00:09तमिलाट से दिल्ली तक एक चिठी ने राधनीती खलचल बढ़ा दी है।
00:30मामला खेती का है, मामला लाखों लोगों की जिन्दिगी से जुड़ा हुआ है।
01:00मेके दातू बांध प्रिस्ताव को तुरंत खारिज किया जाए।
01:03ये चिठी ऐसे वक्त आई है जब करनाटक सरकार रामनगर जिले के कनक कुरा छेतर के पास मेके दातू बांध
01:11परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है।
01:14सुत्रों के मताबिक मुख्यमंतरी विजय जल्द दिल्ली का दौरा भी कर सकते हैं और इस पूरे मुद्दे पर केंदर सरकार
01:22से सीधे बाचीट भी कर सकते हैं।
01:24इस पूरे विवात को समझने के लिए पहले कावेरी जल्विवात को समझना जरूरी है।
02:04तब ये विवात और जादा बढ़ जाता है।
02:24कहना है कि बढ़ती आबादी और भविश्य की जरूर्टों को देखते हुए अत्रिक्त जल्भंडारण की आउशकता है।
02:31लेकिन तमिलनाट की सोच इस से बिलकूल अलग है।
02:35तमिलनाट सरकार का कहना है कि मेके डाटो बांध सिर्फ एक विकास परियोजना नहीं है।
02:40बलकि ये नीचे के राज्यों के जराधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
02:44मुख्यमंत्री विजय ने परदान मंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि ये प्रस्ताव 2018 में सुप्रीम कोट के
02:51द्वारा लिये गे फैसले की भावना के खिलाफ।
03:22मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि कावेरी नदी के उपरी हिस्से वाले राज्यों को अपनी तरफ से कोई नया बड़ा बांध
03:28या जलाशे त्यार करने का अधिकार नहीं है।
03:31जब तक नीचे वाले राज्यों की सहमती ना ली जाए ये नहीं किया जा सकता।
03:35यहां नीचे वाले राज्यों में तमिलनाट के अलावा केरल और कुडुचेरी भी शामिल है।
03:40तमिलनाट सरकार को डर है कि अगर करनाटक में के दातू में नया बांध बनाता है तो नीचे आने वाले
03:46पानी की मात्रा प्रभावित हो सकती है।
03:49इसका सीधा असर खेती पर पड़ेगा।
03:51तमिलनाट के कई जिलों की किर्शी विवस्था कावेरी नदी के पानी पर निर्भर है।
03:56किसान लंबे वक्त से पानी की उपलब्धता को लेकर संगर्श करते रहे हैं।
04:01ऐसे में अगर जल प्रवाह कम होता है तो इसका असर लाखों परिवारों तक पहुँच सकता है।
04:07मुख्यमंतरी विजय ने अपने पत्र में ये भी लिखा कि कावेरी बेसिन पहले से ही जल संकट वाला छेतर माना
04:13जाता है।
04:14मुझूद जल संसाधनों का बड़ा हिस्सा पहले ही अलग-अलग राज्यों के बीच बाटा जा चुका है।
04:21कमिलनाट का तर्क है कि जब उपलब्ध पानी पहले ही तै हो चुका है तो अत्रिक्त भंडारण की नई परियोजनाएं
04:28भविश्य में और विवात पैदा कर सकती हैं।
04:31राजनीतिक नजरिये से भी ये मामला बेहत महत्पूर माना जा रहा है।
04:35मुख्यमंतरी जोसेफ विजय अभी अपने शुरुवाती कारकाल में हैं लेकिन जिस तरह से उन्होंने इस मुद्दे पर केंदर सरकार को
04:42सीधे पत्र लिखा है उसे एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
04:48राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अंतराजे विवादों में मुख्यमंतरी विजय की ये सक्रियता उन्हें राज के हितों के लिए खुल
04:56कर खड़े होने वाले नेता की च्छवी दे सकती हैं।
05:18अवेरी विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक प्रयास भी माना जाएगा।
05:52इसे मामलों में केंदर सरकार का हर कदम राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरीयों से महत्मूर बन जाता है।
06:02क्या परधान मंतरी मोधी तमिलनाड की चिंता को प्रात्मिक्ता देंगे।
06:06क्या करनाटक की परियोजना आगे बढ़ेगी। क्या दोनों राज्यों के बीच कोई नया समाधान निकलेगा।
06:12या फिर ये विवाद एक बार फिर अदालत और राधनीति के लंबे रास्तों पर जाएगा।
06:18फिलहाल इतना साफ है कि मुख्यमंतरी विजय ने दिल्ली दोरे से पहले बड़ा संदेश दे दिया है।
06:24पानी पर समझोता नहीं होगा, अधिकारों पर समझोता नहीं होगा और अगर जरूरत पड़ी तो तमिल नाड अपनी बात हर
06:31मंच पर मजबूती से रखेगा।
06:33क्योंकि ये सिर्फ एक बांध की कहानी नहीं है, ये उस नदी की कहानी है जिस पर करोणों लोगों की
06:39उम्मीड टिकी हुई है, ये उन किसानों की भी कहानी है जिनकी फसल पानी से चलती है, ये उन परिवारों
06:45की भी कहानी है जिनका भविश पानी के हर फैसले से जुड़ा
06:49हुआ है और यही वज़ा है कि में के दातु विवाद अब सिर्फ एक परियोजिना का मामला नहीं रहा बलकि
06:55दक्षुड भारत की राधनीती और लोगों के जीवन से जुड़ा मुद्दा बन चुका है
07:00इस वीडियो में बस इतना ही मेरा नाम वाइभो है आप देखते रहिए वन इंडिया
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