00:00आज के सवाल ने पूरी दुनिया और खास घर के डॉनल्ड ट्रम्प को हिला कर रख दिया है क्या भारत
00:07का पुराना दोस्त रशिया एक बार फिर भारत को एक बड़े ग्लोबल ओयल क्राइसिस से बचाने आ रहा है और
00:15क्या सिप्टेंबर में होने वाली एक बड़ी मुलाकात
00:18वेस्टन कांट्रीज यानि पश्चमी देशों की नींदे उणाने वाली है क्योंकि भाईया अब ये दशक पश्चमी देशों का खतम हो
00:28चुका है और अब इस्टन कांट्रीज पूरी दुनिया पर राज करने वाली है
00:33क्रेमलिन ने ओफिशली कनफर्म कर दिया है कि रशियन प्रेजिडेंट व्लाडमिर पूटिन इस साल यानि 12 और 13 सेप्टेंबर को
00:41नई दिल ली आ रहे हैं मौका है ब्रिक सम्मिट का लेकिन ये सिरफ एक नॉमल सम्मिट नहीं है एक
00:48साल के अंदर पूतिन का ये दूसरा भ
01:03पूतिन का बार-बार भारत आना और पी-म नरेंद्रो मोदी से हाथ मिलाना अपने आप में वाशिंग्टन और यॉरप
01:09के लिए बहुत बड़ा मेसेज है तो आज की इस एपिसोड में हम इस पूरी इंस्टाइट स्टोरी को डिकोड करेंगे
01:15कि आखिर इस दौरे के पीचे
01:16असलीम मास्टर प्लान क्या है बहिया सबसे पहले तो आपको बैकड्रॉप देते हैं रशिया और भारत की गहरी दोस्ती के
01:23बारे में बताते हैं कहानी को थोड़ा पीचे से समझे भारत और रशिया के बीच एक अन्विल समिट मेकानिजम है
01:30यानि हर साल दोनों देशों के �
01:32अपस में बिलते हैं और अपनी स्ट्राटेजी को रिव्यू करते हैं पिछले साल डिसेंबर दोहजार पच्चिस में जब पूतिन भारत
01:39आये थे तो वो 2022 में युक्रेन वार शुरू होने के बाद उनका पहला ओफिशियल इंडियन विजिट था उससे पहले
01:45वो 2021 में आये �
01:59रशिया के फॉरिन मिनिस्टर सेजाई लवरॉफ भी मे 14 और 15 को दिल ली आये थे जहां उन्होंने हमारे एक्स्टरनल
02:06अफैर्ज मिनिस्टर एस जैशंकर के साथ मिलकर इस बड़े खेल की पूरी ग्राउंड को तैयार कर दिया था यानि भाया
02:13उन्होंने पूतिन और मोदी
02:15के मिलने से पहले की सारी बेसिक टॉक्स कंप्लीट कर ली थी अब आते हैं उस सबसे बड़े मुद्दे पर
02:22जिसकी चर्चा इस वक्त हेडलाइन में है ओईल क्राइसिस में साथ देने आ रहा है हमारा पुराना दोस्त जब से
02:29युक्रेइन वार शुरू हुआ है अमेरिक और
02:43पर रखा है भारत में रश्या से डिसकांटे रेट पर कुड़ खरीदा है और खरीदना जारी भी रखना चाहते हैं
02:50जिसने भारतिये कंजुमर्स को एक बहुत बड़े डिमेस्टिक ओयल क्राइसिस से बचा के रखा हुआ है
02:56Regarding American waiver on Russia, I will like to emphasize that we have been purchasing from Russia earlier and we,
03:05I mean, before waiver also, during waiver also and now also.
03:09So, it is basically the commercial sense which should be there for us to purchase, I mean, for OMCs to
03:16purchase.
03:17So, that's my precise answer. There is no shortage of crude. Enough crude has been tied up. Repeatedly, I have
03:25told you.
03:25And this, whatever waiver or no waiver, it will not affect. It shall not affect our supplies and all efforts
03:32have been taken to that effect.
03:35लिकिन दिक्कत कहां आ रही है? दिक्कत आ रही है payment और settlement में.
03:39क्योंकि Russia को international payment system जैसे SWIFT से बाहर कर दिया गया है.
