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Breaking News: Bakrid से पहले Kolkata से Imam का बड़ा ऐलान, गाय की कुर्बानी न देने की अपील। नाखोदा मस्जिद के इमाम शफीक कासमी के इस बड़े फैसले के बाद देश भर में नई बहस छिड़ गई है, जानिए इसके पीछे का पूरा सच।

Ahead of Bakrid 2026, Nakhoda Masjid Imam Shafique Qasmi from Kolkata has made a significant appeal to the Muslim community to avoid the sacrifice of cows to maintain peace, harmony, and brotherhood in society. This statement has triggered a new debate and sent a strong political message regarding the current BJP government.

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00:00بسم اللہ الرحمن الرحیم
00:01सभी सरकारों ने मुसल्मानों को लॉली पॉप दिया
00:05वोट लिया
00:06और गाय का गोश्ट खाने का आजादी दे दिया
00:09पांच साल छे साल के बाद वो दूद देना बंद कर देती है
00:12तो उसको वो बेचते हैं
00:15बकरईद के मौके पर खास करके
00:18इस्पेशली जो पचीस हजार की गाय होती है
00:21उसको एक लाख में बेचते हैं
00:23तो ये हमारे हिंदु भाई का कारोबार
00:26बिजनीस, दूद का काम
00:27और फैनेंशिल कंडिशन मजबूत होता है
00:36सभी सरकारों ने मुसल्मानों को लॉली पॉप दिया
00:40सिर्फ वोंट लिया
00:43और गाय का गोश्ट खाने का आज़ादी दे दिया
00:48कानून था लेकिन लागू नहीं था
00:51अब ये बीजे पी की सरकार आई है
00:54इसने उस कानून को लागू करना शुरू कर दिया
00:58जिसमें इसका जो पहला शर्त है
01:01कि कोई भी बड़ा जानवर
01:05जिसकी उमर 14 साल से कम है
01:07उसकी खुर्वानी नहीं की जा सकती है
01:09या उसको जबा नहीं किया जा सकता है
01:13उसके लिए मन्डेटरी है
01:17कि वेन्डेटरी सर्जन का जो है
01:20सर्टिफिकट होना चाहिए
01:21बहुत अच्छी बात है
01:23दूसरा ये है
01:25कि
01:27ओपन जगा में नहीं होनी चाहिए
01:29आम जगों में नहीं होना चाहिए
01:30सलाटर हाउस में होना चाहिए
01:31यह भी बहुत अच्छी बात है ठीक है लागू कर रहे है
01:35लेकिन एक बात बताईए
01:37कि वेन्डेटरी सर्जन
01:38सर्टिफिकर्ट देने का काम किसका है
01:41यह तो सरकार का है ना
01:42सरकार देगी ना
01:45फिर हर अलागे में
01:47सलाटर हाउस बना करके देने की जिमेदारी किसकी है
01:49सरकार की जिमेदारी है
01:51तो सरकार को चाहिए था
01:53कि पहले यह तमाम चीज़ों को महया कर देते
01:57उसके बाद ये कानून लागू करते तो अवाम को परिशानी नहीं होती
02:01अभी इस वक्त पच्छिम बंगाल के अवाम को कुर्बानी को लेकर के बहुत उल्जन में हैं
02:09लेकिन हमारा मुसल्मानों से ये अपील है
02:12कि मुसल्मान, तमाम मुसल्मानों से ये अपील है
02:16कि आप गाय की कुर्बानी ना करें
02:18बलके कुर्बानी नहीं
02:19हमेशा के लिए गाय का गोश्ट खाएं ही नहीं
02:22और सरकार से हम अपील करते हैं
02:25कि तमाम सलाटरहस को बंद कर दीजिए
02:27गाय कुर्बानी नहीं हो
02:29कोई भी बड़ा जानवर कुर्बानी नहीं हो
