00:00देश में महेंगाई को लेकर एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है। कारण है पेट्रोल और डीजल की
00:06लगातार बढ़ती कीमते।
00:08सिर्फ दस दिनों के भीतर तीसरी बार इंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। और अब इसका असर सीधे आम आदमी
00:15की जेब से लेकर बाजार तक दिखाई देने लगा है।
00:38पेट्रोल डीजल इतना महंगा क्यों हो रहा है। और क्या आने वाले दिनों में कीमते और बढ़ सकती है।
00:44दरसल इसकी सबसे बड़ी वजह है पश्चिम एशिया में बढ़ता भू राजनीतिक तनाव।
00:50इरान, अमेरिका और इसराइल के बीच बढ़ते टकराव ने पूरी दुनिया के तेल बाजार को हिला दिया है।
00:56खास तोर पर स्ट्रेट ओफ हॉर्मोस को लेकर डर लगातार बढ़ रहा है।
01:01दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है।
01:05अगर यहां तनाव बढ़ता है या सप्लाई बाधित होती है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में आग लग
01:11सकती है।
01:12इसी डर का असर अब अंतरराश्ट्रिय बाजार में साफ दिखाई दे रहा है।
01:16पिछले कुछ हफ्तों में Brent Crude Oil की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की गई है।
01:21कई बार कीमते 100 डॉलर प्रती बैरल के करीब पहुंचती दिखाई दी।
01:26भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आया तक देश है।
01:29देश अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है।
01:35यानि अंतरराष्टिय बाजार में जरा सा उतार चड़ाव भी भारत की अर्थ व्यवस्था और आम जन्ता पर सीधा असर डालता
01:41है।
01:42तेल कंपनियों का कहना है कि लगातार महंगे हो रहे कच्चे तेल और बढ़ते आयात खर्च की वज़े से खुद्रा
01:48कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।
01:51हालकि विपक्ष सरकार पर सवाल भी उठा रहा है।
01:54विपक्ष का कहना है कि केंदर और राज्य सरकारों द्वारा लगाये जाने वाले टैक्स भी पेट्रोल डीजल को महंगा बनाने
02:00में बड़ी भूमेका निभाते हैं।
02:02दरसल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल से ते नहीं होती।
02:07उसमें एकसाइस ड्यूटी, वाट, डीलर कमिशन और ट्रांस्पोर्टेशन कॉस्ट भी शामिल होती है।
02:12यही वज़ा है कि अंतरराष्ट्रिय बाजार में तेल सस्ता होने पर भी कई बार आम जनता को तुरंत राहत नहीं
02:19मिलती।
02:19अगर पिछले कुछ वर्षों पर नजर डाले, तो रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान भी दुनिया में तेल की कीमतों में
02:25बड़ा उच्छाल देखा गया था।
02:27उस समय भारत में कई राज्यों में पेट्रोल 100 रुपे प्रती लीटर से उपर चला गया था।
02:32कुछ शहरों में तो कीमते 110 रुपे तक पहुँच गई थी। बाद में केंद्र सरकार ने एकसाइज ड्यूटी घटा कर
02:38थोड़ी राहत देने की कोशिश की थी।
02:40लेकिन अब एक बार फिर हालात चिंता जनक दिखाई दे रहे हैं।
02:44विशेशग्य मानते हैं कि अगर मिडल इस्ट संकट लंबा चला तो तेल की कीमतों में और उच्छाला सकता है।
02:50और इसका असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा।
02:53डीजल महंगा होने का सबसे बड़ा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पढ़ता है।
02:57भारत में ज्यादा तर माल धुलाई ट्रकों की जरिये होती है।
03:01जब डीजल महंगा होता है तो ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ जाती है।
03:04और फिर धीरे धीरे उसका असर सबजियों, फल, दूद, राशन और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर दिखाई देने लगता
03:11है।
03:12यानि पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने का मतलब सिर्फ गाड़ी में महंगा तेल भरवाना नहीं, बलकि पूरे बाजार में महंगाई
03:18का दबाव बढ़ना है।
03:20मध्यमवर्ग और छोटे कारोबारियों की चिंता सबसे ज़ादा बढ़ रही है, क्योंकि एक तरफ पहले से ही रोजमर्रा का खर्च
03:26बढ़ा हुआ है, और दूसरी तरफ अब ट्रैवल और ट्रांस्पोर्टेशन भी महंगा होता जा रहा है।
03:31आटो टैक्सी किराय बढ़ सकते हैं, बसों का किराया प्रभावित हो सकता है, ओनलाइन डिलिवरी सेवाओं की लागत भी बढ़
03:38सकती है।
04:01देखने को मिल रही है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर आम आदमी कब तक वैश्विक युद्ध और
04:07भूराजनीतिक तनाव की कीमत चुकाता रहेगा।
04:10हलाकि सरकार की तरफ से फिलहाल किसी राहत पैकेज या टैक्स कटोती का संकेत नहीं दिया गया है।
04:15लेकिन अगर अंतर राश्ट्रिय बाजार में कच्चे तेल की कीमते और बढ़ती हैं तो आने वाले दिनों में पैट्रोल डीजल
04:22के दामों में फिर बढ़ोतरी से इंकार नहीं किया जा सकता।
04:25यानि फिलहाल आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चिंता यही है कि कहीं ये महंगाई की नई लहर की शुरुवात
04:31तो नहीं क्योंकि जिस तरह दुन्या में युद्ध, उर्जा संकट और भूराजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं उसका असरब सीधे भारत
04:39की सडकों और आम लो
04:55सबस्क्राइब ये जरा की अटनोगाई युदिध हैं में युद्ध, उर्जा हैं युद्ध, जिसो कि का थे यो युद्ध, शुबने युद्ध,
05:04खिरू का लिएया हैं युद्ध, आम लो खेले
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