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TMC Crisis: Kakoli Ghosh Dastidar के इस्तीफे से बंगाल में सियासी भूचाल, क्यों मिली केंद्र से 'Y' सुरक्षा? पश्चिम बंगाल की सत्ता से बाहर होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी असंतोष का एक बहुत बड़ा सार्वजनिक विस्फोट हो गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी के भीतर 'अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) बनाम पुराने वफादार' गुट की लड़ाई अब चरम पर पहुंच चुकी है।

About the Story
In a major political development in West Bengal, veteran TMC MP Dr. Kakoli Ghosh Dastidar resigned from her post as the Barasat District President, escalating the internal crisis within Mamata Banerjee's party following their assembly poll defeat.

#KakoliGhoshDastidar #TMCCrisis2026 #MamataBanerjee #BengalPoliticsNews

~PR.514~HT.408~ED.106~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:03मुझे लगता है कि यह जो सहस्ता काम किया और आगे जैसा हमें गाली दिया है जैसे चोटे-चोटे बच्चे
00:10हमाने उपर दवार डाला यह काम करने का तरीका नहीं है
00:16पशिम बंगाल की राजनीती में इस वक्त भूचाल मचा हुआ है सवाल उच रहे हैं कि आखिर त्रिर्मुल कॉंग्रिस के
00:22अंदर चल क्या रहा है
00:24एक तरफ सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी लगतार दबाब में है तो दूसरी तरफ पार्टी के पुराने और
00:29भारोसे मंद चेहरे भी धीरे-धीरे किनारा करते दिखाई दे रहे हैं
00:52पशिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सही त्रिमुल कॉंग्रिस के अंदर बेचैनी स्साफ दिखाई दे रही थी
00:58लेकिन अब जो हो रहा है वो सिर्फ नाराजगी नहीं
01:01बलकि पार्टी के अंदर गहराते अविश्वास और तूपते संतुलन की कहानी बनता जा रहा है
01:07क्योंकि काकोली घोष दस्तिदार कोई साधारन नेता नहीं है वो उन चेहरों में शामिल रही है जोने ममता बैनर जी
01:13का बेहद करीबी माना जाता था
01:16बारासाथ से कई बार सांसद रही पार्टी की कठिन दौर में भी ममता के साथ खड़ी रही और लोगसभा में
01:23पार्टी की प्रमुख रणितिक टीम का हिस्सा माननी जा दी थी
01:26लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि वही काकोली अब खुल कर स्तीफा दे रही
01:31आखिर ये सर्फ एक पद छोड़ने का मामला है या फिर टीमसी के अंदर किसी बड़े राजमितिक भूचाल की शुरुआत
01:37हो चुपी
01:37चले पूरा घटना क्रम समझते हैं पहले
01:40हाली में ट्रिमुल कॉंगरस ने लोगसभा में अपनी संगत नात्मक धांचे में बदलाव किया था
01:44काकोली घोष दस्तिदार को चीफ वीब के पद से हटा दिया गया था और ये जिन्मदारी फर से कल्यान बैनर
01:51जी को सौप दूए
01:52यही से पार्टी के अंदर असंतोष की चर्चा शुरू हो गए क्योंकि काकोली को हटाना सिर्फ एक प्रिशासनिक फैसला नहीं
01:59माना गया बल्कि से पार्टी ने त्रित्व की प्रात्मक धताओं में बदलाव के तौर पर देखा गया
02:03राजनितिक जानकारों का कहना है कि लोक सभाचुनाओ और फिर्विधान सभाचुनाओ में हार के बाद ट्वियमसी के अंदर जवाब देही
02:10को लेकर संगर्च शुरू हो चुका है
