00:00बहुत प्यासे होते हैं, दौड का घर आएं या किसी दुकान पर रुखते हैं, किसी रेस्टों में रुखते हैं और
00:04सीधे कोई ऐसा प्रोड़क्ट वो कोर्डिंग हो सकता है, लसी हो सकती है, जिसमें अधिक मात्रा में बर्फ डलती है,
00:10उसका टेमरेशर काफी कम होता है, उ
00:27इसका पहुत ही स्पष्ट आंसर है, कभी भी हमारे शास्त्रों के इसाफ से दिखा जाए, जो सुराई और घड़े का
00:35पानी था, वो इस गर्मी में लू में बीट करने के लिए सबसे अत्यादिक, उपलब्र और सुविदा जनक था, सबसे
00:44ज़्यादा इंपोर्टेंट वही
00:45चीज थी, ये फ्रिज के पानी से आपको श्रणिक भर की प्यास तो नहीं, मुझ भी आपको रहात महसूस जरूर
00:52होती है, पर वो प्यास नहीं बुजाता मुकुन जी, प्यास और श्रणिक भर की चीज को समझने का बहुत ज़्यादा
00:58अंतर है, जिसमें भी बरफ जादा प
01:15फ्रिज से, एसी से, फ्रिज से बाहर निकल के लो, सुराई और घड़े आज भी वापिस आते जा रही हैं,
01:24जो हमारी सलस्क्रितिक धरोवत थी, वो सबसे अच्छी है इस को को खतम करने के लिए या इसके दुश प्रभावों
01:31को रोकने के लिए, आपको कभी भी अगर आप
01:34जाते हैं इतनी घर्मी से, पहले पांच मिनेट कमरे में बैठिये, टेपरेचर को नॉर्मल आने दीजिए, उसके बाद पानी का
01:42सेवन करें, तभी शरीर एकदम से लिएक और कोल्ड के बीच में नहीं जाता, जब वो ऐसे जाता है, तो
01:50बीमारी का जड़ बनता है, कमी गला
01:52पकड़ जाता है, कमी खांसी हो जाती है, इस परस्ट आंसर है, बड़ अच्छी नहीं है, अंटा पानी बहुत अच्छा
01:59नहीं है, नॉर्मल पानी, घड़े का, या सुराई का पानी सबसे अच्छा है, जैसे अब जाहिर दोर पर, अगर हम
02:09संस्कित्ति की तरफ जाते हैं, �
02:10अपने ट्रडिशन तरीके पर देखते हैं, तब हम सर घड़े और सुराई जैसी बात समझ पाते हैं, लेकि नमोबन लोग
02:16घर में फ्रेज आ है, आज को टाइम पर, तो आपने हमें बताया, दर्शकों को हम भी ये वीडियो दिखाएंगे,
02:21लेकिन बहुत साई लोग घड़
02:40करें, आइस नहीं लेनी दोस्तों, गरम और सर्थ पानी को मिला के जो नॉर्मल चार डिगरी का टेंपरेचर होता है,
02:47उसमें पानी आफ एन हाफ मेना के पीएं, और आज भी जो हिंतुस्तानी संस्कृती में सबसे अच्छी चीज है, वो
02:55शिकंजी है, उसमें मीठा कम हो, ड
03:11क्लोराइड कहते हैं, उसकी मातरा भरपूर होती है, पानी मतलब से पानी नहीं है, पानी के साथ में इसेंशल चीजे
03:18जाना भी ज़रूरी है, जिससे आपको डिहाइडरेशन ना हो, बिल्कुल, डॉक्टर साब एक और मित कह लीजे, या फिर लोगों
03:29ने अगर महसूस किया
03:30अपने जीवन में तभी सवाल बार बार उठता है, इसी को लेकर तमाम कह सकते हैं, आपकी लोगों के मन
03:34में सवाल होते हैं, कि कई ऐसे डिलिवरी पार्टनर्स हैं, हमारा प्रोफिशन जैसे पत्रकार हो गए, कई कभी ऑफिस में
03:40रहना होता है, कभी आपको 40-50 डिग्री के
03:56अपको जी बहुत अच्छी बात है, आफिस गोर्स जब जैसी घर से घर के लिए बहार निकलते हैं, शाम को
04:03टेंपरेचर चेंजिस मैसिव होते हैं, पच्छिस-चपिस डिग्री से वो सीधे 40 डिग्री पे जाते हैं, चरीड नहीं समझ पाता,
04:11तो उसके लिए जर्वत क्या
04:13कर दो हैं, तो आफिस अपर निकलते हैं, तो वहां पर निकलते हैं, और फिर आप उसके बाद इस्टरना एक्सरसाइजें
04:30जब हार जाने लगते हैं, यह सबसे बड़ी प्रब्लम कहां होती है, मैं अच्छिस निकलता हूं, गारी ने बैकता हूं,
04:38और तो आप इसके बाद �
04:43तो जैसे आप और हम लोग हैं इंको अंदर बाहर बाहर जाना पड़ता है उसके लिए यही इतायत होती है
04:51कि जब आपार निकले उस समय होच तेर्नेस एक्सराइज ना करें पहले बाहर बोड़ी को अब्रेस्ट हो रहे जे पांटश
04:59मिन है उसके बाहर अपना काम की प्राइ�
05:05सबस्क्राइब तो बाहर आपार ना करूआ काम अन्दा उप्राइब नंवें इंच को अप्राइब जार ना रष्सक्राइब तो एंड्या ना खूई
05:13ड्यूप प्राइब यहार आप जार रहे
05:15झाल झाल
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