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Delhi Sanjay Lake Dried: क्यों सूखी दिल्ली की ऐतिहासिक संजय झील, DDA और DJB की लापरवाही से क्यों मरीं मछलियाँ? भीषण गर्मी और दिल्ली के प्रशासनिक महकमों की भयंकर लापरवाही ने पूर्वी दिल्ली के सबसे खूबसूरत वेटलैंड को एक कब्रिस्तान में तब्दील कर दिया है।
दिल्ली के इस गंभीर सिस्टम फेल्योर और प्रशासनिक अनदेखी पर देखिए वनइंडिया हिंदी की यह विशेष और कड़क ग्राउंड रिपोर्ट।

An ecological disaster has unfolded at East Delhi’s historic Sanjay Lake, where hundreds of fish have died due to a critical drop in water levels and oxygen depletion amid an intense heatwave. The 52-acre artificial wetland, managed by the Delhi Development Authority (DDA), dried up entirely in several stretches after the pipeline transporting treated water from the nearby Kondli Sewage Treatment Plant (STP) suffered a massive leakage. Local residents and environmentalists have blamed bureaucratic negligence and a severe lack of coordination between the DDA and the Delhi Jal Board (DJB) for failing to identify and repair the faulty infrastructure for months, leaving the local ecosystem completely devastated.

#SanjayLakeDried #DelhiWaterCrisis2026 #DDALaprawahi #DelhiJalBoard #FishDieSanjayLake

~HT.178~PR.548~PR.514~VG.HM~

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Transcript
00:03हम एक जील में खड़ें अब जील में है तो हमारे पैरों में थुड़ा पानी होना चाहिए कहीं पानी दिखाई
00:10देना चाहिए लेकिन आपको यहां कहीं पानी नहीं दिखाई देगा यह है दिल्ली की संजय जील मयू बयार में है
00:17दो कोजे गाय बड़ी उससे देख रही है कि
00:23अब देखिए इतनी बड़ी जील और इस पाइप में बंथर्ड पानी ये काम पहले जाता अब तक ये नुमत मिया
00:31जितनी मच्छी है मर चुकी है अब ये कांड में होता है
00:34ये पानी की थोड़ी सी बूने आपको कहीं दिखाई दे जाएंगी थोड़ी सी ये जगए और आपको दिखाई दे जाएंगे
00:41गिद जील में जो कुछ पानी बचा भी है वो आप यहां देख पा रहे हैं थोड़ा सा पानी आप
00:46देखेंगे ये बुलबुले टाइप के उठ �
00:48हैं ये कैमिकल है हम एक जील में खड़ें अब जील में है तो हमारे पैरों में थोड़ा पानी होना
00:56चाहिए कहीं पानी दिखाई देना चाहिए लेकिन आपको यहां कहीं पानी नहीं दिखाई देगा यह दिल्ली की संजय जील मैंवी
01:05ब्यार में है मैं अपने कैमरा में साथ
01:09जमीन दिखा दे किस तरह फट गई है यह जमीन है और यह मैं आपको उता हूं होगा क्या है
01:17कि दिल्ली में समय 45 डिग्री तापमान है लगभग लगभग 42 से 45 रहता है वो तो बज़ा है ही
01:24है कि पानी की समस्य आता है लेकिन जील को सिर्फ यह तापमान नहीं इसी समय तो जर�
01:34रख से बड़ी बात यह हुई है कि इसका जो इसमें इतने जादा कैमिकल और तमाम चीज आई कि जील
01:39का जो मूल स्रोथ था एक जील कहल जील का श्रोथ होता है वह श्रोथ इसका खत्म हो गया धीरे
01:45धीरे फिर इसको जो कॉंडली है यहां पर कॉंडली बराई बहां से इसम
01:53मरमत नहीं हुई तो बहां से पानी इसमें आ नहीं सका और नतीज़ घर आई ये कैमरा साथी हमारे ऑनिल
