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छत्तीसगढ़ में एक बार फिर धर्मांतरण और घर वापसी का मुद्दा चर्चा में आ गया है।बताया जा रहा है कि करीब 200 आदिवासी परिवारों ने हिंदू धर्म में वापसी की है।इस कार्यक्रम में एक पादरी समेत कई लोगों ने भी सनातन धर्म अपनाने का दावा किया।BJP और कई हिंदू संगठनों ने इसे सांस्कृतिक पहचान की वापसी बताया हैकार्यक्रम के दौरान पूजा-पाठ, हवन और पारंपरिक रीति-रिवाजों का आयोजन किया गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी पुरानी परंपराओं को फिर से अपनाया है।वहीं विपक्ष इस पूरे मामले पर सवाल भी उठा रहा है और राजनीति तेज हो गई है।सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर बहस छिड़ गई है।आखिर छत्तीसगढ़ में हुई इस बड़ी घर वापसी के पीछे क्या है पूरी कहानी, देखिए इस रिपोर्ट में।

A major religious and political debate has erupted once again in Chhattisgarh.Reports claim that nearly 200 tribal families have returned to Hinduism in a large ‘Ghar Wapsi’ event.Several people, including a pastor, reportedly participated in the religious conversion ceremony.BJP leaders and Hindu organizations described the move as a return to cultural roots and traditions.The event included rituals, prayers, havan, and traditional ceremonies.Locals claimed they willingly chose to reconnect with their ancestral beliefs and customs.Meanwhile, opposition parties have questioned the political angle behind the event.The story has now sparked intense discussions across social media and news platforms.Watch this report to know the full details behind Chhattisgarh’s massive tribal ‘Ghar Wapsi’ event.

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00:06पिछले कुछी हफ़ते में 36 गड के कावरदा जिले के पंदरिया में 200 से जादा आदिवासियों ने एक साथ हिंदू
00:14धरम में वापसी की है और इस पूरे मामले की सबसे बड़ी खबर ये है कि इन लौटने वालों में
00:20से एक खुद चर्च का पादरी भी शामिल था
00:24दर्शकों आदिवासी लाकों में कन्वोजन और घर वापसी का ये पूरा मामला अब एक नया मोड ले चुका है और
00:32आज हम इस मुद्दे की इन डेप्थ इन्वेस्टिगेटिव अनारसिस करेंगे और आपके सामने सच रख देंगे दर्शकों डेटा, डिमोग्रिफी और
00:41
00:54मर्ज की क्या कहते हैं आकड़े, सबसे पहले बात उस ग्राउंड रियालिटी की जो इस वक्त हेडलाइन्स में हैं, 36
01:00गड़ के पंदरिया में एक बड़ा धार्मेक और सांस्कृतिक अनुस्थान हुआ, यहां लगभग 200 आदिवासियों का वेदिक रीदी रिवाजों से
01:08स्
01:09लोकल बीजेपी एमेले भावना बोहरा ने खुद इन लोगों के पैर धोकर उन्हें उनकी मूल संस्कृती में वापिस शामिल करवाया,
01:18लेकिन अगर आपको ऐसा लगता है कि एक आइस्सोलेटेड इंसिडेंट है तो इस पूरे रीजन का डेटा देखिए, पहले निवर
01:25
01:25फॉरेस्ट एरिया की बात करें, यहां की अलग अलग गाउं से 115 आदिवासी मूल धरम में वापिस लोट चुके हैं
01:32और वापिस सन्नातन को स्विकार कर चुके हैं, इसके अलावा कुई कुगडू रीजन में 70 लोगों ने घर वापसी की,
