Skip to playerSkip to main content
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भारत दौरे का ऐलान कर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है।Global Oil Crisis और पश्चिमी देशों के दबाव के बीच Russia और India की दोस्ती फिर चर्चा में है।इस दौरे में BRICS को और मज़बूत बनाने पर बड़ा फोकस रहने वाला है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक Energy Security, Crude Oil Supply और Trade Deals पर अहम बातचीत हो सकती है।भारत लगातार सस्ते Russian Oil की खरीद जारी रखे हुए है।ऐसे में Putin का भारत आना कई देशों के लिए बड़ा geopolitical संदेश माना जा रहा है।क्या इस मुलाकात से Dollar Dominance को चुनौती मिलेगी?क्या BRICS देशों का गठबंधन और ताकतवर बनने वाला है?
जानिए इस वीडियो में India-Russia Friendship और Oil Politics का पूरा विश्लेषण।

Russian President Vladimir Putin has announced his upcoming visit to India, drawing global attention amid the ongoing oil crisis.At a time when global powers are divided over energy and trade, India and Russia continue to strengthen their partnership.The visit is expected to focus heavily on strengthening the BRICS alliance.Key discussions may include crude oil supply, energy security, trade cooperation, and strategic partnerships.India has continued purchasing discounted Russian oil despite Western pressure.Putin’s India visit is also being seen as a strong geopolitical message to the US and Europe.Experts believe BRICS nations could push for stronger economic independence in the coming years.The meeting may reshape global energy and diplomatic equations.Watch this video for a complete breakdown of India-Russia relations and the global oil game.

#Putin #IndiaRussia #BRICS #RussianOil #OilCrisis #PMModi #VladimirPutin #IndiaNews #Geopolitics