02:31और गाए को नेशनल एनिमेल का दर्जा दे दीजिए
02:36क्योंकि गाए अगर मुसल्मान नहीं खाएगा
02:39तो सबसे ज्यादा नुकसान हमारे हिंदू भाई का होगा
02:42मुसल्मान का नहीं होगा
02:45क्यों जो गोश ब्रादरी है जिसको जादब कहते हैं
02:50वो तो हिंदू भाई हैं वो गाए पालते हैं
02:53और उस वक्त तक गाए को पालते हैं जब तक वो दूद देने वाली होती है
02:56जब पांच साल छे साल के बाद वो दूद देना बंद कर देती है
03:01तो उसको वो बेचते हैं बकरईद के मौके पर खास करके
03:07इस्पेशली जो पचीस हजार की गाय होती है उसको एक लाक में बेचते है
03:12तो उनका जो पैसा बरबाद होता उनकी जो पूजी खतम हो जाती
03:17कोई खरीदने वाला नहीं होता मर जाता
03:20और अगर घर में रखते तो 45-500 रुपिया उसको रुजाना खाना खिलाने में लगता
03:26तो उनका घर से पैसा जाता
03:30अब वो पैसा रिटेन भी नहीं आगा अगर वो गाय मर गई तो
03:34तो वो पचीस हजार की गाय को मुसल्मानों के हाथ
03:38बकरईद के मौके पर एक लाख में बेचते हैं
03:41और एक गाय को बेच करके चार गाय खरीदते हैं
03:43तो ये हमारे हिंदू भाई का कारोबार, बिजनीस, दूद का काम
03:48और फैनेंशिल कंडिशन मजबूत होता है
03:51तो सबस्थ आदध हमारे हिंदू भाई का नुकसान है
03:54मुसल्मान उसको लेकर के मुझरिम बने
03:58काटने का जुर्म लगे, छे महीना का उस पर जेल हो
04:01नन बिलेवल सेक्शन लगे
04:04हम मुसल्मानों से अपील करते हैं
04:06कि आप बिलकुल गाय मत लीजिए
04:07नगाय की खुर्बानी कीजिए
04:09अलबत्त हम मुसल्मानों से ये भी कहना चाहते है
04:12कि मुसल्मान
04:14बकरा
04:15खसी छागल जो भी होता है
04:18वो खरीदें
04:19और अक्सर
04:21बकरी छागल जो होता है
04:23ये हमारे
04:25मुसल्मान भाई पालते हैं
04:28तो जब आप बकराईद में
04:31खसी छागल खरीदेंगे
04:33तो मुसल्मान भाई का
04:34फाइनिशिल कंडिशन मजबूत होगा
04:36वो उपर बढ़ेंगे
04:38और हुकुमत से टकराने की कोई जरूरत नहीं
04:40हुकुमत बें कर दे
04:41हम तो मतालबा कर रहे हैं
04:44ये मेरा आपके सवाल का जवाब है
04:46अब अगर जैसे बाकी और जो फर्मान सा
04:49कौन सा बाकी सिंद फर्मान
04:51जैसे कि ये लाउड स्पिकर
04:54देख
04:54उतना ही बज़े कि किसी को भी
04:56किसी भी धर्म के
04:57देखिए ये ये भी खानून भाजपा सरकार का
05:00बनाया हुआ नहीं है
05:01ये पॉलोशन कंट्रोल बोर्ड जो पूरी दुनिया में
05:04जा है उसका बनाया हुआ ये कानून है
05:08और अभी क्या हो रहा है
05:11हमारे बंगाल पुलीस
05:15उस ओर्डर को ले करके
05:17मैं साफ लबजों में कहना चाहता हूँ
05:19कि हमारे बंगाल के पुलीस अफसर को
05:21या तो इसका नॉलेज नहीं है
05:23या वो जान भूज करके
05:25मुसल्मानों को हरास्मेंट कर रहे है
05:27इसमें माइक हटाने का कहीं
05:29आउडर नहीं है सुप्रिम कोट के तरफ से
05:31भी पॉलोशन कंट्रोल बोर्ड के तरफ से
05:33भी उसमें साफ लिखा हुआ है
05:36कि जो इंडिस्टरियल एरिया है
05:38वहां पच्छतर से असी फीसद
05:41डिसीबिल तक के माइक बजाया जा सकता है
05:45ठीक है
05:46जो कॉमर्शियल एरिया है
