00:00अचानक प्रेसिदेंट ट्रॉम को क्या हुआ?
00:39जो ट्रॉम कुछ महीने पहले भारत पर टरिफ बढ़ा रहे थे रूस से तेल खरीद पर सवाल उठा रहे थे
00:46वहीं डॉनल्ड ट्रॉम आज पीए मोदी को महान करीमी दोस्त और खुद को उनका सबसे बड़ा फैन बता रहे हैं
00:53और सिर्फ इतना ही नहीं ट्रॉम अब खुले मंच से कह रहे हैं कि भारत अमेरिका पर सो प्रतिशत भरोसा
01:00कर सकता है
01:01अब सवाल उठने तो लाजमी है तो क्या ये सिर्फ कूटनीतिक शिष्टा चार है या इसके पीछे कोई बहुत बड़ा
01:07वैश्विक खेल चल रहा है
01:23दबा बना रहा था भारतिय उत्पादों पर टेरी बढ़ाये जा रहे थे रूज से सस्ता तेल खरीदनी को लेकर तंज
01:29कसे जा रहे थे लेकिन अब अचानक ट्रॉम्प का लहजा बदल गया
01:33अब वही ट्रॉम्प कह रहे हैं कि अगर भारत को कभी मदद चाहिए तो उन्हें पता है कि कहां कॉल
01:39करना है
01:39तो क्या ट्रॉम्प भारत को सिर्फ एक दोस्त नहीं बलकि एक जरूरी रणितिक सहारे की तरह देख रहे हैं
01:45क्या इरान और मिडिल इस में अमेरिका को उमीद के मताबिक सफलता नहीं मिली और अब दुनिया को ये दिखाने
01:50की कोशिश हो रही है कि अमेरिका अकेला नहीं है भारत उसके साथ खड़ा है
01:53तो चलिए आज समझेंगे कि आखे ट्रम्प अचानक मोदी की इतनी तारीफ क्यों कर रहे हैं और इसके पीछे क्या
02:00राजनीती है और भारत के लिए इसका असली मतलब क्या निकलता है
02:04नमस्कार मैं हुरिचा पर आशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
02:13दरसल पूरा मामला शुरू हुआ अमेरिका के 250 स्वतंदरता देवस समारों से दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजीत कारेक्रम में
02:22अमेरिकी राष्टपदी डॉनल्ड ट्रम्प ने फोन के जरीए लोगों को संबोधित किया और यहीं उन्होंने पीए मोदी को लेकर एसे
02:29�
02:29बयान दिये जिसने पूरी दुनिया का ध्यान कीच लिया ट्रम्प ने कहा मुझे भारत से प्यार है मुझे प्रधान मंत्री
02:35मोदी से प्यार है मोदी महान है वो मेरे दोस्त है मैं उनका बहुत बड़ा फैन है अब राजुनीती में
02:42तारीफ हैं कोई नई बात तो नहीं है �
02:44लेकिन टाइमिंग बहुत माइन रखती है और ट्रम्प की ये तारीफ ऐसे समय में आई है जब अमेरिका कई मोर्चों
02:50पार दबाब में दिखाई दे रहा है मिडिलिस्ट में इरान का मुद्धा अभी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है
02:56स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूस पर तना
03:14प्रश्विक बाजार पर अब इसका असर दिखने लगा है ऐसे समय में अमेरिका को इंडो पैसिफिक शेत्र में मजबूत सहयोग्यों
03:21की जरूरत और ज्यादा मैसूस हो रही है और यहां भारत सबसे एहम खिलाडी बनकर सामने आता है भारत सर्फ
03:27एक बड़ा बाजार नही
03:41हैं कि भारत और अमेरिका पहले से ज्यादा करीब हैं ध्यान दीजिएगा ट्रंप ने सिर्फ दोस्ती की बात नहीं की
03:48है उन्होंने कहा है कि भारत अमेरिका पर सोब प्रतिशत भरोसा कर सकता है कूटनीती की भाशा में यह बहुत
03:54बड़ा बयान माना जाता है क्योंकि अमे
04:11क्योंकि इसी समय भारत और अमेरिका के बीच विया बार समझावते को लेकर बाचीत चल रही है मारको रूबियो पहले
04:18ही संकेत दे चुके हैं कि दोनों देशों के भी जल्द ही बड़ी ट्रेड डील हो सकती है अमेरिका हाल
04:24के महीनों में कई भारतिये प्रड़क्स पर टैर
04:39भी माना जाता है पहले दबाब बनाओ फिर बाचीत करो फिर डील को अपनी जीत की तरह पेश कर दो
04:45लेकिन यहां भारत की स्तिती अलग है भारत ने रूस से तेल खरीदना कभी बंद ही नहीं किया और यह
04:52यूएस के लिए एक जटका था जो कि यूएस को पता था कि ऐसा हो
05:09अरिका को अब एसास हो गया है कि एशिया में चीन को बैलेंस करना भारत के बिना तो मुश्किल नहीं
05:15है क्वाड हो इंडो-पैसिफिक हो यह टेकनोलोजी सप्लाइचेन हर जगे भारत एहम पूम का निभा रहा है और शायद
