00:00कोविट की दिनों की वो तस्वीरें शायद ही कोई भूल पाया होगा
00:03एरपोर्ट पर लंबी लाइने, थर्मल स्कैनिंग, हेल्थ फॉर्म, मास्क पहने लोग और हर फ्लाइट के साथ एक डर
00:10कहीं कोई संक्रमित यातरी देश में वाइरस ना ले आए
00:13अब एक बार फिर भारत के एरपोर्ट पर वैसी ही सतर्कता लोटी दिखाई दे रही है
00:18पर सर्फ इतना है कि इस बार चिंता कोरोना का नहीं बल्की इबोला वाइरस की है
00:24सरकार ने अफ्रीका के इबोला प्रभावित इलाकों से आने वाले यातरियों के लिए सक्त प्रोटोकोल लागू कर दिये है
00:30एरलाइन्स को नरदेश दिये गए हैं कि हर यातरी से से सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाया जाए
00:35थर्मल स्क्रीनिंग की जाए और अगर किसी में भी लक्षन दिखे तो उसे तुरंत अलग किया जाए
00:43भारत सिरकार अब इबोला को लेकर पूरी तरह अलर्ट बोड पर आ गई है
00:46अफ्रीका के इबोला होट स्पोर्ट देशों से आने वाले यातरियों के लिए भारत ने कोविट जैसे कई सक्त प्रोटोकोल फिर
00:53से लागू कर दिये
01:05अब समझते हैं कि आखिर सरकार इतनी चिंतित क्यों है
01:08इबोला कोई सामान या वाइरल बिमारी नहीं है
01:12ये दुनिया की सबसे खतरनाक और सबसे ज्यादा मौते देने वाली बिमारियों में गिनी जाती है
01:17कुछ मामलों में इसके मृत्यूदर 50-90% तक दर्ज की गई है
01:22यानि अगर समय पर इलाज और आइसुलेशन ना मिले तो हालात बेहत खतरनाक हो सकते हैं
01:28इस बिमारी की शुरुआत आम वाइरल फीवर जैसी ही लगती है जिसमें बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, मांसपेशों में दर्द, गले में
01:35खराश
01:35लेकिन धीरे-धीरे शरीर जवाब देने लगता है
01:38उल्टियां शुरू हो जाती हैं, दस्त शुरू हो जाते हैं, शरीर पर चक्ते शुरू हो जाते हैं
01:43और कई मामलों में अंदुरूर्नी और बाहरी ब्लीजिंग तक शुरू हो जाती है
01:46यही वज़ा है कि दुनिया भर की स्वास्त एजिंसियां इबोला को लेकर हमेशा हाई अलर्ट पर रहती है
01:52अब सवाल यह है कि भारत अचानक इतना सतर के क्यों हो गया
01:56दरसल अफरीका के कुछ हसों में इबोला संक्रमन को लेकर चिंता बेहत बढ़ी हुई है
02:01और क्योंकि दुनिया आज पहले से कहीं ज्यादा जुड़ी हुई है इसलिए कोई भी वाइरस सीमाओं में कैद नहीं रह
02:07सकता
02:07एक संक्रमन तेयातरी हजारों किलोमेटर दूर दूसरे देश तक संक्रमन पहुंचा सकता है
02:13कोविट ने दुनिया को यही सबसे बड़ा सबक दिया था
02:16शायद इसी वजह से भारत सरकार इस बाश्रुवात में ही सकत कदम उठाना चाहती है
02:21ताकि हालात बिगरने से पहले कंट्रोल किये जा सके
02:25अब ऐरलाइन्स को साफ निर्देश दिये गए हैं कि अफरीका के इबोला प्रभावित शेत्रों से आने वाले हर यातरी को
02:31भारत पहुँचने से पहले
02:33सेल्फ डिक रिलेशन फॉर्म यानि की SDF भरना होगा और ये वही प्रक्रिया है जो कोविट के दौरान भी लागू
02:39की गई थी
02:39इस फॉर्म में यातरियों को अपनी यातरा की जानकारी देनी होगी वे किस देश से आए हैं ये बताना होगा
02:45किन जगहों पर गए
02:46क्या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए और क्या उन में किसी तरह के लक्षन मौजूद है लेकिन फॉर्म
02:52सिर्फ भरना ही काफी नहीं होगा अब एरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग भी अनिवार्य की जा रही है यानि अगर किसी
02:59यातरी को बुखार या संदिक द