02:12कौन जिम्मेदार था, किसने गलत रणीती बनाई, कौन नेता जंता से कट गया और किसने संगठन को कमजोर किया
02:19इन सवालों के बीच पुराने नेताओं और नए पावर सेंटर की बीच टकराओ बढ़ता गया
02:25फिर अचानक केंद सरकार की तरफ से काकोली घोष दस्तिदार को वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी गई
02:31और यहीं से राजुनीतिक अटकलें और तेज हो गई
02:34क्योंकि बंगाल की राज़ूरीती में जब किसी विपक्षी या छेत्रिय दल के नेता को केंद्र से सुरक्षा मिलती है
02:40तो उसके राज़ूरीतिक माहिने निकलने लगते हैं
02:44क्या पार्टी से दूरी बना रही है
02:49क्या भविश्य कोई बड़ा फैसला आने वाला है
02:52हलाकि काकोली ने अभी तक पार्टी छोड़ने कोई बात कहीं नहीं है
02:56लेकिन उनका स्तीफा और उनके पीछे की भाषा बहुत कुछ संकेत दे रही है
03:01उन्होंने अपने पत्र में साफ लिखा कि पश्चिन बंगाल में अब राध मिज़िश रचार बढ़ा है
03:06चंता में डर का महौल है और राजमीती में जबाब देही, साफ सफाई और तहजीब की जरूरत है
03:12जरा सोचिए, एक सत्तधारी दल की वरिष्टिसान सहद अगर खुद अपनी पार्टी के शासनकाल को लेकर ऐसे सवाल उठा दे
03:19तो ये सिर्फ नाराजगी नहीं होती
03:21ये अंदुरूर्णी असंतोश का सारवजनिक विस्पोट माना जाता है
03:25उन्होंने अपने पत्र में ये भी कहा कि पार्टी अगर पुराने इवांदार और वफदार कारे करताओं के साथ फर से
03:31काम करेगी तब ही उनकी छवी चुदहर सकती है
03:34यानि वो सीधा संकेत था कि TMC में आप पुराने नेताओं को किनारे किया जा रहा है और पार्टी की
03:40मूल पहचान बदल चुकी
03:42अब दरसल TMC की सबसे बड़ी ताकत कभी उसका कैडर और जमीनी नेटवर्क माना जाता था
03:47और यही वज़ा था कि TMC ने लेफ्ट के गड़ को उसमें अपनी किलाव पते कर ली थी
03:5115 सालों तक शासन भी किया ममताबैनर जी ने
03:54ममताबैनर जी ने वामपंत के खिलाफ लड़ाई इसी संगठनात्मक ताकत के दम पर लड़ी थी
03:59लेकिन सत्ता में लंबे समय तक रहने के बाद बाटी पर घर्टचार, कटमनी, सिंडिकेट और प्रिशास्टिक दवाब जैसे कई गहरे
04:07आरोप लगतार बढ़ते गए
04:09फिर शिक्षक भरती घोटाला, ED और CBI की जांच, पार चाटर जी की गिरफतारी, स्थानियन एताओं पर हिंसा और वसूली
04:16के आरोप
04:16अब इन सबने TMC की छवी को बहुत ज्यादा नुकसान पंचाया
04:20बधान सबा में हार के बाद ये नाराज़ी और खुलकर सामने आने लगी, सवाल ये निकलने लगी काकोली गुष्ट दस्तिदार
04:27ने स्तीफा अभी क्यों नहीं दिया है
04:28खबरे तो आ गही हैं लेकिन अभी तक स्तीफा क्यों नहीं आया इसके पीछे तीन बड़े कारण मानने जा रहे
04:33हैं
04:33पहला चुनावी हार की नैतिक जिम्मेदारी उन्होंने खुद अपरे पत्र में इसका जिक्र किया है
04:38बारा साथ और आसपास के इलाकों में टीमसी का प्रदर्शन उमीद के मुताबिक नहीं रहा
04:43ऐसे में उन्होंने ये संदेश देने की कोशिश की है कि हार के बाद जवाब दे ही तय होनी चाहिए
04:49दूसरा कारण समझे है
04:50पार्टी के अंदर बढ़ती गुटबाजी
04:52बीते कुछ वर्षों में टीमसी के अंदर कई शक्ति केंद्र बढ़ चुके है
04:55अब शेक बानर जी की टीम पुराने ममता वफादार स्थानिय जिला नेताओं के गुट इनके बीच लगतार खींचतान की खबरे
05:02तो हमेशा ही आती रहती
