00:03मुझे लगता है कि यह जो सहस्ता काम किया और आगे जैसा हमें गाली दिया है जैसे चोटे-चोटे बच्चे
00:10हमाने उपर दवार डाला यह काम करने का तरीका नहीं है
00:16पशिम बंगाल की राजनीती में इस वक्त भूचाल मचा हुआ है सवाल उच रहे हैं कि आखिर त्रिर्मुल कॉंग्रिस के
00:22अंदर चल क्या रहा है
00:24एक तरफ सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी लगतार दबाब में है तो दूसरी तरफ पार्टी के पुराने और
00:29भारोसे मंद चेहरे भी धीरे-धीरे किनारा करते दिखाई दे रहे हैं
00:52पशिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सही त्रिमुल कॉंग्रिस के अंदर बेचैनी स्साफ दिखाई दे रही थी
00:58लेकिन अब जो हो रहा है वो सिर्फ नाराजगी नहीं
01:01बलकि पार्टी के अंदर गहराते अविश्वास और तूपते संतुलन की कहानी बनता जा रहा है
01:07क्योंकि काकोली घोष दस्तिदार कोई साधारन नेता नहीं है वो उन चेहरों में शामिल रही है जोने ममता बैनर जी
01:13का बेहद करीबी माना जाता था
01:16बारासाथ से कई बार सांसद रही पार्टी की कठिन दौर में भी ममता के साथ खड़ी रही और लोगसभा में
01:23पार्टी की प्रमुख रणितिक टीम का हिस्सा माननी जा दी थी
01:26लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि वही काकोली अब खुल कर स्तीफा दे रही
01:31आखिर ये सर्फ एक पद छोड़ने का मामला है या फिर टीमसी के अंदर किसी बड़े राजमितिक भूचाल की शुरुआत
01:37हो चुपी
01:37चले पूरा घटना क्रम समझते हैं पहले
01:40हाली में ट्रिमुल कॉंगरस ने लोगसभा में अपनी संगत नात्मक धांचे में बदलाव किया था
01:44काकोली घोष दस्तिदार को चीफ वीब के पद से हटा दिया गया था और ये जिन्मदारी फर से कल्यान बैनर
01:51जी को सौप दूए
01:52यही से पार्टी के अंदर असंतोष की चर्चा शुरू हो गए क्योंकि काकोली को हटाना सिर्फ एक प्रिशासनिक फैसला नहीं
01:59माना गया बल्कि से पार्टी ने त्रित्व की प्रात्मक धताओं में बदलाव के तौर पर देखा गया
02:03राजनितिक जानकारों का कहना है कि लोक सभाचुनाओ और फिर्विधान सभाचुनाओ में हार के बाद ट्वियमसी के अंदर जवाब देही
02:10को लेकर संगर्च शुरू हो चुका है
02:12कौन जिम्मेदार था, किसने गलत रणीती बनाई, कौन नेता जंता से कट गया और किसने संगठन को कमजोर किया
02:19इन सवालों के बीच पुराने नेताओं और नए पावर सेंटर की बीच टकराओ बढ़ता गया
02:25फिर अचानक केंद सरकार की तरफ से काकोली घोष दस्तिदार को वाई कैटेगरी की सुरक्षा दी गई
02:31और यहीं से राजुनीतिक अटकलें और तेज हो गई
02:34क्योंकि बंगाल की राज़ूरीती में जब किसी विपक्षी या छेत्रिय दल के नेता को केंद्र से सुरक्षा मिलती है
02:40तो उसके राज़ूरीतिक माहिने निकलने लगते हैं
02:44क्या पार्टी से दूरी बना रही है
02:49क्या भविश्य कोई बड़ा फैसला आने वाला है
02:52हलाकि काकोली ने अभी तक पार्टी छोड़ने कोई बात कहीं नहीं है