~PR.512~HT.408~ED.276~GR.506~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:00आज के सवाल ने पूरी दुनिया और खास घर के डॉनल्ड ट्रम्प को हिला कर रख दिया है क्या भारत
00:07का पुराना दोस्त रशिया एक बार फिर भारत को एक बड़े ग्लोबल ओयल क्राइसिस से बचाने आ रहा है और
00:15क्या सिप्टेंबर में होने वाली एक बड़ी मुलाकात
00:18वेस्टन कांट्रीज यानि पश्चमी देशों की नींदे उणाने वाली है क्योंकि भाईया अब ये दशक पश्चमी देशों का खतम हो
00:28चुका है और अब इस्टन कांट्रीज पूरी दुनिया पर राज करने वाली है
00:33क्रेमलिन ने ओफिशली कनफर्म कर दिया है कि रशियन प्रेजिडेंट व्लाडमिर पूटिन इस साल यानि 12 और 13 सेप्टेंबर को
00:41नई दिल ली आ रहे हैं मौका है ब्रिक सम्मिट का लेकिन ये सिरफ एक नॉमल सम्मिट नहीं है एक
00:48साल के अंदर पूतिन का ये दूसरा भ
01:03पूतिन का बार-बार भारत आना और पी-म नरेंद्रो मोदी से हाथ मिलाना अपने आप में वाशिंग्टन और यॉरप
01:09के लिए बहुत बड़ा मेसेज है तो आज की इस एपिसोड में हम इस पूरी इंस्टाइट स्टोरी को डिकोड करेंगे
01:15कि आखिर इस दौरे के पीचे
01:16असलीम मास्टर प्लान क्या है बहिया सबसे पहले तो आपको बैकड्रॉप देते हैं रशिया और भारत की गहरी दोस्ती के
01:23बारे में बताते हैं कहानी को थोड़ा पीचे से समझे भारत और रशिया के बीच एक अन्विल समिट मेकानिजम है
01:30यानि हर साल दोनों देशों के �
01:32अपस में बिलते हैं और अपनी स्ट्राटेजी को रिव्यू करते हैं पिछले साल डिसेंबर दोहजार पच्चिस में जब पूतिन भारत
01:39आये थे तो वो 2022 में युक्रेन वार शुरू होने के बाद उनका पहला ओफिशियल इंडियन विजिट था उससे पहले
01:45वो 2021 में आये �
01:59रशिया के फॉरिन मिनिस्टर सेजाई लवरॉफ भी मे 14 और 15 को दिल ली आये थे जहां उन्होंने हमारे एक्स्टरनल
02:06अफैर्ज मिनिस्टर एस जैशंकर के साथ मिलकर इस बड़े खेल की पूरी ग्राउंड को तैयार कर दिया था यानि भाया
02:13उन्होंने पूतिन और मोदी
02:15के मिलने से पहले की सारी बेसिक टॉक्स कंप्लीट कर ली थी अब आते हैं उस सबसे बड़े मुद्दे पर
02:22जिसकी चर्चा इस वक्त हेडलाइन में है ओईल क्राइसिस में साथ देने आ रहा है हमारा पुराना दोस्त जब से
02:29युक्रेइन वार शुरू हुआ है अमेरिक और
02:43पर रखा है भारत में रश्या से डिसकांटे रेट पर कुड़ खरीदा है और खरीदना जारी भी रखना चाहते हैं
02:50जिसने भारतिये कंजुमर्स को एक बहुत बड़े डिमेस्टिक ओयल क्राइसिस से बचा के रखा हुआ है
02:56Regarding American waiver on Russia, I will like to emphasize that we have been purchasing from Russia earlier and we,
03:05I mean, before waiver also, during waiver also and now also.
03:09So, it is basically the commercial sense which should be there for us to purchase, I mean, for OMCs to
03:16purchase.
03:17So, that's my precise answer. There is no shortage of crude. Enough crude has been tied up. Repeatedly, I have
03:25told you.
03:25And this, whatever waiver or no waiver, it will not affect. It shall not affect our supplies and all efforts
03:32have been taken to that effect.
03:35लिकिन दिक्कत कहां आ रही है? दिक्कत आ रही है payment और settlement में.
03:39क्योंकि Russia को international payment system जैसे SWIFT से बाहर कर दिया गया है.
03:44इसलिए भारत और रशिया के बीच, तेल का business किस currency में हो? ये एक बड़ा सरदर्द बना हुआ है.
03:49कभी रूपी रूबेल में trade की बात होती है, तो कभी UAE की दिरम की मदद ली जाती है.
03:55पूतिन के इस दोरे का सबसे वड़ा agenda ये है, कि crude oil import को stabilize किया जाए,
04:01और payment के ऐसे रास्ते निकाले जाए, जो western sanctions के दाएरे में नहीं आते.
04:05अगर पूतिन और मोदी मिलकर इस payment deadlock को पूरी तरह सुलजा लेते हैं,
04:10तो भारत के लिए आने वाले सालों में भी सस्ता और सुरक्षित तेल का रास्ता साफ हो जाएगा.
04:16चाहे US इरान से जंग करता रहे, चाहे state of hormones बंद भी हो जाए,
04:21फिर भी एक particular amount of तेल हमारे पास securely पहुँच जाएगा.
04:26अब दर्शको, western dominance को सीधी चुनातीज बार,
04:29पूतिन किसी आम bilateral दोरे पर नहीं दे रहे, बलकि BRICS summit के लिए आ रहे हैं.
04:35BRICS यानि Brazil, Russia, भारत, चाइना और South Africa,
04:38जिसमें अब कई और emerging economies भी जुड़ चुकी हैं.
04:42और इस summit का जो main focus है, वो सीधा अमेरिका के वर्चस्व को चुनाती देना है.
04:48पूतिन का सबसे बड़ा गोल है, alternative international payment system का creation.
04:53रशिया चाहता है कि BRICS देश मिलकर, एक ऐसा नया payment network तयार करें,
04:58जो dollar पर depend ना हो, इसे de-dollarization की तरफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है,
05:04और इसलिए US बॉखलाया हुआ है, इसके अलावा global security challenges और एक multipolar world order,
05:11यानि एक ऐसी दुनिया, जहां सिरफ किसी एक superpower की मर्जी ना चले, उस पर भी इस summit में मोहर
05:17लगने वाली है.
05:18भारत इस पूरे सिनारियों में एक bridge यानि एक pull का काम कर रहा है, जो west के साथ भी
05:23अपने रिष्टे निभा रहा है,
05:24और रशिया के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को भी कमजोर नहीं होने दे रहा,
05:29यानि दर्शको हम यॉरप और अमरीका से दोस्ती भी बना रहे हैं, पर जो सच्चा गहरा और आजमाया हुआ दोस्त
05:36है रशिया, उसके साथ दोस्ती को तोड़ भी नहीं रहे,
05:39तेल और एकॉनिमी के अलावा तीसरा सबसे बड़ा पिलर है डिफेंस, भारत की मिलिटरी आज भी काफी हद तक रशिय
05:45और रिजन के हत्यारों और स्पेर पार्ट्स पर निर्भर है, यानि दर्शको जंग का जादातर समान जो हमारे पास है,
05:52वो रशिया की ही बदौलत है,
05:53और इस विजिट के दौरान कई लॉंग डर्म डिफेंस एग्रीमेंट्स को आगे बढ़ाया जाएगा, एशियन रीजन में चाइना के बढ़ते
06:00प्रभाव को देखते हुए, भारत के लिए रशिया के साथ जियो पॉलिटिकल अलाइनमेंट बनाए रखना भी बहुत जरू
06:23दिप्लोमाटिक विजिट नहीं है, ये एक स्टेटमेंट है, ये दुनिया को दिखाता है कि ग्लोबल प्रेशर के बावजूद भारत अपनी
06:29फॉरिन पॉलिसी को डिक्टेट होने नहीं देगा, भारत हमेशा प्राथमिक्ता अपने राष्ट्र हितों को देगा, क्या रश
06:53सप्टेंबर और 13 सप्टेंबर को नई दिल्ली में जो फैसले होंगे, उनकी गूंज वाशिंग्टन से लेकर मॉस्को और बीजिन तक
07:00सुनाई देगी, इस पूरी कहानी पर आपकी क्या राए है, क्या भारत का रशिया के साथ खड़ा रहना सई फैसला
07:06है, कमेंट करके हमें
07:07ज़रूर बताईएगा, अब देख रहे हैं One India, मैं हुआ कुर्श कॉशिक
Comments

Recommended