02:00से धिखाई येगी जगये और आपको दिखाई दे
02:15करके गिद वह गिद्ध जो है वह इस गंदे बहुत ज्यादा गंदा ये पानी हो गया तो इसमें वह गिद्ध
02:22उन
02:23मचलीयों को उठाके ले जा रहें बोगों देखियों उड़ रहे सामने कुछ पास में नहीं जा सकते थोड़ा
02:29आकरामक हो जाते हैं कबूत्रों के पार आप गिद्द को देख सकते हैं तो वो इसमें मरी मुश्रीयों को ले
02:36जा रहा है गिद्द मरे जीप को कहा देखाता है तो वो है और पानी की हालत यह बेहत गंदा
02:43थोड़ा सा जगह में है जो मैंने आपको दिखाया देखिए यह बह�
02:59इसमें हुआ क्या इसमें जो डीडीए है ओर डी अलवी अब आपको क्या है दिली डीडी है ठीक है और
03:09डील्वी मतलब दिल्ली जल्वोड इनके बीच में अपसरसाहि वाली ख़िश्तान चली किसी उन्हों ने कहा कि मेंटिनेंस की जिम्मादारी दिल्ली
03:19जडवोड की है उ
03:24नतीजा ये कि कई महीनों तक इसमें इसके बारें फैसला नहीं हो आखिर जील में कॉंडली से पानी आता वहां
03:32सब विवस्था उसे सही करेगा कौन वह नहीं हुई और नतीजा ये कि जो यहां के जलजीव हैं वो खतम
03:40हो गए
03:42थोड़ा सा पानी आप यहां देख सकते हैं मामूली सा बाकी इदर दिखाएंगे तो पूरा आपको गायबाय मेराल दिख रही
03:48है इस तरफ देखिएगा बहुत दूर दिखाईए कि बहां कहीं पानी नहीं है सामने मैट्रो लाइन जा रही है इदर
03:57दिखाईए ये दिखाई�
04:01जमीन अब सफाई के लिए कुछ वो दूर थोड़ा सा हल्ला कटा है इस्थान ये लोगों द्वारा तो कुछ जेसी
04:12भी मसीन आई है देखते हैं क्या होता है उसमें जील में जो कुछ पानी बचा भी है वो आप
04:20यहां देख पा रहे हैं थोड़ा सा पानी आप देखेंगे �
04:22ये बुलबुले टाइप के उठ रहे हैं ये कैमिकल है तो इस्तिती ये है कि जील संजा जील जो दिल्ली
04:30की बहुत महत्पूर जील में सेख है वो इस समय सूख गई है और तमाम पक्षू पक्षी और वो भी
04:39बेहाल है देखते हैं कुछ और लोगों से मालुम करने की कोशिस
04:43सब्सक्राइब कि पानी कब तक और आएगा और अभी कितना पानी इसमें चोड़ा जा रहा है यह समझने की कोशिस
04:50करते है तो यहां पर पानी आता है जो वह आता है कहां से बता रहे हैं दलूपूरा से कॉंडली
04:58बोलते हैं
05:02क्या दिक्कत है अभी लेंड टुड़की ती लेकिन लेंड सही हुई अब द्वारा पानी आना चालो हो गया है कितना
05:09समय लेगा इसे भरने में पांचे मैने तो लग जाएंगा गर्मी निकल जाएगी तरह पहले भी छे साथ मनें पानी
05:17बंदर आया है तो चक्र में सारी मच्�
05:24क्षार में पानी बना रखी किनार मैं नाली नाट लगा हूँ प्लाय सही पानी आ रहा है अब को सुधर
05:48गया है प्लाट नहीं अभी अभी तो तो फ्ढ़ वसकाप चल रहा है लिगने चल रहा है
05:54लेकिन जिस तरह आप बता रहा हो कर पांच महीने से भरने में लगेंगे तो जो गर्मी जिसमें प्यास लगती
06:01है ना तो पक्षियों को मिलेगा ना जो पसु गाये चरती इनको मिलेगा अब तो मत्टी मत्टी सारा पानी पीएगी
06:07जो फट गई यह फट गई यह फट गई प�
06:24इसे पहले नहीं हो पाया है अगर यह बहुता है है तो में फिक जील के अंधर ही चला गया
06:41इतनी गर्मी थी मेरे जूतों से अंधर गर्मी है लेगे नहीं चल पार
06:51कि बना चान पानी पिछली साल पाने मर चुबी मर वी चुकी है यहां पर अब यह गंदे पानी इसे
07:03गाइव भी बिमार उसके लिए तो भी घुजे आरहे हैं