02:56लेकिन उनका स्तीफा और उनके पीछे की भाषा बहुत कुछ संकेत दे रही है
03:01उन्होंने अपने पत्र में साफ लिखा कि पश्चिन बंगाल में अब राध मिज़िश रचार बढ़ा है
03:06चंता में डर का महौल है और राजमीती में जबाब देही, साफ सफाई और तहजीब की जरूरत है
03:12जरा सोचिए, एक सत्तधारी दल की वरिष्टिसान सहद अगर खुद अपनी पार्टी के शासनकाल को लेकर ऐसे सवाल उठा दे
03:19तो ये सिर्फ नाराजगी नहीं होती
03:21ये अंदुरूर्णी असंतोश का सारवजनिक विस्पोट माना जाता है
03:25उन्होंने अपने पत्र में ये भी कहा कि पार्टी अगर पुराने इवांदार और वफदार कारे करताओं के साथ फर से
03:31काम करेगी तब ही उनकी छवी चुदहर सकती है
03:34यानि वो सीधा संकेत था कि TMC में आप पुराने नेताओं को किनारे किया जा रहा है और पार्टी की
03:40मूल पहचान बदल चुकी
03:42अब दरसल TMC की सबसे बड़ी ताकत कभी उसका कैडर और जमीनी नेटवर्क माना जाता था
03:47और यही वज़ा था कि TMC ने लेफ्ट के गड़ को उसमें अपनी किलाव पते कर ली थी
03:5115 सालों तक शासन भी किया ममताबैनर जी ने
03:54ममताबैनर जी ने वामपंत के खिलाफ लड़ाई इसी संगठनात्मक ताकत के दम पर लड़ी थी
03:59लेकिन सत्ता में लंबे समय तक रहने के बाद बाटी पर घर्टचार, कटमनी, सिंडिकेट और प्रिशास्टिक दवाब जैसे कई गहरे
04:07आरोप लगतार बढ़ते गए
04:09फिर शिक्षक भरती घोटाला, ED और CBI की जांच, पार चाटर जी की गिरफतारी, स्थानियन एताओं पर हिंसा और वसूली
04:16के आरोप
04:16अब इन सबने TMC की छवी को बहुत ज्यादा नुकसान पंचाया
04:20बधान सबा में हार के बाद ये नाराज़ी और खुलकर सामने आने लगी, सवाल ये निकलने लगी काकोली गुष्ट दस्तिदार
04:27ने स्तीफा अभी क्यों नहीं दिया है
04:28खबरे तो आ गही हैं लेकिन अभी तक स्तीफा क्यों नहीं आया इसके पीछे तीन बड़े कारण मानने जा रहे
04:33हैं
04:33पहला चुनावी हार की नैतिक जिम्मेदारी उन्होंने खुद अपरे पत्र में इसका जिक्र किया है
04:38बारा साथ और आसपास के इलाकों में टीमसी का प्रदर्शन उमीद के मुताबिक नहीं रहा
04:43ऐसे में उन्होंने ये संदेश देने की कोशिश की है कि हार के बाद जवाब दे ही तय होनी चाहिए
04:49दूसरा कारण समझे है
04:50पार्टी के अंदर बढ़ती गुटबाजी
04:52बीते कुछ वर्षों में टीमसी के अंदर कई शक्ति केंद्र बढ़ चुके है
04:55अब शेक बानर जी की टीम पुराने ममता वफादार स्थानिय जिला नेताओं के गुट इनके बीच लगतार खींचतान की खबरे
05:02तो हमेशा ही आती रहती
05:04कई पुराने नेताओं को लगता है कि पार्टी में अब उनकी भूमी का कम की जा रही है और यही
05:09असंतोष अब भीरे दीरे बाहर आने लगा है
05:12तीसरा और सबसे बड़ा कारण राजुनीतिक भविश्य
05:15बंगाल की राजनीती तेजी से बदल रही है बीजेपी अब सर्फ विपक्ष नहीं बलकि सत्ता में है और ऐसे में
05:22टीमसी के कई नीता आपने भविश्य कुले कर सोच रहे है