03:14बठाया जाएगा तकि बाकी यातरियों का एक्स्पोजर कम हो साथी जो सीट पर संदिक दियातरी बैठा होगा उसके आगे पीछे
03:21की तीन लाइने जहां तक संभव हो खाली रखनी होगी यानि कोविट के तोरान जो प्रोटोकोल लोग भूल चुके थे
03:27वो एक बार फिर व
03:43मामला मिलता है तो एरलाइन को तुरंत एयर ट्राफिक कंट्रोल यानि की एजी सी को जानकारी देनी होगी इसके बाद
03:49विमान को सामाने पार्किंग एरिया में नहीं बलकि अलग बे यानि की आईसोलेटेड जोन में ले जाया जाएगा यातरियों को
03:56उतारने का तरीका भी �
03:57पूरी तरह से बदल दिया गया है सबसे पहले वह आती उतरेंगे जिन में कोई लक्षन नहीं है पिर जिन
04:03लोगों पर संक्रमन का शक होगा उन्हें सबसे आखिर में बाहत निकाला जाएगा और सीधे मेडिकल टीमों के हवाले कर
04:09दिया जाएगा सरकार की एडवाईजरी मे
04:26और एरपोर्ट हेल्थ यूनिट को इसकी जानकारी देनी होगी क्योंकि इबोला में सबसे बड़ी चीज होती है शुरुआती पहचान अगर
04:33संक्रमन समय रहते पकड़ में आ जाए तो उसके फैलाव को रोका जा सकता है लेकिन अगर एक संक्रमित व्यक्ति
04:39बेन जाज के भ
04:54पढ़ने के लिए तयार है क्योंकि कोविट के दौरान देश ने हेल्थ सिस्टम पर भारी दबाब देखा था औक्सीजन की
05:00कमी देखी अस्पतालों में बेट की कमी देखी मेडिकल स्थाप पर काफी दबाब बढ़ा इन सबने सरकारों को यह समझा
05:08दिया कि महामारी सिर्फ
05:09स्वास संकट नहीं होती बलकि प्रिशासनिक और आर्थिक संकट भी बन जाती है इसलिए इस बार शुरुवात से ही निग्रानी
05:16बढ़ाई जा रही है सूत्रों के मुंताबिक एरपोर्ट हेल्थ और्गनाईजेशन राज्यों के स्वास्वभाग और केंद्री एजिंसियो
05:22के बीच लगता समन्वे किया जा रहा है संभावित मामलों की पहचान आइसोलेशन और कॉंट्रेक्ट ट्रेसिंग पर फोकस बढ़ाया गया
05:31है लेकिन यहां एक और बात समझना जरूरी है इबोला कोरोना की तरह हवा में बहुत तेजी से फैलने वाला
05:36वायरस नहीं माना ज
05:48सकेगा लेकिन समस्या तब होती है जब शुरूरात इलक्षनों को नजर अंदाज कर दिया जाए क्योंकि शुरूरात में यह समाने
05:54वायरल बुखा जैसा लगता है और यही इसे खतरनाक बनाता है सरकार ने यात्रियों को यह भी नर्देश दिया है
06:01कि अगर भारत आने वाल
06:16यह निवक्ति शुरूरात में विलकुल सामाने दिख सकता है लेकिन बाद में विमारी के लक्षन सामने आ सकते हैं यही
06:23वजह है कि निगरानी सर्फ एरपोर्ट तक समित नहीं रखी जा रही है बलकि यात्रियों को बाद के दिनों में
06:28भी सतरक रहने के लिए कहा गया है अ�
06:44भारत भी अब उसी मॉडल पर काम करता दिख रहा है हलाकि फिलहाल भारत में गोला का कोई बड़ा मामला
06:49सामने नहीं आया है लेकिन सरकार शायद कोई जैसी गलती दोहराना नहीं चाहती है जब शिरुवाती चरण में दुनिया ने
06:56खत्रे को हलकी मिलिया था और सच यही है
06:58कि आज की दुनिया में कोई भी बिमारी सर्फ एक देश तक सिमित नहीं रहती एक फ्लाइट एक संक्रम में
07:05तयातरी और कुछी घंटों में वाइरस दूसरे महादवीब तक पहुँच सकता है इसलिए एरपोर्ट पर अब सर्फ यात्रा के केंदर
07:11नहीं रहेंगे बलकि स्�
07:27कि भारत दज़ार नहीं करना चाहता बलकि पहले से तैयार रहना चाहता है इस खबर में इतना ही लेकिन यह
07:34वीडियो जधा से ज़यादा लोगों तक शेयर करें जो भी ट्रैवल कर रहे हैं उन तक यह वीडियो ज़रूर पहुँचाएं
07:39खुद का ध्यान रखें और आस पा
07:54अब्सक्राइब आपना अजाएब
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