07:07क्या पानी पानी पानी पानी भर रहा हुआ है बहार ही जरा सा बीच में एक दो दाख से दौर
07:21इतना पानी उसमें और वागे पढ़ने पानी अब चाहरा कौन बर रहा है अब जो यह काम पहले जाता अब
07:31तक यह नूमत नहीं आती है
07:32जितनी मच्छी मर चुकी है अब यह इतना काणनी होता है अच्छा मैं जैसे हम लोग आप भी गाउं में
07:40रहने वाले हो कि मैं भी गाउं से कभी आता हूं तो हमारे गाउं में कवता होती है अब पस्ताय
07:45होत गया जब चडियां चुंग गई के
07:50सब्सक्राइब करना चैनल कि अगर समय पानी होता अब यह थोड़ी कहा बतै कि जसना चीओं को पानी जरूर्वत है
07:58जरूम
08:30पानी मिलेगा नहीं मिलेगा नहीं मिलेगा
08:45देखो अनिल जे हैं वई गव माता पीलो पीलो जाओ कोई नहीं भगा रहा है अरे इधर इस एक नाले
08:59में पानी आ गया
09:10आए एक नाले से थोड़ा थोड़ा पानी आया है और यह गाय सायद उसी को जाने के रास्ता देख रही
09:17है अब यह एक नाएक एक एक एक जो है पाइप खुला हुआ है अब मैं दिखाना चाहूंगा इतना बड़ा
09:24जील और एक पाइप खुला है वो भी अब
09:28जब लगबग गर्मी जो है निकल गई है यह देखिए और देखिए इतनी बड़ी जील और इस पाइप में बंथर्ड
09:44पानी यह देखिए त्यहाई त्यारा पानी तो ठीक है लेकिन यह लगबग त्यहाई पाइप पानी आ रहा है
09:53कि आगई गाय भी आगई और यह पानी कि देख रही है तो यह जानवरों के लिए तो यह यह
10:07आशा लेकिन फिलाल कि मैं संजज हील पे हूं थोड़ी सी आशा है यह तिहाई पाइप एक पाइप चारों तरप
10:19इसमें सैकड़ों पाइप लगे हुए हैं
10:22जो इस जील को भरे हैं लेकिन जब मैंने ढूड़ा तो वो सब पाइप बंध हैं कि एक पाइप पॉंड़ी
10:31से खुल पाया मरमत के बाद में तो इससे पानी आ रहा है और जैसा भी यहां पर गाड़ साब
10:36ने बताया
10:39कि मचलिया मर गई और यह इस हिसाब से जो पानी आ रहा है इससे कई महीने लग जाएंगे इसको
10:47भरने में तो सीधी सी बात है
10:52कि बाकी उतर दिखाई है अनिल जी सब सूखा है तो जब गर्मी की में सबसे जादा पानी की जरूएथ
11:00है तब यह जीन क्योंकि अभी पानी जा रहा है अंदर गंदे पानी मिला है अलांकि वह कुछ आप जैसी
11:07भी देख रहे हैं कुछ गंद की हटाने कोशिस कर रही है ले
11:21तो ये बात होती है अब देखिए कि जिस समय सबसे ज्यादा जरूएत है उस समय में नहीं है और
11:28कौन दर मेंगे Одनले तो अफसर पहले क्यों नहीं जागते हैं जब जागने का समय होता है तब क्यों नहीं
11:37जागते आपको यह सञा जील के हालात कैसे लगे आइग मचलीं मर �
11:43और तमाम चीजे हो गई वह आपको कि आपकी क्या टिपड़ी है और जो बहुत लेट अब एक एक पाइप
11:50खोला गया है मरम्मत हुई है तब इस्थानिये लोगों ने थोड़ा सा नाराजगी की सोसल मीडिया पे तब बनना ये
11:58पूरी जील जरा दिखाईएगा संजय क्या हला
12:13करें उनके लड़ने से कोई फाइदा नहीं काम नहीं होता है काम करें हाल निकाले समन्वा बिठाएं ताकि जन जीवन
12:23पक्षियों का पस्वों का और मनुष्टियों का जो यहां पर साम को बैठ के खुछानन ले सकते ते वो बेतर
12:28हो सकता अब यह पानी भरेगा लेकिन गर
12:43मिसन अफदे़ डाइद अजैन आड़नों अवन देभन टीव झाल्या था-बिठाइबस यह जड़नों का तूर्टियों का लाद प्या है कि
12:51विग इन कौकी को अटाले सकते विद्दियों का लीक्फियों का लेकिन का लुए खईवार के लीवन देवार दीवार भेवार छ
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