05:25क्योंकि अब जब भी कोई पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहती है और अचानक सत्ता से बाहर हो जाती
05:30है तो सबसे पहले उसके नेताओं के बीच अस वरक्षा बढ़ती है
05:34जाँच अजनसियों का डर, राजनितिक सा अरप्षन खत्म होना, स्थानिय समीकरण बदलना ये सब नेताओं को नए विकल्प तलाश्टे पर
05:41मजबूर करते हैं
05:43यही बजह है कि अब टीमसी के अंदर हर स्तीफे को सर्फ संगठनात मंघटना नहीं बलकि संभावित राजनितिक पुनर रेखा
05:50के रूप में देखा जा रहा है
05:52हलाकि अभी तक काकोली गोश्ट दस्तिदार ने बीजेपी में जाने की ऐसी कोई बात या गोश्टना तो नहीं की
06:01क्योंकि इससे पहले भी शुएंदू अतिकारी जैसे बड़े नेता टीमसी छोड़ कर बीजेपी में आ गए और आज वो मुख्यवंतरी
06:07हैं
06:07और वही बाद में ममता बैनाजी के सबसे बड़े राजनितिक प्रतिद्वंधी बन गए
06:11अब सबसे बड़ा सवाल इसके बाद यही है कि क्या काकोली का स्तीफा टीमसी में एक नई तूट की शुरुआत
06:17है
06:17अब राजनितिक विशलेशकों का मानना है कि अगर पाटी नेतरतों जल्द संगठन को संभाल नहीं पाया
06:22तो आने वाले समय में और भी बड़े चहरे खुल कर नाराज़गी जता सकते हैं
06:27क्योंकि सत्ता जाने के बाद किसी भी दल की सबसे बड़ी परिक्षा संगठन को एक जुट रखने को होती है
06:33और फिलहाल टीमसी उसी परिक्षा के दौर से गुजर नहीं है
06:37मंतब एनरजी के सामने अब दोहरी चुनाती है एक तरफ बीजेबी की मजबूत सरकार दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी के
06:44अंदर बढ़ता हुआ असंतोश और यही वज़े है कि काकोली घोष दस्तिदार का स्थीफा सब एक नेता का स्थीफा नहीं
06:51बिल्कि बंगाल की बदलती राजनीती का बड़ा संकेत बाना जा रहा है तो कुल मिलाकर काकोली घोष दस्तिदार का स्थीफा
06:57सिर्फ एक संगठनात्मक बदलाओ नहीं है यह उस बेचैने की कहानी है जो आज ट्रणमुल कॉंगर्स के अंदर धीरे धीरे
07:03खुल कर अब साम
07:19क्या ममता बैनर जी एक बार फिर उसी तरहे पार्टी को संभाल पाएंगी जैसे उन्होंने कभी बामपंध के खिलाफ लड़ाई
07:26जब शुरू की थी उस दोरान संभाला था खिलाल बंगाल की राजनीती में हलचल बहुत तेज है और आने वाले
07:31दिनों में कई बड़े रा�
07:45घर्ष होंगे वो दिखाई पड़ने वाला है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि बंगाल के राजनीती में उठा पटक
07:50लगतार जारी है और यह तूफान कब थमेगा इसका अभी कोई कहना संभावन नहीं है तो इस कबर में इतना
07:56ही लेकिन आप क्या सोचते हैं हमें क
07:59पोचना मतलब की गोश्ट ने पार्टी कियो छोड़ी होगी या पार्टी छोड़ने का कारण क्या हो सकता है उसके बारे
08:04में कॉमेंट कीजिए और देश-दुनिया की बाती खबरों के लिए देखते रहें वन इंडिया को सब्सक्राइब करें और कोई
08:16भी अप्टेट बिस
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