05:48वहां सतर से लेकर के
05:50पच्छतर डिसीबिल तक के
05:52माइक की आवाज में
05:54कोई भी काम किया जा सकता है
05:56पूजा हो, अजान हो, शादी हो, विआ हो, प्रोगिराम हो, कोई भी हो सकता है
06:00जो रेशिणेटियल एरिया है, वहाँ 65-70 डिसिबिल तक के आवाज आप उसको यूज कर सकते हैं
06:07इस्तेमाल कर सकते हैं
06:09और जो silence zone है, वहाँ 40-45 डिसिबिल तक के order है बजाने का
06:16लेकिन हमारे पच्ची मंगाल की पुलीस या तो अन जाने में या फिर जान बूज करके जगा जगा मस्जिदों के
06:24इमाम को जिम्मेदारों को जा करके धमकाते हैं चमकाते हैं कि आप मस्जिद से महिक उतार दीजिए ये वो गलत
06:31कर रहे हैं हम उन से गुजारिश करते हैं कि �
06:33आप पहले दस्तूर को पढ़ दीजिए पुलोशन कंट्रोल बॉट के सिस्टम को पढ़ लिजिए सुप्रिम कोट के आॉडर को पढ़
06:39लिजिए उसके Angels कोई बात कीजिए और कानोन के दारे में आप भी रहे हम लोगों को भी खानोन के
06:45दारे में रहने दीजा हम इंलीगल �
06:47करना चाहते हैं और ना हम मुसल्मानों से यह अपील करते हैं कि कोई भी लीगल काम नहीं करें बिलकुल
06:52लीगल तरीके से रहना चाहिए अब आपने कहा कि जितनी भी सरकारे आप किया कुछ नहीं इसका क्या ताप करें
06:59देखें यह बहुत आहम काम था सलाटिंग वाला तो इस
07:15बीच में हमारे बिजर्गों के भी कुछ कमी रही हूए इसमें उनको भी चाहिए था कि सरकार के पास यह
07:23मुतालबा रखते हैं कि इसमें कुछ संशोधन करना चाहिए कोछ सहुलत देने चाहिए
07:35नगाहें?
07:37देखिए हम किसी सरकार को
07:39कोई डिफरेंस नजर से
07:40नहीं देखते हैं
07:41जो जनता को तकलिफ पहुचाती है
07:47हम उसके तकलिफ के बारे में
07:49जन उनको आगाह करते हैं
07:50कि ये काम मत कीजिया
07:57भाष्टा की इसी सरकार के तरफ से ये भी बोला गया है मुसल्मानों को पर्टिकुलर की नमाज जो है वो
08:02मज़ीत में बाहर न पढ़े हैं
08:05हम उनके इस नोटिफिकेशन का और इस ओर्डर का भी समर्थन करते हैं
08:10और हम भी कहते हैं कि बाहर नमाज नहीं पढ़नी चाहिए
08:15लेकिन सिर्फ मुसल्मान ही क्यों बाहर में पूजा पंडाल भी नहीं लगना चाहिए सड़क पर
08:20कावर यातरा आने वाला है सावन आने वाला कावर यातरा चलेगा
08:27पूरा काम तो रोड पर ही हो रहा है
08:29हम ये नहीं कह रहे हैं कि कोई गलत है या क्या सही है
08:34हम ये कह रहे हैं कानून है तो सब के लिए है
08:38सड़क है तो सब के लिए है
08:40तो मुसल्मानों से सवतेला सुलुक क्यों किया जा रहा है
08:45लेकिन हम मुसल्मानों को अपील यही करेंगे
08:47कि आप सड़क पर नमाज नहीं पढ़िए
08:48हम भाजबा सरकार के इस एलान का समर्थन करते हैं
08:52और हम मुसल्मानों से भी अपील करते हैं
08:54लेकिन हम सरकार से ये भी अपील करते हैं
08:56कि तमाम वो काम धार्मी काम जो सड़क पर होता है उसको मुकमल बंद कर दीजिए
09:01और सड़क पर इसके इलावा भी कब्जा ये वो दुनिया जहान सब घटा दीजिए
09:07बिल्कुल क्लीन कर दीजिए अमरीका बरतानिया के तरह हमारा सड़क रहना चाहिए
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