच घर रहने लायक भी नहीं बचे एक माली की चीक सुनकर पास खड़े पुलिस वाले दोड़े
03:30रेलवे ओफिशल्स को बुलाया ओर्डर आया रोको लेकिन तब तक देर हो चुकी थी
03:36अब समझते है कि विपक्ष इस पूरे मसले में क्या कह रहा है
03:39कॉंग्रेस चिवसेना यूबीटे ने कहा कि ये गरीबों पर जुल्म है
03:42इत को बस कुछ दिन बाकी है और यही वक्त कैसे चुना गया इतनी बड़ी कारवाई के लिए
03:46मुंबई में मई की भेंकिर गर्मी के बीच धूप में बच्चे बुज़ुर्ग छट के बिना घूम रहे
03:53कानून अपनी जगह सही है भी या फिर हो भी सकता है
03:56लेकिन रेलवे की जमीन रेलवी की है ही इसके बारे में किसी कोई भी दोर है बिल्कुल नहीं है
04:02लेकिन कोट ने सालों से सोच समझ करिये फैसला भी दिया
04:07लेकिन कानून और इंसानियत दोनों एक साथ चल सकते हैं
04:10अगर 2017 में नोटिस दिया था तो 2026 तक रिहाबिल्टेशन क्यों नहीं हुआ
04:169 साल में आखिरकार क्या हुआ लोगों के लिए क्या किया गया
04:21बस एक केस चलता रहा और जब एक्शन का वक्त आया तो सिर्फ बुल्डोजर आया
04:25अब एक कंपैरेजन देखिये कि मुंबई में ही एक और बड़ा काम चल रहा है
04:29धारा भी रिडेवलोप्मेंट प्रोजेक्ट
04:31600 एकेड की जमीन है करीब 10 लाख लोगों को ट्रेट इमपैट करेगा
04:3595,000 करोड से भी बड़ी ये योजना है
04:39वहाँ पर क्या हो रहा है वहाँ पर सर्वेज हो रहे है
04:42डिजिटल मैपिंग हो रही है
04:43एलिजिबल लोगों को 500 से लगबग 800 स्क्वेर फिट के मकान भी मिलेंगे
04:48और की टू की रिहाब का वहाँ पर वादा किया गया है
04:52अब कंपेर करिए कि गरीब नगर में जो 500 घर थे
04:55वो बस 5 दिन में तोड़े गए और दूसरी तरफ इतना बड़ा प्रोजेक्ट
05:00जो महराष्ट सरकार जो महराष्ट की पुलिस और वहाँ के सारे लोग कर सकते है
05:04तो गरीब नगर के लिए कोई और जरिया या फिर कोई और मसला एक तरीके से देखते हुए
05:10एक वे क्यों ही निकाला गया
05:12तो आखिरकार सवाल यही है
05:14जब धारावी जैसी बड़ी जगए के लिए प्लान बन सकता है
05:17तो गरीब नगर जैसी छोटी जगए के लिए पहले से क्यों नहीं बन पाया
05:21लोकल पॉलिटिशन तन्वीर शेक का कहना है कि बेगर हुए कई लोगों के पास
05:262000 साल से पहले के भी डॉक्यमेंट्स है
05:29जिसकी वज़र से वो महराश्य सरकार की ऐसारे और कुछ लोग पियम आवास योजना के लिए भी एलिजिबल हो सकते
05:35है
05:35लिगालिटी और हुमानिटी के पेच में फसा ये पूरा मसला क्या बहतर तरीके से हैंडल क्या जा सकता था
05:41यही सवाल बेगर हुए गरीब नगर के लोग और वो लाखों लोग सोच रहे होंगे जो देश की कई सारी
05:48जुग्यों और कच्छे तूटे मकानों को अपना घर मानते हैं
05:52देखते रहे ये One India News Hindi और कई रिपोर्ट्स के लिए
Comments