05:22यही वजह है कि ट्रॉम्प अब पीए मोदी के
05:25साथ अपने रिष्टे को खुल कर दिखाना चाहते हैं वैसे यह पहली बार तो नहीं है जब ट्रॉम्प ने मोदी
05:30की तारीफ की 2019 में हुस्टन के हाउडी मोदी कारेकरम में ट्रॉम्प ने मोदी को भारत के सबसे सम्मानित नेताओं
05:37में से एक बताया था 2020 में नमस्ते ट्र
05:55यूक्रेन युद हुआ, इरान पर संकट है, चीन, अमेरिका टकराव और वैश्वी कार्थिक दबाब के बीच अमेरिका को भरोसे मंद
06:02साजिदार चाहिए और भारत आज सर्फ छेत्रिय ताकत नहीं बलकि एक क्लोबल पावर के रूप में देखा जा रहा है
06:08यही वज़ा है कि ट्रम्प बार-बार मोदी का नाम लेकर संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका और भारत साथ
06:15हैं
06:16दिल्चस बात ये भी है कि पुछले दो सालों में मोदी और ट्रम्प के बीच 11 बार फोन पर बाचीत
06:23हुई है
06:23इन बाचीतों में वियपार, रक्षा, आतंकवाद, इंडो-पैसिफिक, इरान और उज़ा सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं
06:32पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी ट्रम्प ने मोदी को फून किया था
06:35ऑपरिशन सिंदूर के दोरान भी दोनों नेताओं ने लंबी बाचीत की और मुझसंकट पर भी चर्चा हुई
06:41यानि ये रिष्टा सिर्फ फोटो आप तक समित नहीं है
06:46इसका पीछे रणितिक हित भी है
06:48लेकिन यहाँ एक और सवाल उठता है
06:50कि अमेरिका भारत को बराबरी का साचिदार मानता है
06:54या सिर्फ चीन के खिलाप एक मजबूत संतुलन के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है
06:58क्योंकि अमेरिका की रणिती ऐसी रही
07:00अपने फाइदे के लिए वो किसी को भी तवज्जो देने लग जाता है
07:03क्योंकि इतिहास गवा है
07:05कि अमेरिका अपने ही तो के हिसाब से रिष्टो का स्वर बदलता रहा है
07:09आज दोस्ते के बात हो रही है कल चैरित की धमकी भी आ सकती
07:13आज भरोसे की बात हो रही है कल रूस पर या फिर इरान पर दबाब भी बनाया जा सकता है
07:18इसलिए भारत के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि वो दोस्ती भी रखे लेकिन अपनी रणितिक स्वतंत्रता भी बनाए
07:25रखे
07:26और फिलहाल ऐसा लगता है कि मोदी सरकार इसी संतुलन की राजनीती को खेल रही है
07:31एक तरफ अमेरिका से करीबी बढ़ा रही है तो दूसरी तरफ रूस रिष्टे भी कायम है
07:36इरान से भी समवाद जारी है और भारत खुद को एक स्वतंत्र वैश्विक शक्ती के रुप में पेश कर रहा
07:42है
07:42तो ट्रम्प की ये तारीफ सर्फ तारीफ नहीं है ये बदलती वैश्विक राजनीती का संकेत भी है
07:48ये उस दुनिया की तस्वीर है जहां अमेरिका को भी अब भारत की जरूरत महसूस हो रही है
07:53और शायद यही वज़ा है कि ट्रम्प आज खुले मंच से कह रहे हैं कि भारत अमेरिका पर 100%
07:59भरोसा कर सकता है
08:01आज की दुनिया में रिष्टे सर्फ दोस्ती से नहीं बलकि जरूरत और रणीती सतय होते हैं
08:07कभी भारत पर ट्यारीफ और दबाब की बात करने वाले ट्रम्प अब पीए मोदी को महान दोस्त बता रहे हैं
08:13सवाल तो ही है क्या यह सर्फ तारीफ है या इसके पीछे मेडिलिस्ट संकट इरान तनाव वैश्विक ताकत की नई
08:20मजबूरी छिपी है
08:21क्योंकि जब दुनिया अस्थिर होती है तब अमेरिका भी ऐसे भरोसे मंद साज़िदार की तलाश करता है जिस पर दुनिया
08:28भरोसा करे और शायद यही वचा है कि आज वशिंग्टन से बार-बार दिल्ली की तरफ दोस्ती का संदेश भेजा
08:36जा रहा है
08:36इस खबर में तो इतना ही लेकिन वैश्वीक राजुनीती के पावर सेंटर से प्रिधार मंत्री मोधी और भारत की तारिफ
08:44अपने आप में बहुत बड़ी वैश्वीक हल चल बन चुकी है
08:47इस मुद्धे पर आप क्या सोचते हैं कॉमेंट में जरूर बताएं और देश-दुनिया की बागी खबरों के लिए देख
08:53रहें One India हिंदी
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