01:40दमगड गाउं में 50 लोग अपनी
01:55संदू धरम में शामिल हो चुके हैं, ग्राउंड से आ रही रिपोर्ट के मुताबित ये पूरा अभियान प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र
02:01मोदी के बोद्दे के आसपार शामिल किये गए संकल्प से शुरू हुआ था, जो अब एक और्गनाइज मूवमेंट का रूप
02:07ले �
02:07चुका है, यहां पर लोकल एड्मिनिस्टरेशन और पॉलिटिकल लीडर्स का दावा है कि इन आदिवासियों को पहले दर या फिर
02:15फ्रॉड करके भ्रम से लालज दे के कनवर्ट किया जाता था, और अब जब उन्हें सच का हैसास हुआ है,
02:22तो वो बिना किसी दबाव के अ�
02:36पॉलिस ने दो पादरी और उनके साथियों पर इल्लीगल रिलिजिस कंवर्जन केस की दर्च कर ली है, यहां जो तरकीब
02:45अपनाई जा रही थी उसे जर्नलिजम की भाषा में हीलिंग प्रेयर्स या चेंगाई साभा का पैटन कहते हैं, वहिया सीधे
02:54साधे और भोले भाले
02:55लोगों को टार्गेट किया जाता है, उनसे दावा करा जाता है कि अगर आप अपना धरम बदन लेंगे तो आपका
03:02कैंसर ठीक हो जाएगा और सेवियर मेडिकल कंडिशन से जूंज रहे गरीब लोगों को बिना किसी मेडिकल साइंस के सिरफ
03:10अंद विश्वास के धंपर बह
03:25होती है, जब एक लाचार इंसान बिमारी से हार जाता है तो वो किसी भी चमतकार पर विश्वास करने को
03:30मजबूर हो जाता है, गुना में इसी मजबूरी का सौधा किया जा रहा था, भाई अब चार बड़े सवाल खड़े
03:37हैं, इस पूरे सिनारियो को देखने के बाद दे�
03:52हेल्थ केर सिस्टम की नाकामी नहीं तो और क्या है, लोग हॉस्पिटल्स की जगा इन सभाओं में क्यों जा रही
03:57है, भाई दूसरा, मध्य प्रदेश और च्छत्यसगर्ड दोनों ही राजों में सक्ट आंटी कन्वोर्जिन लॉज यानि धरमांतरन विरोधी कानून है,
04:06
04:18क्या ये सिर्फ सांस्कृतिक चेतना है या इसके पीछे आने वाले चुनावों के लिए डेमोग्रिफी और वोर्ड बैंक को सिक्योर
04:24करने की कोई स्ट्राटेजी भी है, कहीं सिर्फ वोर्ड बटोरने के लिए ही तो वापिस लोगों को हिंदू में तो
04:30नहीं बदला जा रह
04:31और जान बूच के पहले जब इनको क्रिश्चन में कनवर्ट किया गया था तब भी वो किसी और पार्टी का
04:37वोट तोड़ने की साज़श तो नहीं थी, भैया बाते हैं चौती बात पर आदिवासी समाज की अपनी एक अलग प्रकृती
04:44से जुड़िया इडेंटिटी होती है
04:46और इससे पॉलिटिकल और रिलिजिस टसल के बीच उनकी मूल पहचान और उनके असली विकास जैसे रोड, स्कूल, चॉप्स का
04:54मुद्दा कहीं दबा रह जाता है। एक तरफ लालच और अंदविश्वास के दम पर कन्वोर्जन के घबरा देने वाले केस
05:01हैं तो दूसरी �
05:02तरफ बड़े पॉलिटिकल बैकिंग के साथ चल रहे घर वापसी। अब आपको क्या लगता है इस कॉंप्लेक्स प्रॉब्लम का पॉमनेंट
05:08सेलूशन क्या है क्या कड़े कानून इसे रोब पाएंगे या फिर जब तक गाहों तक अच्छी शिक्षा और होस्पिटल नहीं
05:14पहुँचेंगे तब तक मजबूरी का ये सौधा चलता रहेगा अपनी राए कॉमेंट सेक्षिन में जरूर बताईएगा अब देख रहे हैं
05:21वान इंडिया मैं हूँ आंक रुष कौशिक
05:25प्रण सबस्क्राइब सिर्क प्रद्ट नग्या इंड आंक धन्स अब्स्टाइब कॉमेंट प्रण स्टैब कर दो मेंटिया अव्या अश्या अच्छी है
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