03:44इसलिए भारत और रशिया के बीच, तेल का business किस currency में हो? ये एक बड़ा सरदर्द बना हुआ है.
03:49कभी रूपी रूबेल में trade की बात होती है, तो कभी UAE की दिरम की मदद ली जाती है.
03:55पूतिन के इस दोरे का सबसे वड़ा agenda ये है, कि crude oil import को stabilize किया जाए,
04:01और payment के ऐसे रास्ते निकाले जाए, जो western sanctions के दाएरे में नहीं आते.
04:05अगर पूतिन और मोदी मिलकर इस payment deadlock को पूरी तरह सुलजा लेते हैं,
04:10तो भारत के लिए आने वाले सालों में भी सस्ता और सुरक्षित तेल का रास्ता साफ हो जाएगा.
04:16चाहे US इरान से जंग करता रहे, चाहे state of hormones बंद भी हो जाए,
04:21फिर भी एक particular amount of तेल हमारे पास securely पहुँच जाएगा.
04:26अब दर्शको, western dominance को सीधी चुनातीज बार,
04:29पूतिन किसी आम bilateral दोरे पर नहीं दे रहे, बलकि BRICS summit के लिए आ रहे हैं.
04:35BRICS यानि Brazil, Russia, भारत, चाइना और South Africa,
04:38जिसमें अब कई और emerging economies भी जुड़ चुकी हैं.
04:42और इस summit का जो main focus है, वो सीधा अमेरिका के वर्चस्व को चुनाती देना है.
04:48पूतिन का सबसे बड़ा गोल है, alternative international payment system का creation.
04:53रशिया चाहता है कि BRICS देश मिलकर, एक ऐसा नया payment network तयार करें,
04:58जो dollar पर depend ना हो, इसे de-dollarization की तरफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है,
05:04और इसलिए US बॉखलाया हुआ है, इसके अलावा global security challenges और एक multipolar world order,
05:11यानि एक ऐसी दुनिया, जहां सिरफ किसी एक superpower की मर्जी ना चले, उस पर भी इस summit में मोहर
05:17लगने वाली है.
05:18भारत इस पूरे सिनारियों में एक bridge यानि एक pull का काम कर रहा है, जो west के साथ भी
05:23अपने रिष्टे निभा रहा है,
05:24और रशिया के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को भी कमजोर नहीं होने दे रहा,
05:29यानि दर्शको हम यॉरप और अमरीका से दोस्ती भी बना रहे हैं, पर जो सच्चा गहरा और आजमाया हुआ दोस्त
05:36है रशिया, उसके साथ दोस्ती को तोड़ भी नहीं रहे,
05:39तेल और एकॉनिमी के अलावा तीसरा सबसे बड़ा पिलर है डिफेंस, भारत की मिलिटरी आज भी काफी हद तक रशिय
05:45और रिजन के हत्यारों और स्पेर पार्ट्स पर निर्भर है, यानि दर्शको जंग का जादातर समान जो हमारे पास है,
05:52वो रशिया की ही बदौलत है,
05:53और इस विजिट के दौरान कई लॉंग डर्म डिफेंस एग्रीमेंट्स को आगे बढ़ाया जाएगा, एशियन रीजन में चाइना के बढ़ते
06:00प्रभाव को देखते हुए, भारत के लिए रशिया के साथ जियो पॉलिटिकल अलाइनमेंट बनाए रखना भी बहुत जरू
06:23दिप्लोमाटिक विजिट नहीं है, ये एक स्टेटमेंट है, ये दुनिया को दिखाता है कि ग्लोबल प्रेशर के बावजूद भारत अपनी
06:29फॉरिन पॉलिसी को डिक्टेट होने नहीं देगा, भारत हमेशा प्राथमिक्ता अपने राष्ट्र हितों को देगा, क्या रश
06:53सप्टेंबर और 13 सप्टेंबर को नई दिल्ली में जो फैसले होंगे, उनकी गूंज वाशिंग्टन से लेकर मॉस्को और बीजिन तक
07:00सुनाई देगी, इस पूरी कहानी पर आपकी क्या राए है, क्या भारत का रशिया के साथ खड़ा रहना सई फैसला
07:06है, कमेंट करके हमें
07:07ज़रूर बताईएगा, अब देख रहे हैं One India, मैं हुआ कुर्श कॉशिक
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