05:04कई पुराने नेताओं को लगता है कि पार्टी में अब उनकी भूमी का कम की जा रही है और यही
05:09असंतोष अब भीरे दीरे बाहर आने लगा है
05:12तीसरा और सबसे बड़ा कारण राजुनीतिक भविश्य
05:15बंगाल की राजनीती तेजी से बदल रही है बीजेपी अब सर्फ विपक्ष नहीं बलकि सत्ता में है और ऐसे में
05:22टीमसी के कई नीता आपने भविश्य कुले कर सोच रहे है
05:25क्योंकि अब जब भी कोई पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहती है और अचानक सत्ता से बाहर हो जाती
05:30है तो सबसे पहले उसके नेताओं के बीच अस वरक्षा बढ़ती है
05:34जाँच अजनसियों का डर, राजनितिक सा अरप्षन खत्म होना, स्थानिय समीकरण बदलना ये सब नेताओं को नए विकल्प तलाश्टे पर
05:41मजबूर करते हैं
05:43यही बजह है कि अब टीमसी के अंदर हर स्तीफे को सर्फ संगठनात मंघटना नहीं बलकि संभावित राजनितिक पुनर रेखा
05:50के रूप में देखा जा रहा है
05:52हलाकि अभी तक काकोली गोश्ट दस्तिदार ने बीजेपी में जाने की ऐसी कोई बात या गोश्टना तो नहीं की
06:01क्योंकि इससे पहले भी शुएंदू अतिकारी जैसे बड़े नेता टीमसी छोड़ कर बीजेपी में आ गए और आज वो मुख्यवंतरी
06:07हैं
06:07और वही बाद में ममता बैनाजी के सबसे बड़े राजनितिक प्रतिद्वंधी बन गए
06:11अब सबसे बड़ा सवाल इसके बाद यही है कि क्या काकोली का स्तीफा टीमसी में एक नई तूट की शुरुआत
06:17है
06:17अब राजनितिक विशलेशकों का मानना है कि अगर पाटी नेतरतों जल्द संगठन को संभाल नहीं पाया
06:22तो आने वाले समय में और भी बड़े चहरे खुल कर नाराज़गी जता सकते हैं
06:27क्योंकि सत्ता जाने के बाद किसी भी दल की सबसे बड़ी परिक्षा संगठन को एक जुट रखने को होती है
06:33और फिलहाल टीमसी उसी परिक्षा के दौर से गुजर नहीं है
06:37मंतब एनरजी के सामने अब दोहरी चुनाती है एक तरफ बीजेबी की मजबूत सरकार दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के
06:44अंदर बढ़ता हुआ असंतोश और यही वज़े है कि काकोली घोष दस्तिदार का स्थीफा सब एक नेता का स्थीफा नहीं
06:51बिल्कि बंगाल की बदलती राजनीती का बड़ा संकेत बाना जा रहा है तो कुल मिलाकर काकोली घोष दस्तिदार का स्थीफा
06:57सिर्फ एक संगठनात्मक बदलाओ नहीं है यह उस बेचैने की कहानी है जो आज ट्रणमुल कॉंगर्स के अंदर धीरे धीरे
07:03खुल कर अब साम
07:19क्या ममता बैनर जी एक बार फिर उसी तरहे पार्टी को संभाल पाएंगी जैसे उन्होंने कभी बामपंध के खिलाफ लड़ाई
07:26जब शुरू की थी उस दोरान संभाला था खिलाल बंगाल की राजनीती में हलचल बहुत तेज है और आने वाले
07:31दिनों में कई बड़े रा�
07:45घर्ष होंगे वो दिखाई पड़ने वाला है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि बंगाल के राजनीती में उठा पटक
07:50लगतार जारी है और यह तूफान कब थमेगा इसका अभी कोई कहना संभावन नहीं है तो इस कबर में इतना
07:56ही लेकिन आप क्या सोचते हैं हमें क
07:59पोचना मतलब की गोश्ट ने पार्टी कियो छोड़ी होगी या पार्टी छोड़ने का कारण क्या हो सकता है उसके बारे
08:04में कॉमेंट कीजिए और देश-दुनिया की बाती खबरों के लिए देखते रहें वन इंडिया को सब्सक्राइब करें और कोई
08:16भी अप्टेट बिस
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