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Twisha Sharma Case में बड़ा अपडेट सामने आया है।
करीब 10 दिन तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह अब पुलिस हिरासत में है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर समर्थ सिंह ने भोपाल की बजाय जबलपुर कोर्ट में सरेंडर क्यों किया?

इस वीडियो में जानिए:

समर्थ सिंह की गिरफ्तारी और सरेंडर की पूरी टाइमलाइन

जबलपुर कोर्ट पहुंचने के पीछे की कानूनी रणनीति

पूर्व जिला जज रह चुकीं गिरिबाला सिंह की भूमिका पर उठते सवाल

क्या यह सिर्फ कानूनी प्रक्रिया थी या फिर कोई सोची-समझी लीगल प्लानिंग?

Twisha Sharma death case में अब तक क्या-क्या सामने आया?

वीडियो में हम पूरे मामले को आसान भाषा में explain करेंगे और समझेंगे कि आखिर इस केस में “जबलपुर सरेंडर” इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया है।

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Transcript
00:00तुईसा सर्मा की मौत का जिम्मेदार समर्थ सिंग पुलिस हिरासत में पहुँच गया है
00:06ये दमताजा खबर है लेकिन खबर इसके पीछे और है
00:11समर्थ सिंग की पुलिस हिरासत में पहुँचना या फिर कुछ लोग इसे गरफतारी सब्द इस्तिमाल कर रहे हैं
00:18ये खबर इतनी जरूर है कि मीडिया ने उस सच को उठाया, लोग आगे आए और टुईसा सर्मा को की
00:28लड़ाई को ताकत मिली.
00:29एक ऐसा सक्समः सिंग जो कभी मत्प्रदेश सरकार का कानूनी सलाकार था, जिसकी मा जिलाजस थी. इतनी ताकत थी कि
00:42जब टुईसा सर्मा की मौत होती है, तो उसकी सुनवाई, उसकी आवाज बहुत मौत्य से उड़ती है.
00:50लेकिन मीडिया आगे आती है, जनता में आवाज पहुंचती है, जनता इसकी गंभीरता को समझती है, और टुईसा सर्मा के
01:01भाई, मेजर सर्मा इस लड़ाई को लड़ने की मौहिम उठाते हैं.
01:07मत्पते सरकार से मिलते हैं, मुखमंत्री से मिलते हैं, और फिर CBI जाज का आधेस होता है.
01:14लेकि समर्थ से अपने पैतरे चलता रहा है, अब भी चल रहा है.
01:20जिन लोगों को यह लगता है, कि आज समर्थ सिंग ने जवलपुर की जिला अदालत में अपना आत्म समर्पन कर
01:29दिया, यह भी उसकी चाल है.
01:32मिजर सर्मा ने इस पर कहा है, क्यों? जवलपुर में उसकी और उसकी मा की एक खास साख है.
01:38बहाँ पर उसका अपना पूरा एक सिस्टम है, उसके लोग है, उसकी समझ बाले लोग है, उसको रास्ता देने बाले
01:46लोग है, वरना समर्थ सिंग जहां पर यह घटना हुई है, भोपाल की जिला अदालत में भी तो आप समर्पन
01:54कर सकता था.
01:55उसने हर वो चाल चली, उसने कहा कि वो अपनी एंटिसेपेटरी बेल कि अप्लिकेशन बापस ले रहा है, सब इसी
02:06बात को ले करके थे, कि अब वो ये अप्लिकेशन बापस क्यो ले रहा है, वो अदालत में कहना चाहता
02:13था, समझाना चाहता था, कानूनी दाउफेज के जर
02:21अगर वो सयोग कर रहा है तो बात ये दस दिन तक कहां रहा बात इतनी आगे क्यों पहुँची उस
02:28पर 30,000 का इनाम सरकार को रखना पड़ा
02:32इसी समय उसने फाइदा उठाया और उधर उसने इसलिए कि उसकी मा की एंटी सेपेटरी बेल भी खारीज न हो
02:41जाए
02:42कहीं वो अप्ली करता है उस पर कोई हाई कोट ऐसी टिपड़ी ना कर दे तो उसने रास्ता अपनाया कि
02:48वो आत्म समरपढ़ कर ले और यहां पर उसने जहां पर उसका पूरा महौल था
02:52जबल्पुर की जिला अदालत पर उसने आत्म सम्परपढ़ किया चस्मा मास्क टोपी इस सब को जाकर कि वो अदालत पहुसता
03:02है और से पुलिस हिरासत में ले ले लेती है
03:04क्योंकि अगर वो भुपाल की अदालत में जाता तो साइद वो हिरासत में अदालत से नहीं बल्कि गरतार होता
03:11दोनों चीजों में बड़ा अमितार है लेकिन ये इस समर बड़ी खबर है
03:15हम ये सुकून कर सकते हैं कि लोग जब आगे आए और बात जब उठी
03:22तो समर सिंग को जुकना पड़ा कानून के आगे और आद समर पड़ करना ही पाथ
03:28तरीका उसने अपना अपनाई यहां भी उसने चला की कलिए
03:30हाला कि अगले बहात्तर गंटे बहुत महत्कून है तो इसा सर्मा केस में
03:36क्योंकि दिल्डी के Aims के डॉक्टर्स जाकर के उष्मार्टरम करेंगे उस कोश्मार्टरम की रिपोर्ट के बाद साफ वोने लगेगा
03:45कि भास्तममें तुषास सर्मा की जो मौत है उसके कारण किया है
03:52हलाकि अभी भी एक बात और है जो बिसरा है वो उसकी रिपोर्ट कुछ टाइम बाद आती है तो कुछ
03:58चीजे तभी पता लग पाएंगी एक किसमे और बात है पचीस मई को दोपहर में धाई बजे उसी जबलपुर अदालत
04:07में गिरिवाला सिंग या समर्ज सिंग की माँ और �
04:10इसा सर्मा की सास के बारे ने भी सुनवाई होनी है कि क्यों ना उसकी जमानत खारिज कर दी जाए
04:17तो इस पर भी बात होनी है लेकिन फिलाल बड़ी खबर यह है कि समर्ज सिंग अब पुलिस के गिरफ
04:24में हैं अलाकि देखना होगा कि जो व्यक्ति आरोपी है वो किस तरह की
04:30कानूनी समझ रखते हैं उसकी मा जिला जज है वो खुद मत्परदेश सरकार का कानूनी सलाकार रह चुका है लेहाजा
04:39आप समझ सकते हैं यह लडाई बहुत कठिन है कानून के हर कदम पे खटिन है क्योंकि बहुत जानकार लोग
04:47हैं जिस चित तोर पे इसकी आवाज हम उठ
04:50जढ़ाते रहेंगे तुलाल इस वीडियो में इतना ही इसी ताजा कबर के साथ हम आपसे बिदा लेते हैं कैमरे के
04:56पीछे वीपक सिंग के साथ श्रिवेंद्र गौर वन इंडिया
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